विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को लैपटॉप, आवास की प्रतीकात्मक चाभी,प्रमाण पत्र तथा डेमो चेक प्रदान किये, उद्यमी को सम्मानित किया

लखनऊ | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनपद कुशीनगर का अपना आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व है। यह जनपद हर काल खण्ड में किसी न किसी महत्वपूर्ण घटना का साक्षी रहा है। भगवान श्रीराम से जुड़ी हुई स्मृतियां आज भी यहां बांसी में लोग संजोए हुए हैं। भगवान श्रीराम मां जानकी को लेकर इसी मार्ग से होते हुए अयोध्या गये थे। भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली इसी जनपद में है। तीर्थंकर महावीर से जुड़ी स्मृतियां पावा में हैं। अपनी सर्वाधिक उपजाऊ कृषि भूमि के माध्यम से लाखों लोगों को कार्य देकर तथा विकास की प्रक्रिया को आधुनिक तरीके से आगे बढ़ाने वाले प्रगतिशील किसानों के कारण जनपद कुशीनगर की अपनी एक पहचान है। इसने भारत तथा उत्तर प्रदेश की समृद्धि में अपना योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री आज जनपद कुशीनगर में विधान सभा क्षेत्र खड्डा के विकास की 451 करोड़ रुपये की 106 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के उपरान्त इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने तहसील खड्डा के नवनिर्मित भवन का पूजन कर उद्घाटन भी किया। उन्होंने तहसील भवन का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, पी0एम0 स्वनिधि योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, कृषि विभाग, मनरेगा के लाभार्थी को लैपटॉप, आवास की प्रतीकात्मक चाभी, प्रमाण पत्र तथा डेमो चेक प्रदान किये। उन्होंने एक उद्यमी को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद कुशीनगर उनके लिए घर जैसा है। एक लम्बे समय तक यहां के लोगों के बीच रहकर काम करने तथा यहां से जुड़ी समस्याओं को नजदीक से जानने का उनका अनुभव रहा है। जो कुछ भी उन्होंने जाना एवं सीखा है, आज उसका लाभ उत्तर प्रदेश के सभी निवासियों को प्राप्त हो रहा है। जनपद कुशीनगर की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक इन्सेफेलाइटिस की समस्या थी। इसके कारण मासूम बच्चे असमय कालकवलित होते थे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में विगत 06 वर्षां में बनायी गयी कार्ययोजना का परिणाम है कि आज कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, महराजगंज या पूर्वी उत्तर प्रदेश में कोई भी मासूम, मस्तिष्क ज्वर से दम नहीं तोड़ेगा, इसकी पुख्ता व्यवस्था की गयी है। हम इस बीमारी का समूल नाश करेंगे। इसीलिए जनपद कुशीनगर में मेडिकल कॉलेज का निर्माण भी हो रहा है। पहले कुशीनगर में मेडिकल कॉलेज का निर्माण होना, एक सपना था, लेकिन आज यह हकीकत बन रहा है।
जब हमारे जनप्रतिनिधि मेहनत करते हैं, तो उसके परिणाम भी उसी प्रकार सामने आते हैं। कुशीनगर में एयरपोर्ट चालू होगा, यह सपना था। अब कुशीनगर में इण्टरनेशनल एयरपोर्ट बन गया है। कोरोना महामारी के कारण अभी फ्लाइट की संख्या सीमित है। यहां सिंगापुर, बैंकॉक, श्रीलंका, दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के साथ ही कई अरब देशों से भी कुशीनगर एयरपोर्ट को वायु सेवा से जोड़ने की मांग आयी है। देश के अन्दर अनेक जगह से मांग है। शीघ्र ही यहां से अन्तर्राष्ट्रीय उड़ानें प्रारम्भ होंगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कुशीनगर जनपद सर्वाधिक मुसहर बाहुल्य जनपदों में से एक है। मुसहर जाति के लोगों के पास आवास बनाने के लिए जमीन के पट्टे नहीं थे। आज स्वामित्व योजना के अन्तर्गत जहां पर व्यक्ति का घर है, वहीं उसे जमीन का मालिकाना अधिकार उपलब्ध कराया गया है। इस योजना के अन्तर्गत अब तक प्रदेश में लगभग 60 लाख परिवारों को घरौनी उपलब्ध करायी जा चुकी है। इन 60 लाख लोगों का जहां पर पुश्तैनी मकान बना हुआ था, आजादी के बाद से अब तक, उस मकान पर उनका अधिकार नहीं था। आज 60 लाख परिवारों को स्वामित्व का लाभ दे दिया गया है। अब वे चाहें, तो घरौनी के माध्यम से लोन लेकर अपना मकान बनवा सकते हैं या व्यवसाय भी कर सकते हैं। तकनीक का उपयोग करते हुए सरकार आपको सुविधाओं के साथ जोड़ने का कार्य कर रही है। रियल टाइम खतौनी की सुविधा दी गयी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशीनगर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार के स्तर पर प्रयास हुए हैं। यहां तहसील भवन में तहसील के प्रमुख दर्शनीय स्थलों तथा पर्यटन विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों के फोटो लगे हुए हैं। यहां किसानों, महिलाओं, नौजवानों सहित समाज के सभी तबकों के लिए अनेक विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है।
