महाराष्ट्र में CM पद को लेकर BJP से जारी खींचतान ,शिवसेना नेताओं ने राज्यपाल से मुलाकात की


नई दिल्ली |   महाराष्ट्र (Maharashtra) में बीजेपी (BJP) और शिवसेना में 50-50 फॉर्मूले को लेकर खींचतान जारी है और सरकार गठन पर पेच फंसा है. बीजेपी और शिवसेना चुनाव तो साथ-साथ लड़े मगर अब शिवसेना ने अपने तेवर कड़े कर लिए हैं. वजह यह है कि शिवसेना ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले पर अड़ी हुई है. इस बीच शिवसेना (Shiv Sena) ने एकनाथ शिंदे को विधायक दल का नेता चुना है. आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) ने शिंदे के नाम का प्रस्ताव रखा था. शिंदे के नेतृत्व में सभी नवनिर्वाचित और सहयोगी विधायक आज राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (Bhagat Singh Koshyari) से मुलाकात की. शिवसेना विधायकों के साथ आदित्य ठाकरे भी राजभवन पहुंचे.

इससे पहले शिवसेना की मीटिंग में उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने कहा कि हमारी संख्या बल अच्छी है और सीएम पद पर हमारा हक है और हमारी ज़िद भी. उन्होंने कहा कि सीएम का पद हमेशा एक के लिए कायम नहीं रहता. बालासाहेब ठाकरे ने जिसे जो वचन दिया उसने उसका पालन किया. हम सत्ता के भूखे नहीं हैं, लेकिन बीजेपी से जो बात हुई उसका पालन होना चाहिए.

वहीं शिवसेना विधायक दल की बैठक से पहले प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि पार्टी अपनी मांग से पीछे नहीं हटी है. 50-50 के क़रार पर शिवसेना अडिग है. संजय राउत ने यह भी कहा कि 145 का नंबर है तो बीजेपी सरकार बना ले.

उधर, बीजेपी के सूत्र दावा कर रहे हैं कि महाराष्ट्र सरकार का ब्लू प्रिंट तैयार हो गया है. इसके मुताबिक महाराष्ट्र में बीजेपी-शिवसेना की साझा सरकार बनेगी और देवेंद्र फडणवीस पूरे 5 साल के लिए मुख्यमंत्री रहेंगे. वहीं, दो उपमुख्यमंत्री हो सकते हैं, जिनमें एक शिवसेना का होगा और एक बीजेपी का. सूत्रों का कहना है कि शिवसेना कुछ मलाईदार पदों की मांग कर सकती है. वो केंद्र में राज्य मंत्री का स्वतंत्र प्रभार भी मांग सकती है. हालांकि शिवसेना विधायक दल की बैठक के बाद सरकार गठन पर औपचारिक बात होगी.


Scroll To Top
Translate »