राज्य सरकार प्रधानमंत्री के मूलमंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास,सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के अनुरूप कार्य कर रही— राज्यपाल


राज्यपाल ने विधान मण्डल के दोनों सदनों के समवेत अधिवेशन को सम्बोधित किया

लखनऊ |      राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज यहां उत्तर प्रदेश राज्य विधान मण्डल के दोनों सदनों के वर्ष 2022 के प्रथम सत्र के समवेत अधिवेशन को सम्बोधित किया। राज्य सरकार की प्रमुख विकासोन्मुख नीतियों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की संक्षिप्त रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मूलमंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के अनुरूप कार्य कर रही है। शीघ्र ही वित्तीय वर्ष 2022-23 का आय-व्ययक सदन में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश की आम जनता के हित में सभी सदस्यगण राज्य सरकार का सहयोग कर जनआकांक्षाओं को पूरा करने में अपना बहुमूल्य योगदान करेंगे तथा इस सदन की उच्च गरिमा व पवित्रता को बनाये रखेंगे।

राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में सुशासन स्थापित किया है। अब सुशासन को और सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार की स्वयं से प्रतिस्पर्धा प्रारम्भ होगी। विगत 05 वर्षांें में प्रदेश में विकास की नींव डालने का कार्य किया गया है। अगले 05 वर्षाें में इसी नींव पर विकास की भव्य इमारत आकार लेगी। इसके लिए प्रदेश में निवेश को बढ़ाने, आधारभूत अवसंरचना को सुदृढ़ करने तथा प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने का कार्य किया जाएगा। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रदेश सरकार द्वारा सेक्टरवार 100 दिन, 06 माह, 01 साल, 02 साल एवं 05 साल की वृहद कार्ययोजनाएं बनाई गई हैं। इन कार्ययोजनाओं पर कार्य आरम्भ भी हो चुका है और इसकी गहन समीक्षा भी की जा रही है।

राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश के विकास को नई ऊंचाइयां देने के लिए परियोजनाआंे के क्रियान्वयन की टाइमलाइन तय करते हुए कार्य सम्पादित किए जाएंगे। परफॉर्मेन्स बेस्ड कार्याें पर फोकस किया जाएगा। पूर्व की भांति राज्य सरकार प्रदेशवासियों को पारदर्शी एवं जवाबदेह शासन तथा ईमानदार व संवेदनशील प्रशासन उपलब्ध कराने के लिए तत्पर रहेगी। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्रदेश सरकार के सभी मंत्रियों के अलग-अलग समूह गठित किए गए हैं। मंत्री समूहों द्वारा अलग-अलग जनपदों का भ्रमण कर ‘सरकार आपके द्वार’ के अनुरूप जनता से सीधा संवाद स्थापित किया जा रहा है। इसके साथ ही, समाज के कमजोर वर्गों के सम्मानित नागरिकों का खास ध्यान रखते हुए उनकी समस्याओं के समाधान के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से लोक कल्याण संकल्प पत्र-2022 के माध्यम से प्रदेश की जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए राज्य सरकार द्वारा तेजी से कार्य किया जा रहा है।

राज्यपाल ने प्रदेश विधानसभा के सामान्य निर्वाचन के उपरान्त ऐतिहासिक रूप से पुनर्गठित विधानमण्डल के समवेत दोनों सदनों के प्रथम अधिवेशन के अवसर पर नवनिर्वाचित सदस्यों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश विधान सभा का सामान्य निर्वाचन-2022 कोरोना काल खण्ड की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सम्पन्न हुआ। इसके लिए 75 जनपदों के कुल 403 विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों में 1,74,803 मतदान बूथ स्थापित किए गए थे। उन्होंने विधानसभा निर्वाचन को शान्तिपूर्वक तथा सकुशल सम्पन्न कराने के लिए प्रदेश की जनता, भारत निर्वाचन आयोग एवं निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े हुए सभी अधिकारियों/कर्मचारियों, केन्द्रीय पुलिस बल, राज्य पुलिस बल व अन्य समस्त सम्बन्धित को बधाई दी।
राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश की जनता ने राष्ट्रवाद, सुशासन, सुरक्षा तथा विकास पर विश्वास व्यक्त करते हुए मेरी सरकार को एक बार फिर सेवा का अवसर प्रदान किया है। यह अवसर किसी सरकार को 37 वर्ष के बाद प्राप्त हो पाया है। यह सिद्ध करता है कि मेरी सरकार जन अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरी उतरी है। उन्होंने कहा कि मेरी सरकार द्वारा दूरदर्शी योजनाएं तैयार कर उन्हें निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध रूप से क्रियान्वित किया गया। जन साधारण के जीवनस्तर में सुधार लाए जाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा निरन्तर प्रयास किए गए हैं। ‘ईज ऑफ लिविंग’ का लक्ष्य प्राप्त किया जाना विभिन्न कार्यक्रमों और योजनाओं का केन्द्र बिन्दु है।

राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रभावी प्रयासों से राज्य आज विकास की चार दर्जन योजनाओं में देश में पहले स्थान पर है। यह सुशासन का प्रत्यक्ष प्रमाण है। विगत 05 वर्षाें में प्रदेश के शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 42.5 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं। स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत 2.61 करोड़ व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कराया गया। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से 1.67 करोड़ निःशुल्क गैस कनेक्शन प्रदान किए गए। सौभाग्य योजना के माध्यम से 1.41 करोड़ निःशुल्क विद्युत कनेक्शन दिए गए। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अन्तर्गत 2.55 करोड़ किसानों को 42 हजार 565 करोड़ रुपये हस्तान्तरित किए गए तथा 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये का फसली ऋण माफ किया गया।
राज्यपाल ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में राज्य सरकार द्वारा किए गए सार्थक प्रयासों के फलस्वरूप प्रदेश राष्ट्रीय पटल पर एक सक्षम और समर्थ प्रदेश के रूप में उभर कर सामने आया है। अब राज्य देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। प्रदेश को 01 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए नियोजित प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश एक उत्कृष्ट निवेश एवं बिजनेस गंतव्य के रूप में उभरा है, ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस रैंकिंग में उत्तर प्रदेश ने अभूतपूर्व प्रगति करते हुए देश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है।
राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में आए निजी निवेश के माध्यम से 01 करोड़ 61 लाख युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराया गया। 60 लाख से अधिक युवाओं को स्वरोजगार से भी जोड़ा गया। निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया अपनाकर विगत 05 वर्षों में प्रदेश के युवाओं को साढ़े चार लाख सरकारी नौकरियों से जोड़ा गया है। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश में बेरोजगारी दर में उल्लेखनीय कमी आई है। सेण्टर फॉर मॉनीटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सी0एम0आई0ई0) के आकलन के अनुसार जून 2016 में प्रदेश की बेरोजगारी दर 18 प्रतिशत थी, जो अप्रैल 2022 में घटकर 2.9 प्रतिशत रह गई है।
राज्यपाल ने कहा कि कानून व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार द्वारा जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाकर प्रदेश में अपराधमुक्त, भयमुक्त व अन्यायमुक्त वातावरण तथा कानून का राज स्थापित किया गया है। मेरी सरकार के कार्यकाल में सभी पर्व एवं त्योहार शान्तिपूर्वक सम्पन्न हुए। अपराध पर प्रभावी अंकुश लगने से प्रदेश में आपराधिक मामलों में निरन्तर कमी आ रही है। वर्ष 2016 के सापेक्ष वर्ष 2021 में डकैती के मामलों में 73.94 प्रतिशत, लूट की घटनाओं में 65.88 प्रतिशत, हत्या के मामलों में 33.95 प्रतिशत तथा बलात्कार के अपराध में 50.66 प्रतिशत की कमी आयी। चुस्त-दुरुस्त कानून-व्यवस्था से नागरिकों में सुरक्षा की भावना सुदृढ़ हुई, प्रदेश में विकास का माहौल बना तथा राज्य निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य के तौर पर उभरा है।

