राज्य सरकार ने प्रदेश में परिवर्तन, विकास और गरीबों के सशक्तिकरण के लिए एक नए युग की शुरुआत कर दी है—-मुख्यमंत्री


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मुख्यमंत्री ने देश की रक्षा के लिए शहीद देशभक्तों एवं सेनानियों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए
लखनऊ:  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने आज 71वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर यहां विधान भवन के मुख्य द्वार पर ध्वजारोहण करने के बाद उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि कोई घटना/दुर्घटना देश एवं समाज के लिए सबक हो सकती है, लेकिन ऐसी दुर्घटनाओं/घटनाओं की पुनरावृत्ति दृढ़ता के साथ रोकी जानी चाहिए। यह देश अनेकों बार संकटों से घिरा, लेकिन देशवासियों की प्रतिबद्धता से पुनः जीवन्त होकर आगे बढ़ा। उन्होंने सन् 1857 के प्रथम स्वतंत्रता आन्दोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पहले संयुक्त प्रयास से यह साबित हुआ कि एक प्रतिबद्ध समाज ब्रिटिश साम्राज्य जैसे सशक्त दुश्मन को भी नतमस्तक कर सकता है। उन्होंने कहा कि जीवन हताशा या निराशा का नहीं, बल्कि जीवन्तता का नाम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी  द्वारा नये भारत के निर्माण के लिए दिए गए सूत्र में विकास के नित नए आयाम जुड़ रहे हैं। जिसके फलस्वरूप भारत दुनिया की सबसे बड़ी उभरती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री जी ने 09 अगस्त, 2017 को एक महत्वपूर्ण संकल्प लिया है। इसके तहत वर्ष 2017 से वर्ष 2022 तक ‘संकल्प से सिद्धि’ तक अभियान चलाया जाएगा। प्रधानमंत्री जी की मंशा के अनुरूप वर्तमान प्रदेश सरकार ने भी जनता के सहयोग से वर्ष 2022 तक एक नए प्रदेश के निर्माण का गम्भीरता से प्रयास करने का संकल्प लिया है।
उत्तर प्रदेश भी नए भारत की तरह श्रेष्ठ और स्वच्छ प्रदेश बनने के साथ ही गरीबी, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, सम्प्रदायवाद तथा जातिवाद से मुक्त होगा। उन्होंने जनता का आह्वान किया कि नए भारत व उत्तर प्रदेश के निर्माण के संकल्प की सिद्धि के लिए मन, वचन और कर्म से जुट जाएं, क्योंकि देश की प्रगति का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर जाएगा। वर्तमान राज्य सरकार ने प्रदेश में परिवर्तन, विकास और गरीबों के सशक्तिकरण के लिए एक नए युग की शुरुआत कर दी है। उन्होंने बल देकर कहा कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टाॅलरेंस की नीति अपनायी जाएगी।
योगी  ने कहा कि अपनी जड़ों से कटने वाला देश एवं समाज त्रिशंकु की तरह लटक जाता है। ऐसा समाज संसार में सम्मान पाने का हकदार नहीं होता। इसीलिए वर्तमान राज्य सरकार प्रदेश को अपनी वर्तमान जड़ों से जोड़ने का काम कर रही है। इस सरकार ने प्रदेश के धार्मिक स्थलों व आस्था केन्द्रों के विकास का कार्य आरम्भ किया है। अयोध्या में रामलीला मंचन की पुनः शुरुआत के अलावा मथुरा में कृष्ण संग्रहालय की स्थापना का भी फैसला लिया है। अयोध्या में रामायण सर्किट, वाराणसी के सारनाथ सहित कुशीनगर, कपिलवस्तु व श्रावस्ती में बौद्ध सर्किट एवं मथुरा में कृष्ण सर्किट के तहत विकास कार्य करने की व्यवस्था की गई है। सभी बड़े धर्मिक स्थलों को चार लेन की सड़कों से जोड़ने के साथ-साथ नैमिषारण्य, विन्ध्याचल एवं ऐसे सभी पवित्र स्थलों के विकास का संकल्प लिया गया है, जो देश एवं जनता की आस्था के केन्द्र हैं।