जनपद कुशीनगर पर प्रकृति तथा परमात्मा की असीम कृपा है। यह जनपद कृषि बाहुल्य है। यहां प्रचुर मात्रा में जल संसाधन उपलब्ध है। यहां दस फीट पर पानी मिल जाता है। हमारे पास सामर्थ्य है। इस सामर्थ्य को समृद्धि के साथ जोड़ने के लिए सरकार ने यहां के लिए कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय स्वीकृत कर दिया है। शीघ्र ही इसका शिलान्यास होगा। कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज, गोरखपुर, बस्ती, संतकबीरनगर, मऊ, बलिया, आजमगढ़ तथा सिद्धार्थनगर जनपदों के लोग इस कृषि विश्वविद्यालय से लाभ लेंगे। यहां के नौजवानों को कृषि व प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में देश व दुनिया में हो रहे कार्यां को जानने का अवसर प्राप्त होगा।
आज जनपद कुशीनगर अपनी पुरातन पहचान को बनाये रखते हुए नयी आभा और कलेवर के साथ आगे बढ़ रहा है। अष्टमी की तिथि को रामनवमी के एक दिन पूर्व तहसील भवन के उद्घाटन सहित विकास की सैकड़ों करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास इस बात की गवाही दे रहा है। यह विकास सभी के जीवन में परिवर्तन लाएगा। यहां के जनप्रतिनिधि जिस मजबूती के साथ कार्य कर रहे हैं, वह अत्यन्त सराहनीय है। वे सभी को आश्वस्त करते हैं कि शासन की योजनाएं उन तक पहुंचेंगी। विकास के कार्यां के लिए धन की कमी आड़े नहीं आएगी। मां लक्ष्मी की कृपा से और प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश व प्रदेश में ऐसा माहौल है कि अब हमारे पास किसी चीज की कमी नहीं होती है। अब केवल संकल्प लेने की आवश्यकता होती है। आज बड़ी से बड़ी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने का कार्य हो रहा है। विकास की योजनाएं सड़कों, पुलों, पॉलीटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेज, विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज तथा हाई-वे के रूप में देखने को मिल रही हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह वही प्रदेश है, जहां पहले विकास पर पैसा खर्च नहीं हो पाता था। यह पैसा कुछ लोगों की जेब में ही चला जाता था। आज यहां पर्व और त्योहार निश्चिन्तता के साथ उत्साह व उमंग से मनाये जा रहे हैं। यह संयोग है कि नवरात्रि और रामनवमी के साथ रमज़ान भी है। लेकिन सभी कार्यक्रम शान्तिपूर्ण तरीके से चल रहे हैं। यह दिखाता है कि उत्तर प्रदेश का हर नागरिक अब सुख-शान्ति और समृद्धि में विश्वास करता है। वह अब किसी प्रकार के उपद्रव में नहीं, बल्कि उत्सव में विश्वास करता है। अब माफिया नहीं, महोत्सव में विश्वास करता है।
मुख्यमंत्री ने महोत्सव के प्रदेश में सभी को नवरात्रि तथा रामनवमी की बधाई देते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम का भव्य मन्दिर इस वर्ष के अन्त तक बनकर तैयार हो जाएगा। आप सभी को अपनी पुरातन स्मृतियों के साथ जोड़ने का अवसर प्राप्त होगा। जब अयोध्या में श्रीराम लला का दर्शन करेंगे, तो आपकी स्मृति में यह बात जरूर आएगी कि आपके बांसी होते हुए ही भगवान श्रीराम मां जानकी को लेकर अयोध्या पहुंचे थे। हमारे पूर्वजों ने हजारों वर्षां की विरासत संजोकर रखी है। इस धरोहर को हमें हर हाल में संरक्षित करना है।
इस अवसर पर खाद्य, रसद एवं नागरिक आपूर्ति राज्य मंत्री श्री सतीश चन्द्र शर्मा, पूर्व केन्द्रीय राज्य मंत्री कुंवर आर0पी0एन0 सिंह, सांसद श्री विजय दुबे सहित जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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