राज्य सरकार ने महिला सशक्तीकरण, स्वरोजगार व स्वावलम्बन के लिए ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना लागू की है: मुख्यमंत्री


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फिक्की फ्लो उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान कर सकता है
लखनऊ:  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने कहा कि राज्य सरकार ने महिला सशक्तीकरण, स्वरोजगार व स्वावलम्बन के लिए ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना लागू की है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के हर जनपद में एक या उससे अधिक विशिष्ट उत्पाद मौजूद है, जिसे लगातार विकसित और परिष्कृत कर, उसमें सुधार का तथा इन उत्पादों की मैपिंग कर इनका एक अच्छा बाजार विकसित किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री  ने यह विचार आज यहां अवध शिल्प ग्राम में फिक्की लेडीज़ आॅर्गेनाइजेशन के लखनऊ-कानपुर चैप्टर द्वारा पर्यटन विभाग के सहयोग से आयोजित श्थ्स्व् प्ॅ।।थ्.18श् (इण्डियन विमेन आर्टिज़न्स अवध फेस्टिवल-2018) में व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश असीमित सम्भावनाओं वाला प्रदेश है। यहां के प्रत्येक जनपद में कोई न कोई सम्भावना मौजूद है। ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए अवध शिल्प ग्राम प्रभावी प्लेटफाॅर्म है। इस कार्यक्रम में शिरकत करने से पूर्व, अपनी लखीमपुर यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि लखीमपुर में थारू वर्ग की महिलाओं ने जूट का प्रयोग करते हुए आकर्षक और उपयोगी वस्तुओं का निर्माण किया। ऐसे विशिष्ट उत्पादों को यदि बाजार मिल जाए, तो इन उत्पादों के निर्माण से जुड़ी महिलाओं की आर्थिक दशा में काफी सुधार हो सकता है।
योगी ने कहा कि थारू महिलाओं को प्रोत्साहित करने की दृष्टि से उन्हें ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना से जोड़ते हुए अवध शिल्प ग्राम में जगह दी गयी है। ऐसे प्रयास उनके कौशल प्रदर्शन के प्रभावशाली मन्च साबित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि फिक्की फ्लो उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान कर सकता है। रेडीमेड गारमेण्ट के अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में थाईलैण्ड और बंग्लादेश के आधिपत्य का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस कार्य में इन देशों की महिलाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस माॅडल को उत्तर प्रदेश में लागू करने की आवश्यकता है। इसके लिए महिला स्वयंसेवी समूह बनाने होंगे, जो अपने-अपने जनपदों के विशिष्ट उत्पादों के निर्माण में उत्कृष्टता लाते हुए, उन्हें बाजार में हाथोंहाथ बिकने के काबिल बना सकें। यह महिला स्वयंसेवी समूह परम्परागत उत्पादों को बढ़ावा देंगे, तो उन्हें काफी लाभ होगा।
योगी  ने कहा कि राज्य सरकार व्यापक स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से प्रदेश के 60 हजार गांवों में स्टार्टअप स्थापित करने की दिशा में काम करेगी, इससे महिलाओं को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इन स्टार्टअप के स्थापित होने के उपरान्त रोजगार के बड़े अवसर सृजित होने की सम्भावना है।
मुख्यमंत्री ने फिक्की लेडीज आॅर्गेनाइज़ेशन द्वारा किये जा रहे कार्याें की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ के माध्यम से महिला हस्तशिल्पियों को बढ़ावा देते हुए उनके लिए रोजगार के नये अवसर पैदा कर सकती है। इससे इन महिलाओं के जीवन में सम्पन्नता तो आएगी ही, साथ ही उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव भी आएगा। सरकार प्रगतिशील संस्थाओं के साथ हर प्रकार का सहयोग करने के लिए तत्पर है।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए पर्यटन मंत्री श्रीमती रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि फिक्की फ्लो ने महिला हस्तशिल्पियों को प्रोत्साहित करने का काम किया है। उत्तर प्रदेश कुटीर उद्योगों में अग्रणी राज्य है। हस्तशिल्प में भी यह अन्य राज्यों से आगे है। भारत से निर्यात होने वाले हस्तशिल्पों में से 40 प्रतिशत उत्तर प्रदेश से होते हैं। ऐसे उत्पादों के निर्माण में महिलाओं की बड़ी भागीदारी होती है। कुशल जनशक्ति में महिलाओं के योगदान को नकारा नहीं जा सकता है। ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना के माध्यम से राज्य सरकार महिलाओं को हर प्रकार का सहयोग देगी।
कार्यक्रम को फिक्की फ्लो की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री वासवी भरतराम तथा फिक्की फ्लो की लखनऊ-कानपुर चैप्टर की सीनियर वाइस चेयरपर्सन सुश्री रेणुका टण्डन ने भी सम्बोधित किया।
इससे पूर्व, कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्यमंत्री  ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने महिला हस्तशिल्पियों तथा फिक्की फ्लो की पदाधिकारियों को सम्मानित भी किया। फिक्की फ्लो की ओर से मुख्यमंत्री जी को प्रशस्ति-पत्र भेंट किया गया।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में महिला हस्तशिल्पी तथा गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

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