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि स्वतंत्रता के 70 वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रदेश की 22 करोड़ जनता को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पायी हैं। वर्तमान राज्य सरकार ने पूरी प्रतिबद्धता एवं तन्मयता से प्रदेश के असहाय एवं गरीब लोगों तथा नौजवानों के कल्याण के लिए काम शुरू कर दिया है, जिससे गांव, गरीब एवं किसान व महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार हो, उन्हें अच्छी बुनियादी सुविधाएं एवं सेवाएं मिल सकें। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद राज्य सरकार ने लघु एवं सीमान्त किसानों के 31 मार्च, 2016 तक के 01 लाख रुपए तक के फसली ऋण को माफ करने का ऐतिहासिक फैसला लिया।
इस निर्णय के फलस्वरूप प्रदेश सरकार पर 36 हजार करोड़ रुपए का व्यय भार आया, जिसे सरकार ने वित्तीय अनुशासन कायम रखते हुए बिना कोई अतिरिक्त कर लगाए, अनावश्यक खर्चों की कटौती कर पूरा करने का संकल्प लिया। राज्य सरकार के इस निर्णय का लाभ प्रदेश के 86 लाख से अधिक लघु एवं सीमान्त किसानों को प्राप्त होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस फैसले से किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और उनका जीवन स्तर ऊपर उठ सकेगा। इसी प्रकार किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए सीधे किसानों से करीब 37 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया।
योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार कानून का राज स्थापित कर प्रत्येक नागरिक को सुरक्षा की गारन्टी देने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि अपराधमुक्त, भयमुक्त औरराज्य सरकार बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए कृतसंकल्पित है। इसीलिए सरकार ने ग्रेजुएशन स्तर तक की सभी बालिकाओं को निःशुल्क शिक्षा दिलाने के लिए ‘अहिल्याबाई निःशुल्क शिक्षा योजना’ संचालित करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा विद्यालयों में छात्र-शिक्षक अनुपात सुधारने के साथ-साथ कई अन्य निर्णय भी लिए गए हैं।
योगी जी ने कहा कि प्रदेश सरकार जन कल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ राज्य में अवस्थापना सुविधाओं का ऐसा ढांचा तैयार करने का प्रयास कर रही है, जिससे उत्तर प्रदेश को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाया जा सके। प्रदेश के पूर्वांचल एवं बुन्देलखण्ड क्षेत्र को जोड़ने के लिए एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं को संचालित किया जाएगा। मुख्यमंत्री जी ने भरोसा जताया कि सरकार के इन प्रयासों से प्रदेश में चतुर्दिक परिवर्तन का माहौल बनेगा। यहां की जनता रचनात्मक कार्यों में लगकर प्रदेश को विकास के रास्ते पर आगे ले जाने में सहयोगी बनेगी।
योगी  ने 71वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि इस मौके पर वर्ष 2022 तक विकसित देश एवं प्रदेश बनाने का संकल्प लेना होगा। उन्होंने कहा कि सन् 1857 में स्वतंत्रता आन्दोलन की शुरुआत उत्तर प्रदेश की धरती से ही हुई थी। आजादी की लड़ाई और देश की सीमाओं की रक्षा के लिए शहीद हुए सभी ज्ञात-अज्ञात देशभक्तों एवं सेनानियों को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि जिन्होंने देश को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराकर देश को आजादी दिलाने में अग्रणी भूमिका निभाई उनके सपनों का देश एवं प्रदेश बनाने के लिए सभी को संकल्पबद्ध होना होगा।
इस अवसर पर राज्य सरकार के अनेक मंत्रिगण, जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ अधिकारी, मीडिया प्रतिनिधि सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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