
हालांकि, सरकार बिल्डरों को उबारने के लिए कई दूसरी मदद देने के लिए तैयार हो गई है। मसलन, बिल्डर वित्त पोषक (फाइनेंसर) को परियोजनाओं में शामिल कर सकते हैं जिसकी मंजूरी सरकार दे देगी। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 253 आवासीय योजनाएं हैं। इनमें से अधिकांश का निर्माण कार्य बंद पड़ा है। इससे फ्लैटों के खरीदार परेशान हैं। वे घरों की मांग को लेकर रोजाना प्रदर्शन कर रहे हैं।
मालूम हो कि बिल्डरों ने सरकार को बताया था कि उनकी आर्थिक दशा ठीक नहीं है लेकिन वे प्रोजेक्ट पूरे करना चाहते हैं। दोबारा निर्माण शुरू करने, प्राधिकरणों को जमीन की कीमत अदा करने और बैंकों का कर्ज चुकाने के लिए सरकार आर्थिक मदद कर दे। सूत्रों के मुताबिक, अकेले नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बिल्डरों को 25 हजार करोड़ रुपये की जरूरत है।
सतीश महाना ने कहा कि बिल्डरों को खुद परियोजनाएं पूरी करनी होंगी। अभी हम किसी पर कठोर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। खरीदार बिल्डरों को जेल में डालने की मांग कर रहे हैं। अगर कोई बिल्डर बात ही नहीं मानेगा तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई भी होगी।
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