
शाहजहांपुर : फिल्मों के जरिये लोगों को हंसाने वाले अभिनेता राजपाल यादव ने शु्क्रवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस करके चेक बाउंस मामले में दोषी ठहराए जाने के मामले में सफाई दी. उन्होंने कहा कि उन्हें पूर्व सपा सांसद और एक उद्यमी ने साजिश के तहत फंसाया है. उन्होंने चेक बाउंस मामले में दिल्ली की कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने पर कहा कि वह फैसले को बड़ी अदालत में चुनौती देंगे. बता दें कि दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में छह महीने की सजा सुनाई थी. हालांकि सजा सुनाए जाने के बाद कोर्ट ने उन्हें साढ़े तीन लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी थी. कोर्ट ने उन पर 11 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया. राजपाल पर एक फिल्म के लिए एक कंपनी से पांच करोड़ रुपये उधार लेकर उसे वापस न करने का आरोप है.
अभिनेता राजपाल यादव ने शुक्रवार को शाहजहांपुर के आर्य महिला डिग्री कॉलेज सभागार में प्रेस कांफ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने कहा कि वह कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं. राजपाल यादव गुस्से में भी दिखाई दिए. राजपाल यादव ने कहा कि फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए 2012 में शाहजहांपुर के उद्योगपति माधौगोपाल अग्रवाल और पूर्व सपा सांसद मिथिलेश कुमार ने उन्हें फिल्म हिस्सेदारी के लिए पांच करोड़ रुपये लगाए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों ने एक मीटिंग के दौरान धोखे से एक एग्रीमेंट पर उनके हस्ताक्षर करवा लिए. उनका आरोप है कि उद्योगपति और और पूर्व सांसद ने मिलकर उन्हें साजिश के तहत फंसाया.
अभिनेता राजपाल यादव ने कहा कि इस मामले में उनका पांच साल का करियर बर्बाद हो गया. पांच करोड़ के लिए उनके पचास लाख मिट्टी में मिल गए. उनका कहना है कि वह एक गतिमान पुरुष हैं. उन्होंने अपनी जिन्दगी का सफर एक बाल मजदूर से शुरू किया था. उनका कहना है कि जिन्दगी में अगर फूल है तो कांटों का भी स्वागत करते हैं. फिल्म फ्लॉप होने और कोर्ट द्वारा दोषी करार देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि राजपाल यादव कभी फ्लॉप नहीं हो सकता और जिन्दगी भर फिल्मों के जरिए लोगों को हंसाता रहेगा. यौन उत्पीड़न के मामले में आसाराम को उम्रकैद की सजा पर उन्होंने कहा कि वह शाहजहांपुर की बिटिया को दिल से सलाम करते हैं. क्योंकि इस बिटिया ने दुराचारी को सबक सिखाकर महिलाओं को एक संदेश दिया है कि गंदी मानसिकता वालों को बक्शा नहीं जा सकता.
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