सड़क सुरक्षा को लोग अपनी जीवन शैली में उतारें: के0 रविन्द्र नायक


 

a65a007c58e906d5870e6affa7eb0b32_Mलखनऊ: प्रदेश के नागरिक सड़क सुरक्षा तथा यातायात नियमों के पालन को अपनी दिन प्रतिदिन की जीवन शैली में उतार ले, तो सड़क दुर्घटनाओं में हो रही लोगों की आसामयिक मौतों को रोका जा सकता हैं। सड़क दुर्घटनाओं की अपूर्णीय क्षति से किसी न किसी परिवार, समाज तथा देश को नुकसान हो रहा है। यह बात परिवहन आयुक्त श्री के0 रविन्द्र नायक ने आज यहा शहीद स्मारक से गाॅधी प्रतिमा स्थल तक परिवहन विभाग द्वारा 27वें सड़क सुरक्षा सप्ताह के अन्तिम दिन आयोजित ‘वाकाॅथन‘ मार्च में कहीं।

श्री नायक ने ‘वाकाॅथन‘ मार्च का शुभारम्भ शहीद स्मारक से हरी झण्डी दिखाकर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लोग यातायात नियमों का पालन न करके अपने जीवन के साथ-साथ दूसरे के जीवन के लिए भी खतरा बन जाते हंै। पूरे प्रदेश में इन आसामयिक मौतांे को रोकने के लिए प्रदेश के सभी नागरिकों का सहयोग जरूरी है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा को लोग अपनाकर खुद सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षित रखंे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रतिवर्ष लगभग 16000 तथा देशभर में 1.40 लाख लोगों की मौत सड़क दुर्घटना में हो जाती है। मरने वाले किसी परिवार के कमाऊ पुत्र या मुखिया होते हैं। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग इन मौतों को रोकने के लिए यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए आगे भी लगातार इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम प्रदेश भर में आयोजित करता रहेगा।

वाकॅाथन मार्च में आरटीओ लखनऊ सगीर अहमद अंसारी ने लखनऊवासियों से नष्ट होते जीवन की रक्षा के लिए यातायात नियमों के पालन में आगे आने की अपील की। आरटीओ (प्रवर्तन) लक्ष्मीकांत मिश्र ने शहरवासियों एवं वाहन चालकांे से यातायात नियमों का पालन कर लखनऊवासियों के हित में बहुमूल्य जीवन को हरहाल में बचाने की अपील की। वाकाॅथन के दौरान एआरटीओ श्रीमती ऋतु सिंह ने लखनऊवासियों से अपील की कि लखनऊवासी सड़क सुरक्षा, जीवन की रक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन करें तथा इसे अपनी जीवन शैली में उतारें ताकि लखनऊ शहर जैसे अपनी तहजीब एवं गंगा-जमुनी संस्कृति के लिए पूरे देश एवं प्रदेश में जाना जाता है, उसी प्रकार लखनऊवासियों के रोड सेफ्टी सेंन्स के रूप में भी पूरे देश में जाना जाये। उन्होंने कहा कि पूरे देश में यह संदेश जाये कि लखनऊवासी सड़क का अच्छी तरह से प्रयोग करते हैं और इसके साथ लखनऊ शहर सुखद यातायात के लिए उदाहरण स्वरूप पूरे प्रदेश एवं देश में मिशाल बनें। इस अवसर पर एआरटीओ श्री अरविन्द कुमार त्रिवेदी ने शहरवासियों, वाहन चालकों तथा सड़क के अन्य उपयोगकर्ताओं से सड़क पर सुरक्षित सफर के लिए अपने तथा दूसरे का जीवन सुरक्षित रखने हेतु यातायात नियमों का पूरी संवेदनशीलता के साथ पालन करने की अपील की। वाकाॅथन के दौरान भोजपुरी कवि व समाजसेवी श्री कृष्णा नन्द राय ने सड़क दुर्घटना से बचने के लिए यातायात जागरूकता हेतु एक दोहा ‘गति धीमी कर लीजिए जहां कहीं हो मोड,़ सड़क सुरक्षा भाग्य पर नहीं दीजिए छोड़‘ ‘मार्ग पर गाड़ी धीमी चलावे सदा, मार्ग पर घर का चिराग चल रहा है‘ पेश किया ।

प्रदेश में 27वां सड़क सुरक्षा सप्ताह 10 जनवरी से 16 जनवरी तक इस बार ‘रोड सेफ्टी-टाइम फाॅर एक्शन‘ थीम पर मनाया गया। इस दौरान पूरे प्रदेश में वाहन चालकों तथा नागरिकों को जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गये। इस दौरान प्रदेश भर में परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात न करने, सीट बेल्ट का उपयोग करने, हेलमेट का प्रयोग करने, 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को वाहन न चलाने देने, नशा करके गाड़ी न चलाने, वैध लाइसेंस के साथ गाड़ी चलाने, सड़क पार करने के लिए जेब्रा क्रासिंग का प्रयोग करने, रात्रि में डिपर का प्रयोग करने तथा तेज गति से गाड़ी न चलाने की अपील की गयी ।

वाकाथन मार्च में स्कूल-काॅलेजों के बच्चे, लखनऊवासी, परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ उत्तम प्रदेश सर्वोत्तम भारत देश ट्रस्ट के स्वयंसेवकों ने भाग लेकर मार्च को सफलता पूर्वक आयोजित कर शहरवासियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया। लोगों को जागरूक करने के लिए बच्चें यातायात नियम सम्बन्धी होर्डिंग्स लिए हुए थे। इस दौरान वाहन चालकों तथा लोगों को सड़क सुरक्षा सम्बन्धी यातायात के निशान, वाहन सम्बन्धी नियम तथा यातायात के नियमों के पैम्फैलेट्स बांटे गये तथा स्लोगन के साथ लोगों को जागरूक किया गया।

वाकाथन मार्च में राज्य परिवहन अपीलीय अधिकारी डा0 राजेन्द्र प्रसाद, अपर परिवहन आयुक्त गंगाफल, एसटीए सचिव अनिल कुमार मिश्र, उप परिवहन आयुक्त ए0के0 पाण्डेय के साथ अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।


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