
बसपा ने कहा जनता तय करेगी कौन विपक्ष में बैठेगा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बार फिर केंद्र से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्वाचन क्षेत्र में 24 घंटे बिजली दे रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र हमे जितना दे रहा है, उससे ज्यादा ले रहा है। सपा सरकार की जितनी भी महत्वकांक्षी योजनाएं थीं उनमें से किसी में भी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा है। उन्होंने दावा किया कि अगली सरकार समाजवादी पार्टी की ही होगी और वे ही छठी बार बजट पेश करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2012 के विधानसभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में जो वायदे किये, सपने दिखायें उन्हें जमीन पर उतारा। लैपटाप, एक्सप्रेस-वे, सरकार की जो महत्वाकांक्षी योजनाएं थी, उन्हें मूर्त रूप दिया गया। मेट्रों सपा के घोषणापत्र में नहीं थी फिर भी उस दिशा में तेजी से काम किया गया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नेता प्रतिपक्ष गयाचरण दिनकर की ओर इशारा करते हुए कहा कि बसपा के बारे में मुझे कुछ नहीं कहना है, उसके बारे में जनता सब जानती है। बसपा जाति समीकरण के आधार पर सत्ता का रास्ता देख रही हैै। बसपा ने चुनावी फायदे के लिए जो भाईचारा कमेटियां बनाईं थी उनका आज अता-पता नहीं है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष से चुटकी लेते हुए कहा कि आप इस सदन के नए नेता प्रतिपक्ष है, मौर्या जी तो दूसरे दल में चले गए और भी लोगों का दूसरे दलों में जाना जारी है। चुनाव तक यह सिलसिला चलते रहना है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की चुटकी पर नेता प्रतिपक्ष गयाचरण दिनकर ने कहा कि जनता बताएगी कि हमे विपक्ष में बैठना है कि सरकार में। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा स्वामी प्रसाद मौर्या की बसपा छोडने पर किए गए तंज पर जवाब देते हुए दिनकर ने कहा कि मौर्या केवल व्यक्ति थे, दल नहीं उनके किसी दल में जाने का मतलब यह नहीं लगाया जाना चाहिए कि पार्टी ही दूसरे दल में शामिल हो गई है। सत्र के अंतिम दिन विधानसभा अध्यक्ष द्वारा सारे दलों के नेताओं को अपनी बात सदन में रखने का अवसर दिए जाने पर भाजपा विधानमंडल दल के
नेता सुरेश खन्ना ने कहा कि यह प्रयास होना चाहिए कि सदन की कार्यवाही ज्यादा से ज्यादा दिन चले। वर्ष 1980 से पहले छोटे-छोटे मुददों पर विधानसभा में चर्चा होती थी। सरकार की सार्वजनिक वितरण प्रणाली उठाते हुए उन्होंने कहा कि बहुतों को राशन कार्ड मिल गया लेकिन राशन नहीं मिला और बहुतांे को राशन मिला तो राशन कार्ड नहीं मिला। सरकार की सार्वजनिक वितरण प्रणाली पूरी तरह से ध्वस्त है। राजनीति में विश्वसनीयता के संकट पर उन्होंने कहा कि नेताओं के प्रति जनता में विश्वास लोगों में विश्वास कम हुआ है। खन्ना ने इस बात पर भी चिंता जतायी कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के बावजूद अधिकारी आदेशों का पालन नहीं कर रहे है। कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता प्रदीप माथुर ने विधायकों के वेतन, पेंशन वृद्धि के साथ ही क्षेत्रीय विकास निधि बढाए जाने का सुझाव दिया।
इससे पूर्व विधानसभा में उप्र राज्य विधान मंडल सदस्यों की उपलब्धियां और पेंशन संशोधन विधेयक-2016 पारित हुआ और रामपुर स्थित जौहर विश्वविद्यालय का विस्तार किए जाने संबंधी उप्र राज्य विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक-2016 पारित किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय में कई संकाय बढाए जाने का प्रस्ताव है।
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