प्रदेश के सभी 154 औद्योगिक क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं हेतु बेहतर विकास कार्य किये जा रहे हैं
भूमि बैंक तैयार कर , निवेशकों हेतु भूमि आवंटन एवं अन्य सुविधाओं हेतु सभी सर्विसेस को ऑनलाइन किया गया

लखनऊ | उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने एवं अगले 5 वर्षों में 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के राज्य के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा तेजी से नवीन नीतियां बनाकर अग्रणी कार्य किया जा रहा है। जिसके परिणामस्वरूप निवेशकों द्वारा यूपीजीआइएस-2023 में हर क्षेत्र में बढ़ चढ़कर निवेश किये जाने हेतु प्रदेश सरकार के साथ 33 लाख करोड़ से अधिक एमओयू हस्ताक्षरित किये गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में यूपीसीडा द्वारा पूरे राज्य में औद्योगीकरण को बढ़ावा दिए जाने हेतु लगातार प्रयासरत है । प्राधिकरण द्वारा लगातार भूमि बैंक तैयार कर , निवेशकों हेतु भूमि आवंटन एवं अन्य सुविधाओं हेतु सभी सर्विसेस को ऑनलाइन किया गया है तथा प्रदेश के सभी 154 औद्योगिक क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं हेतु बेहतर विकास कार्य किये जा रहे हैं , विभाग द्वारा किये जा रहे बेहतर विकास कार्यों एवं समय से भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित किये जाने फलस्वरूप औद्योगिक इकाईयों के स्थापना हेतु परिणाम प्राप्त होने शुरू हो चुकें है।
यूपी सीडा सीईओ मयूर महेश्वरी ने बताया कि प्राधिकरण द्वारा प्रदेश के सभी औद्योगिक क्षेत्रों में रिकॉर्ड तोड़ गत वर्ष 2022-23 में विगत 5 वर्षों की तुलना में 184 प्रतिशत से अधिक 1148 इकाइयों को समयबद्ध उत्पादन में लाने एवं धरातल पर उतारने हेतु कार्य किया गया है , प्राधिकरण की सेवाएं ऑनलाइन किये जाने एवं निवेशकों हेतु नीतियों को सरल किये जाने के फलस्वरूप परिणाम प्राप्त हुए हैं।
प्रदेश में जंहा पहले 400 से 500 इकाईयां प्रत्येक वर्ष में उत्पादन में आती थी वंही आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरगामी सोच एवं प्रदेश में औद्योगिक परिवेश को बढ़ाये जाने तथा रोजगार उपलब्ध कराये जाने के संकल्प को गति दिए जाने हेतु यूपीसीडा द्वारा प्रदेश के विभन्न जनपदों में उद्योग स्थापना का कार्य किया गया है। उसीके परिणाम स्वरुप पिछले पांच वर्षों में, उत्पादन इकाइयों की संख्या में 184 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो वित्त वर्ष 2018-19 में 403 से बढ़कर वित्त वर्ष 2022-23 में 1148 हो गई है।
सीईओ मयूर महेश्वरी ने बताया कि इस अवधि के दौरान उत्पादन में आने वाली कुछ प्रमुख इकाइयों में बर्जर पेंट्स – हरदोई, हिंदुस्तान यूनीलीवर लिमिटेड – हमीरपुर, पेप्सीकोे – मथुरा, एसएलएमजी (कोका कोला) – बाराबंकी, ऑर्गेनिक इंडिया – बाराबंकी, गोदरेज एग्रोवेट – बाराबंकी, ग्रीन प्लाई – हरदोई, फॉरएवर डिस्टलरी-गोरखपुर, लिंक्लॉक-अलीगढ आदि शामिल हैं। प्राधिकरण द्वारा बताया गया कि अन्य जनपदों में भी प्रमुख इकाईयां का लगातार निर्माण कार्य प्रगति पर है जिसे जल्द ही धरातल पर लाने का कार्य पूर्ण कर लिया जायेगा इनमे मुख्यता अमूल-वाराणसी , वरुण बेवरेजेज( पेप्सी)-अमेठी , प्रयागराज एवं चित्रकूट , एसएलएमजी (कोका-कोला)-अमेठी ,एबी मौरी-पीलीभीत , डेरी क्राफ्ट-बरेली , आइनॉक्स (ऑक्सीजन प्लांट )-रायबरेली, आईटीसी एवं हल्दीराम -हरदोई इत्यादि इकाईयां हैं।
रिकॉर्ड तोड़ इकाईयों के धरातल पर आने का कारण यह है कि प्राधिकरण द्वारा सरल नीति , ऑनलाइन भूमि की उपलब्धता एवं बेहतर अवस्थापना सुविधाओं को उपलब्ध कराये जाने के फलस्वरूप यूपीसीडा पिछले कुछ वर्षों में मेगा निवेशकों के लिए अग्रणी गंतव्य बन गया है । पिछले 6 वर्षों में, यूपीसीडा में वर्ष-वार निवेश में 277 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिसमें वर्ष-वार रोजगार सृजन के संदर्भ में 200 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
सीईओ मयूर महेश्वरी ने बताया कि प्रमुख निवेशकों जैसे की वरुण पेय पदार्थों ने 2328 करोड़ रुपये (3 यूनिट), एबी मौरी ने 1100 करोड़ रुपये का निवेश किया, एसएलएमजी ने 700 करोड़ रुपये का निवेश किया, बेस्टब्रू एलोकोबेव ने 516 करोड़ रुपये का निवेश किया, मैपी ने 250 करोड़ रुपये का निवेश किया। प्राधिकरण द्वारा प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों में भी निवेश उपलब्ध कराये जाने का कार्य किया जा रहा है वर्ष 2022-23 में प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में 2600 करोड़ , बुंदेलखंड में 635 करोड़ , पश्चिमांचल में 1750 करोड़ एवं मध्यांचल में 300 करोड़ से अधिक का निवेश भूमि आवंटन से प्राप्त किया गया जिसमे 23000 से अधिक का रोजगार प्रदेश को प्राप्त होगा।
https://rashtriyadinmaan.com
