प्रदेश में सौर ऊर्जा की अपार सम्भावनाएंः बृजेश पाठक


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लखनऊ,।कैबिनेट मंत्री अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग, विधि एवं न्याय तथा राजनीतिक पेन्शन, श्री ब्रजेश पाठक द्वारा उ0प्र0 नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) के जनपदीय अधिकारियो के साथ समीक्षा बैठक की गयी। अभिकरण द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं यथा सोलर पावर पैक संयंत्र, सोलर स्ट्रीट लाईट, सोलर हाई मास्ट, आदर्श सांसद ग्राम, सोलर थर्मल, ग्रिड संयोजित सोलर पावर प्लाण्ट, सोलर पार्क, रूफटाॅप सोलर पावर प्लाण्ट, सोलर पम्प सिंचाई, सोलर आर.ओ. वाटर प्लाण्ट, सोलर मिनीग्रिड पावर प्लाण्ट, डी.डी.जी. योजना, बायोगैसध्बायोमास कार्यक्रम की गहन समीक्षा श्री पाठक द्वारा की गयी।

श्री पाठक ने नवीकरणीय ऊर्जा विशेषकर सौर ऊर्जा को परम्परागत ऊर्जा के विकल्प के रूप में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए । उन्होने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा के दोहन की अपार संभावनाएॅ हैं इसलिए हमें एक जन आंदोलन का स्वरूप देते हुए जनसामान्य को प्रेरित करना है। उन्होने यह भी कहा कि सभी जनपदीय अधिकारियों द्वारा अपने जनपद के ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत प्रमुख, जिला पंचायत के प्रतिनिधियों तथा विधायक एवं सांसदगणों से संपर्क करते हुए उन्हे विभिन्न योजनाओं के बारे में बताएॅ तथा स्वयं ही अपने जनपद का लक्ष्य निर्धारित करें जो जनपद अपने लक्ष्य की प्राप्ति में प्रथम आएगा, उसे प्रदेश स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। अन्त में उन्होने कार्मिकों की समस्याओं के संबंध में कहा कि इसका निराकरण उच्च स्तर से कराने का प्रयास किया जाएगा।

बैठक में अभिकरण के अध्यक्ष एवं प्रमुख सचिव, ऊर्जाध्अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग उ0प्र0 शासन श्री आलोक कुमार -प्रथम भी उपस्थित थे, उनके द्वारा समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वर्तमान सरकार की अपेक्षा के अनुसार सभी योजनाओं को समय से पूर्ण कर लिया जाये, जनप्रतिनिधियों एवं आम जनमानस के साथ संतुलित एवं अच्छा व्यवहार किया जाये तथा योजना हेतु आवंटित धन का गुणवत्तापरक एवं त्वरित गति से उपयोग किया जाये।

अभिकरण की निदेशक श्रीमती संगीता सिंह द्वारा अभिकरण की ओर से श्री पाठक को आश्वस्त किया गया कि अभिकरण के सभी कार्मिकों द्वारा वर्तमान सरकार की आशाआंें के अनुरूप समस्त कार्य सम्पादित किये जायेंगे। उनके द्वारा यह भी बताया गया कि संयंत्रों की गुणवत्ता पर अभिकरण द्वारा विशेष ध्यान दिया जाता है, और इसी क्रम में अन्तर्जनपदीय निरीक्षण भी समय-समय पर कराया जाता है।


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