शिया-सुन्नी विवाद में ताज


चौपाल न्यूज नेटवर्क
Taj_Mahal-11विश्व प्रसिद्ध ताजमहल शिया और सुन्नी मुसलमानों के बीच फंस गया है। सूबे की सपा सरकार में वरिष्ठï काबीना मंत्री आजम खां ने ताजमहल को वक्फ बोर्ड को सौंपने की मांग क्या उठाई कि शिया मुसलमान उस पर अपना दावा ठोंकने को आगे आ गये। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि ताज शिया वक्फ बोर्ड को सौंपा जाये। यही नहीं, वहां मुहर्रम के दौरान मातम करने और मजलिस आयोजित करने की इजाजत भी दी जाये। उनकी दलील है कि मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी जिन बेगम मुमताज महल की याद में ताज की तामीर करवाई थी, वह शिया थीं।
इमाम-ए-रजा कमेटी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर यह मांग की है। कमेटी के अध्यक्ष सैय्यद फैयाज अहमद का कहना है कि मुमताज महल का असली नाम अर्जुमंद बानो था। उनकी 1631 में जच्चगी के दौरान मृत्यु हो गयी थी। उन्हें फौरी तौर पर बुरहानपुर में दफनाया गया था, जहां उनकी मृत्यु हुई थी। बाद में उन्हें शिया रीति रिवाज के मुताबिक आगरा में दफन किया गया था और ताजमहल बनवाया गया। ताजमहल की बायीं ओर मस्जिद है जहां नमाज अदा की गयी थी और दाहिनी ओर हाल है जहां मजलिसें होती थीं। यह एक शिया इमारत है, इस बात का पता इसकी स्थापत्य शैली से भी चलता है।


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