
उधर, चिन्मयानंद ने यह कबूल किया है कि मालिश और यौन वार्तालाप समेत उनके ऊपर लगाए गए अधिकतर आरोप सही है।
एसआईटी के सामने स्वामी ने कहा था मैं शर्मिंदा हूं शाहजहांपुर। स्वामी चिन्मयानंद ने एसआईटी से पूछताछ के दौरान सारे सवालों का जवाब एक ही दिया था कि मैं शर्मिंदा हूं यह बात एसआईटी ने शुक्रवार को ही प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहीं। स्वामी के एक वाक्य के कहने से ही सब कुछ साफ हो गया और स्वामी चिन्मयानंद ने मैं शर्मिंदा हूं कहकर सब कुछ कबूल कर लिया था।
जेल में बोले चिन्मयानंद- अंग्रेजी टॉयलेट चाहिए
स्वामी चिन्मयानंद को दुराचार के आरोप में शुक्रवार को कोर्ट ने जेल भेज दिया, लेकिन जेल पहुंचते ही स्वामी ने कहा कि अंग्रेजी शौचालय यानी कमोड नहीं होने से उनको दैनिक क्रिया में दिक्कत होगी। जेल प्रशासन ने तत्काल इसकी व्यवस्था कर दी। पूर्व गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद के लिए जेल में कमोड लगाया गया।
उनके ऊपर जो धाराएं दर्ज हैं वो हैं- धारा 376, धारा 354डी, धारा 342 और धारा 506.
स्वामी पर दर्ज मुकदमे की धाराएं –
=धारा 376-सी==किसी संस्था के संरक्षक द्वारा किसी लड़की या महिला का दुराचार करना
=धारा 354-डी==किसी महिला का पीछा करना
=धारा 342==सदोष किसी महिला को रोकना
=धारा 506==आपराधिक धमकी देना
==इन सभी धाराओं में सात साल से कम की सजा बताई गई है।
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