राज्यपाल ने कहा कि रामायण संस्कृति के प्रचार-प्रसार हेतु प्रदेश के 16 जनपदों में रामायण कॉनक्लेव का आयोजन किया गया। वैश्विक स्तर पर रामायण संस्कृति के प्रतीकों एवं परम्पराओं पर शोधपरक रामायण इन्साइक्लोपीडिया का कार्य भी गतिमान है। प्रदेश में पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण हेतु ‘एडॉप्ट ए हेरिटेज’ योजना प्रारम्भ की गई है। ’आजादी का अमृत महोत्सव’ तथा ’चौरी-चौरा शताब्दी महोत्सव’ के अन्तर्गत विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, तिरंगा यात्राओं, प्रदर्शनियों, संगोष्ठियों वेबिनार आदि का नियमित आयोजन किया जा रहा है। गोरखपुर में योगीराज बाबा गम्भीरनाथ प्रेक्षागृह व गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ के भवन तथा पं0 सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ की जन्मस्थली-गढ़ाकोला, उन्नाव में विशाल स्मृति भवन एवं पुस्तकालय के भवनों का निर्माण कराया गया है। रामलीला मैदानों के सुदृढ़ीकरण के अन्तर्गत शाहजहांपुर में खिरनीबाग रामलीला स्थल एवं गोरखपुर में बर्डघाट रामलीला स्थल में मंच, ग्रीन रूम, चहारदीवारी आदि का निर्माण कराया गया। मगहर में संत कबीर अकादमी के भवन का निर्माण एवं आगरा के बटेश्वर में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी सांस्कृतिक संकुल के निर्माण की परियोजनाएं गतिमान हैं।
राज्यपाल ने कहा कि जनपद लखनऊ में भारत रत्न डॉ0 भीमराव आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केन्द्र का शिलान्यास मा0 राष्ट्रपति द्वारा सम्पन्न हो चुका है। वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ मन्दिर के सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक गौरव की पुनर्स्थापना के उद्देश्य से श्री काशी विश्वनाथ धाम निर्मित कराया गया है। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय परिसर मंे वैदिक विज्ञान केन्द्र की स्थापना के प्रथम चरण का कार्य पूर्ण हो गया है तथा द्वितीय चरण का कार्य प्रगति पर है। अयोध्या एवं चित्रकूट में भजन संध्या स्थल का निर्माण कार्य पूर्ण है। गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज एवं मथुरा में भी भजन संध्या स्थल के निर्माण की कार्यवाही प्रारम्भ की गयी है। बुजुर्ग संतों, पुजारियों एवं पुरोहितों के समग्र कल्याण की योजना के क्रियान्वयन के लिए एक विशेष बोर्ड के गठन की कार्यवाही की जा रही है। जनपद गाजियाबाद में कैलाश मानसरोवर यात्रा भवन का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाने वाले प्रदेश के मूल निवासी तीर्थ यात्रियों को 01 लाख रुपये प्रति श्रद्धालु अनुदान दिया जा रहा है। सिन्धु दर्शन के प्रदेश के मूल निवासी तीर्थ यात्रियों के लिए 20 हजार रुपये प्रति व्यक्ति अनुदान की व्यवस्था है।
राज्यपाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन के विकास की असीम सम्भावनाएं हैं। सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश दिवस, विश्व पर्यटन दिवस, राष्ट्रीय पर्यटन दिवस इत्यादि का आयोजन वृहद स्तर पर किया जा रहा है। दीपोत्सव, देव दीपावली, महाशिवरात्रि, रंगोत्सव, कृष्णोत्सव, बैलून फेस्टिवल, ड्रोन शो, माघ मेला, गोरखपुर महोत्सव इत्यादि के आयोजन एवं वृहद स्तर पर प्रचार-प्रसार के फलस्वरूप विदेशी एवं घरेलू पर्यटकों के आवागमन में निरन्तर वृद्धि हो रही है। अयोध्या का पर्यटन सहित समग्र विकास का कार्य हो रहा है। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के तहत मथुरा व वृन्दावन का पर्यटन विकास कराया जा रहा है। श्री विन्ध्यवासिनी धाम, श्री नैमिषारण्य धाम, श्री शुक्रताल धाम, श्री चित्रकूट धाम, श्री देवीपाटन धाम के पर्यटन विकास के कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। महर्षि वाल्मीकि से जुड़े लालापुर, गोस्वामी तुलसीदास से सम्बन्धित राजापुर, निषादराज गुह्य से सम्बन्धित श्रृंग्वेरपुर स्थलों को भी विकसित किया जा रहा है। विशिष्ट क्षेत्रों के विकास हेतु उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, उत्तर प्रदेश श्री चित्रकूट धाम तीर्थ विकास परिषद एवं उत्तर प्रदेश विन्ध्य धाम तीर्थ विकास परिषद की स्थापना की गई है।


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