
जयपुर | : बजरंगबली की जाति वाले बयान को लेकर विवाद थमता नहीं दिख रहा है. राजस्थान कांग्रेस के नेता और सर्व ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित सुरेश मिश्रा ने योगी आदित्यनाथ के इस बयान के बाद उन्हें नोटिस भिजवाया है.
अपने वकील के माध्यम से भेजे नोटिस में सुरेश मिश्रा ने कहा है कि बजरंगबली की पूजा पूरे विश्व भर में होती है, उनके प्रति पूरे हिंदू समाज की गहरी आस्था है. ऐसे में उन्हें दलित बताकर जातिगत सियासत का कार्ड खेलना बेहद शर्मनाक है. इससे हिंदू समाज की भावनाएं आहत हुई हैं. पंडित सुरेश मिश्रा ने योगी आदित्यनाथ से इस मामले में माफी मांगने को कहा है, साथ ही कहा है कि अगर 3 दिनों के भीतर माफी नहीं मांगी जाती है तो फिर वह कानूनी कदम उठाएंगे.
जिसके बाद अब बजरंगबली की जाति के मुद्दे पर पहले से सियासत और तेज हो गई है. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बजरंगबली को दलित और वनवासी कहने पर कांग्रेस नेताओं ने भी कड़ा एतराज जताया था. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद प्रमोद तिवारी ने पीसीसी में बुधवार को प्रेस वार्ता के दौरान कहा था कि भाजपा अभी तक इंसान को बांटने का काम कर रही थी, लेकिन अब यह भगवान को भी जाति में बांट रहे हैं. तिवारी ने कहा कि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने छत्तीसगढ़ में सभा में बजरंगबली को आदिवासी तो राजस्थान में बजरंगबली को दलित कह रहे हैं. इससे साफ पता चलता है कि बीजेपी वैचारिक स्तर किस हद तक गिर चुकी है.
आपको बता दें कि, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव संगठन एवं पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर उनके बयानों को लेकर हमला बोला था. उन्होंने शाह पर गुंडागर्दी सिखाने का आरोप लगाया था. अशोक गहलोत ने कहा था कि, शाह ने अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि यदि कोई कांग्रेसी या फिर कार्यकर्ता वोट मांगने आए तो उसका गिरेबान पकड़ लेना. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह की भाषा सही नहीं है.
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