नई दिल्ली : जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) विवाद के बीच केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को जोर देकर कहा कि किसी निर्दोष को परेशान नहीं किया और किसी दोषी को ‘बख्शा नहीं जाएगा।’ गृह मंत्री ने यह बयान तब दिया जब शनिवार को कुछ ही घंटों पहले वामपंथी पार्टियों और जदयू के नेताओं ने उनसे मुलाकात कर जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी सहित अन्य छात्रों पर की जा रही पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए।
एक कार्यक्रम के इतर पत्रकारों से बातचीत में सिंह ने कहा, ‘छात्रों को परेशान करने का सवाल ही नहीं है। लेकिन दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।’ वामपंथी और जदयू नेताओं की ओर से शुक्रवार को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किए गए कन्हैया को तुरंत रिहा किए जाने की मांग के बाद गृह मंत्री ने यह भरोसा दिलाया है। संसद हमले के दोषी अफजल गुरू को फांसी की सजा के खिलाफ कथित तौर पर जेएनयू में आयोजित एक कार्यक्रम के सिलसिले में देशद्रोह के आरोप में कन्हैया को गिरफ्तार किया गया।
कन्हैया भाकपा की छात्र शाखा ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) के सदस्य हैं। सिंह ने कल उन लोगों के खिलाफ ‘कठोरतम कार्रवाई’ की चेतावनी दी थी जो जेएनयू परिसर में कथित तौर पर आयोजित कार्यक्रम में ‘भारत-विरोधी नारे’ लगा रहे थे।
उन्होंने कहा था, ‘यदि कोई भारत-विरोधी नारे लगाता है, देश की एकता एवं अखंडता पर सवालिया निशान लगाता है तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।’ गृह मंत्री से मुलाकात के बाद माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने आरोप लगाया कि जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के नए कुलपति मोदी सरकार के निर्देशों पर काम कर रहे हैं और उन्होंने ‘दमनात्मक कार्रवाई’ के लिए पुलिस को परिसर के भीतर जाने की इजाजत दे दी। येचुरी के साथ भाकपा के राष्ट्रीय सचिव डी राजा और जदयू महासचिव के सी त्यागी भी मौजूद थे।
येचुरी ने कहा, ‘यह सभी यूनिवर्सिटी में हो रहा है कि कुलपतियों को हटाया जा रहा है और सरकार ऐसे लोगों को नियुक्त कर रही है जो उनके निर्देशों पर काम कर रहे हैं।’ इस बीच, दिल्ली पुलिस के आयुक्त बी एस बस्सी ने कहा कि दिल्ली पुलिस कानून के शासन के प्रति प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित करेगी कि किसी निर्दोष को परेशान नहीं होना पड़े।
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