राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्पित— मुख्यमंत्री योगी


मुख्यमंत्री ने 05 नवचयनित अवर अभियन्ताओं को चयन एवं पदस्थापन का प्रमाण पत्र प्रदान कि

लखनऊ | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्पित है। इसके लिए मिशन रोजगार के अन्तर्गत विभिन्न विभागों, संस्थाओं एवं निगमों आदि के समन्वित प्रयास से प्रदेश के नौजवानों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।राज्य सरकार की नीति है कि पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं भेदभाव रहित ढंग से विभिन्न पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया पूर्ण की जाए। प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं का चयन एवं पदस्थापन उनकी योग्यता और क्षमता के आधार पर किया जा रहा है, जिससे उनकी ऊर्जा और कौशल का प्रदेश के विकास के लिए पूरा उपयोग किया जा सके।

मुख्यमंत्री आज यहां अपने सरकारी आवास पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के नवचयनित 1438 जूनियर इंजीनियर्स को नियुक्ति पत्र वितरण, पदस्थापन एवं संवाद कार्यक्रम का शुभारम्भ करने के पश्चात अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने नवचयनित अवर अभियन्ताओं श्री विनय कुशवाहा, श्री मोहम्मद हबीब, श्री नवनीत सिंह, सुश्री साधना चन्दन एवं सुश्री गायत्री को चयन एवं पदस्थापन का प्रमाण पत्र प्रदान किया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न जनपदों के नवचयनित एवं पदस्थापित जूनियर इंजीनियर्स से संवाद किया। उन्होंने जनपद सीतापुर के श्री आशुतोष सिंह, जनपद गोरखपुर की सुश्री संध्या कनौजिया, जनपद वाराणसी के श्री राजेश कुमार पटेल, जनपद झांसी के श्री राहुल उपाध्याय, जनपद मेरठ के श्री राशिद अली, जनपद कानपुर की सुश्री कुुसुम दुबे, जनपद प्रयागराज के श्री राकेश कुमार सरोज, जनपद बरेली के श्री उमेश पाल सिंह, जनपद रामपुर के श्री अजय कुमार तथा जनपद सहारनपुर के श्री राधेश्याम सैनी से संवाद किया।
मुख्यमंत्री जी ने संवाद के दौरान निष्पक्ष और पारदर्शी चयन और पदस्थापन के लिए सभी अभ्यर्थियों और उनके परिवारजनों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने नवचयनित अवर अभियन्ताओं से पूछा कि चयन व पदस्थापन प्रक्रिया के दौरान उन्हें किसी प्रकार के लेनदेन, सिफारिश अथवा भेदभाव का सामना तो नहीं करना पड़ा? मुख्यमंत्री जी को सभी अभ्यर्थियों से नकारात्मक उत्तर मिला। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनता द्वारा अच्छे जनप्रतिनिधियों और सरकार का चुनाव किये जाने पर निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से ही कार्य सम्पादन किया जाता है। उन्होंने भरोसा जताया कि जिस निष्पक्षता व पारदर्शिता के साथ अभ्यर्थियों का चयन एवं पदस्थापन हुआ है, समस्त चयनित अभ्यर्थीगण भी उसी प्रकार पूरी निष्ठा, तन्मयता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य सम्पादन करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की मंशा के अनुरूप सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग का नामकरण जलशक्ति विभाग किया गया है। उ0प्र0 लोक सेवा आयोग द्वारा विभाग के लिए निष्पक्ष चयन तथा विभाग द्वारा चयनित अवर अभियन्ताओं का पारदर्शी पदस्थापन एक उपलब्धि है। गत वर्ष भी विभाग द्वारा लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित 543 सहायक अभियन्ताओं का पारदर्शी ढंग से पदस्थापन किया गया था। जलशक्ति विभाग द्वारा अभियन्ताओं का निष्पक्ष चयन एवं पदस्थापन अन्य विभागों के लिए उदाहरण है। इस जनशक्ति से जलशक्ति विभाग की ताकत बढ़ेगी और प्रधानमंत्री जी की मंशा के अनुरूप विभाग को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में मदद मिलेगी, जो लोककल्याण में सहायक होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जलशक्ति विभाग एक बड़ा और महत्वपूर्ण विभाग है। विभाग के पास बड़ी जिम्मेदारी है। प्रदेश के प्रत्येक किसान को अधिकाधिक पैदावार प्राप्त करने हेतु पानी पहुंचाने के साथ ही वर्षा के समय बाढ़ से बचाव का कार्य जलशक्ति विभाग द्वारा किया जाता है। विगत 03 वर्षाें में जलशक्ति विभाग द्वारा उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की गयी है। वर्तमान सरकार के पहले वर्ष में प्रदेश के 38 जनपद बाढ़ से प्रभावित हुए थे। इनमें व्यापक जन-धन की हानि हुई थी। उन्होंने कहा कि समय के साथ विभाग की कार्यपद्धति में निरन्तर बदलाव आया है। तकनीक का उपयोग करके ड्रेजिंग के माध्यम से कटान करने वाली नदियों को चैनलाइज किया गया है। इससे बाढ़ नियंत्रण में सफलता मिली। साथ ही, वर्षाें से लम्बित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए तकनीक के व्यापक प्रयोग के साथ ही पूर्ण जनशक्ति उपलब्ध करायी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री द्वारा मीरजापुर में बाढ़ सागर परियोजना का लोकार्पण किया गया। यह परियोजना योजना आयोग द्वारा वर्ष 1973 में स्वीकृत हुई थी। वर्ष 1978 में तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री मोरारजी देसाई द्वारा इसका शुभारम्भ किया गया। काफी धनराशि व्यय के बावजूद भी यह परियोजना लम्बित रही। वर्तमान राज्य सरकार द्वारा इस परियोजना को पूर्ण किया गया है। इससे जनता को लाभ हो रहा है। इसके अतिरिक्त, प्रदेश सरकार सरयू नहर परियोजना, मध्य गंगा परियोजना, अर्जुन परियोजना को पूर्ण करने के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए जलशक्ति मंत्री डाॅ0 महेन्द्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में सिंचाई विभाग में अभियन्ताओं का निष्पक्ष चयन एवं पदस्थापन कराया गया। उन्होंने कहा कि जलशक्ति विभाग का कार्यक्षेत्र व्यापक है। इस पदस्थापन से विभाग का कार्य बेहतर होगा, जिसका लाभ किसानों सहित आम जनता को प्राप्त होगा।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री आर0के0 तिवारी, अपर मुख्य सचिव गृह श्री अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं एम0एस0एम0ई0 श्री नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन श्री टी0 वेंकटेश, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना श्री संजय प्रसाद, सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन श्री अनिल गर्ग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


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