मिस्र के सिनाई प्रायद्वीप में रूसी एयरबेस विमान दुर्घटना की आज अंतरराष्ट्रीय जांचकर्ताओं ने जांच शुरू कर दी। इस्लामिक स्टेट से संबद्ध एक समूह द्वारा इस विमान को गिराने के दावों के बीच इस विमान से प्राप्त ब्लैक बॉक्स को बरामद कर जांच के लिए भेज दिया गया है। इस घटना में विमान में सवार सभी 224 लोग मारे गए।
मिस्र में इस्लामिक स्टेट से संबद्ध एक समूह ने दावा किया है कि उसने इस विमान को सिनाई प्रायद्वीप के पहाड़ी क्षेत्रों में गिरा दिया था, लेकिन काहिरा और मॉस्को दोनों ने इस दावे को खारिज कर दिया। इस समूह ने सिनाई में काफी तबाही मचाई हुई है।
मिस्र के प्रधानमंत्री शरीफ इस्माइल ने कहा कि विशेषज्ञों ने इस बात की पुष्टि की है कि आतंकी 30,000 फुट की उंचाई पर उड़ान भर रहे विमान को नहीं गिरा सकते। वहीं रूस के यातायात मंत्री मैक्सिम सोकोलोव ने कहा कि इन दावों को सही नहीं माना जा सकता।
मिस्र की सेना के प्रवक्ता मोहम्मद समीर ने भी इस दावे को खारिज कर दिया और कहा, वह (आईएस) जो कहना चाहे कह सकता है, लेकिन अभी तक उसके इस दावे का कोई सबूत नहीं है। हम सभी को सही कारण के बारे में तब ज्ञात हो जाएगा, जब सिविल एविएशन अथॉरिटी, रूस की मदद से अपनी जांच पूरी कर लेगी। लेकिन सेना को उसके (आईएस) दावे में कोई सच्चाई नजर नहीं आती।
पिछले दशक की कुछ सबसे भयानक एयरबस दुर्घटनाओं में से एक इस दुर्घटना की मिस्र के नेतृत्व वाली जांच में रूस और फ्रांस के जांचकर्ता भी शामिल हो गए हैं। इसमें इस विमान कंपनी के भी जांचकर्ता शामिल हो गए हैं। कंपनी का मुख्यालय फ्रांस में हैं। अधिकारियों ने बताया कि विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है और इसे आकलन के लिए भेज दिया गया है।
जांचकर्ताओं ने कहा कि वह रूस के समारा में अंतिम बार ईंधन भराने वाली जगह से ईंधन के नमूनों की जांच कर रहे हैं। जांचकर्ता इस बात को ध्यान में रखकर जांच कर रहे हैं कि क्या किसी तकनीकी खराबी के कारण यह 18 साल पुराना विमान दुर्घटना का शिकार हो गया, जिसमें बच्चों सहित 217 यात्री और चालक दल के सात सदस्यों की मौत हो गई।
एक प्रवक्ता ने बताया कि जांचकर्ता विमान को तैयार करने में शामिल और उसके क्रू के लोगों से पूछताछ कर रहे हैं। इसके अलावा मॉस्को के दोमोदेदोवो हवाईअड्डे पर तलाशी कर रहे हैं जहां पर यह विमान सेवा कंपनी आधारित है। उड़ान और उसकी तैयारी के नियमों के उल्लंघन के चलते कोगलीमाविया विमान सेवा कंपनी के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज कर लिया गया है।
मेट्रोजेट के नाम से जानी जाने वाली कंपनी कोगलीमाविया ने रूसी संवाद समिति रिया नोवोस्टी से कहा कि इस त्रासदी को मानवीय भूल बताए जाने के आरोपों का कोई आधार नहीं है। 48 वर्षीय कैप्टन वालेरी नेमोव को 3,682 घंटे उड़ान भरने का अनुभव था। रूस में विमान के सह-पायलट की पत्नी ने कहा कि उनके पति ने विमान की हालत के बारे में शिकायत की थी।
मिस्र के प्रधानमंत्री ने इस्लामिक स्टेट के दावे को खारिज करते हुए दुर्घटना के पीछे तकनीकी कारण होने की बात कही है। हालांकि तीन विमान सेवा कंपनी एमिरेटस, एयर फ्रांस और लुफ्तांसा ने अधिक जानकारी उपलब्ध ना होने तक सिनाई प्रायद्वीप के उपर उड़ान नहीं भरने का निर्णय लिया है।
मरने वालों में 214 यात्री रूस के थे और तीन यूक्रेन के नागरिक थे। शर्म अल-शेख से रूसी शहर सेंट पीटर्सबर्ग के लिए उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही कल तड़के सुबह कोगलीमाविया एयरबस ए-321 दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
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