
नई दिल्ली: जनता दल-यूनाइटेड (जेडीयू) के बीजेपी के साथ बिहार में सरकार के गठन के नीतीश कुमार के फैसले के खिलाफ पार्टी में बगावत के सुर उभरने लगे हैं. नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण समारोह में पार्टी के वरिष्ठ नेता शरद यादव मौजूद नहीं थे जो कि चर्चा का विषय रहा. अब जेडीयू के राज्यसभा सांसद वीरेंद्र कुमार ने साफ कहा है कि वे एनडीए को समर्थन नहीं देंगे और उन्हें यदि इसके लिए बाध्य किया गया तो वे इस्तीफा दे देंगे.
जेडीयू के सांसद वीरेंद्र कुमार ने कहा है कि वे एनडीए को समर्थन नहीं देंगे. उन्होंने कहा है कि वे नीतीश कुमार के फैसले से खुश नहीं हैं. वे एनडीए को समर्थन देने के व्हिप का पालन नहीं करेंगे. उन्होंने कहा है कि यदि उन्हें एनडीए को समर्थन देने के लिए बाध्य किया जाएगा तो वे इस्तीफा दे देंगे.
वीरेंद्र कुमार ने कहा है कि पार्टी की केरल इकाई नीतीश कुमार के फैसले के समर्थन में नहीं है. उनका कहना है कि वे गुरुवार को शाम 5 बजे शरद यादव से मुलाकात करेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे.
गुरुवार को नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण समारोह में जदयू के वरिष्ठ नेता शरद यादव की गैर मौजूदगी चर्चा का विषय रही. कल से जारी बिहार के सियासी ड्रामे के बीच शरद यादव की चुप्पी काबिले गौर रही. सूत्रों के मुताबिक नीतीश कुमार के एनडीए में जाने से शरद यादव नाराज बताए जा रहे हैं. शायद यही वजह रही कि नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के लिए शरद यादव पटना नहीं पहुंचे और दिल्ली में ही मौजूद रहे. उनके अलावा जदयू के सांसद अली अनवर और वीरेंद्र कुमार भी नीतीश के कदम से नाराज बताए जा रहे हैं. गुरुवार को शाम पांच बजे शरद यादव के घर इन नाराज नेताओं की बैठक होने जा रही है.
गौरतलब है कि बुधवार को नीतीश कुमार के इस्तीफे के साथ बिहार में महागठबंधन की सरकार खात्मा हो गया. इसके तत्काल बाद नीतीश कुमार को बीजेपी का साथ मिल गया और उन्होंने गुरुवार को सुबह 10 बजे दोबारा मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली. वहीं सुशील मोदी ने डिप्टी सीएम की शपथ ली. शपथ ग्रहण के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि ”मैंने बिहार के हित में फैसला लिया है. मेरी जवाबदेही बिहार के प्रति है. वक्त आने पर सबको जवाब दूंगा.”
https://rashtriyadinmaan.com
