
लखनऊ : सपा के दो और बसपा के एक एमएलसी ने शनिवार को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. परिषद के सभापति रमेश यादव ने बताया कि सपा के बुक्कल नवाब और यशवंत सिंह तथा बसपा के ठाकुर जयवीर सिंह ने आज सदन की सदस्यता से इस्तीफे का पत्र सौंपा.
इस बीच, इस्तीफे की खबर पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि वह हाल ही में ईद पर बुक्कल नवाब से मिले थे . उन्हें इस बात पर हैरत है कि अचानक उनका (बुक्कल) हृदय परिवर्तन क्यों हो गया. उन्होंने कहा कि बिहार में बडे़ पैमाने पर राजनीतिक भ्रष्टाचार के बाद अब लगता है कि उत्तर प्रदेश में भी वैसा ही होगा . जनता देख रही है कि क्या हो रहा है . जिन्हें जाना है, जाएंगे. उन्हें रोका नहीं जा सकता.
उधर, मायावती ने कहा कि यह जगजाहिर है कि भाजपा के मुंह खून लग चुका है. ‘मणिपुर, गोवा, बिहार और फिर गुजरात के बाद अब उत्तर प्रदेश का ताजा राजनीतिक घटनाक्रम इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि मोदी सरकार ने लोकतंत्र का भविष्य खतरे में डाल दिया है.’ उन्होंने कहा, ‘उत्तर प्रदेश के गैर-भाजपा विधायकों को, जिसमें सपा के दो एमएलसी और बसपा के एक एमएलसी ठाकुर जयवीर सिंह हैं, आदि को भाजपा सरकार के आगे अपने घुटने टेकने के बजाय, भाजपा सरकार के शोषण व आतंक से हर प्रकार से मुकाबला करना चाहिये था तथा उनके आगे अपने हथियार कतई नहीं डालना चाहिये थे.’
बुक्कल नवाब ने इस्तीफे के बाद कहा कि सपा में पिछले एक साल से उनका दम घुट रहा था. अगर बुलाया गया तो वह भाजपा नेतृत्व से मिलने को तैयार हैं. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के आज राजधानी पहुंचने के दिन ही तीन विधान परिषद सदस्यों के इस्तीफे इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि भाजपा को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अपने पांच मंत्रियों की सदस्यता संबंधी फैसला लेना है. पांचों ही विधानसभा या विधान परिषद दोनों में से किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं. योगी के अलावा उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और मोहसिन रजा इस समय किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं.
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