काला दिवस पर सीएम योगी का एक्शन , अनुशासनहीनता में लखनऊ के तीन इंस्पेक्टर हटे, तीन सिपाही निलंबित


मुख्यमंत्री द्वारा मामले में कड़ा रुख अपनाए जाने के बाद डीजीपी मुख्यालय में बैठक हुई। मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव गृह अरिवंद कुमार, डीजीपी ओपी सिंह, एडीजी कानून-व्यवस्था आनंद कुमार को बुलाकर मामले की जानकारी की। उन्होंने अनुशासनहीनता करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही जिलों में पुलिस अधीक्षकों को सतर्क कर जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए।

शाम को डीआईजी कानून-व्यवस्था प्रवीण कुमार ने बताया कि लखनऊ के तीन थानों नाका, अलीगंज और गुड़म्बा में सिपाहियों ने काला फीता बांध कर फोटो वायरल की। इस अनुशासनहीनता के लिए जिम्मेदार माने गए नाका थाने के इंस्पेक्टर परशुराम सिंह, अलीगंज थाने के इंस्पेक्टर राजेश यादव और गुडंबा के इंस्पेक्टर धर्मेश कुमार शाही को हटा दिया गया है। प्रदेश के किसी अन्य हिस्से से ऐसी घटना की सूचना नहीं है।

सुबह से शुरू हुए इस विरोध दोपहर 12 बजे तक यूपी के कई जिलों में पहुंचने की अफवाह फैल गई लेकिन सिर्फ लखनऊ में ही थोड़ा बहुत असर दिखा। कुछ जगह महिला सिपाहियों तक ने बाकायदा काला फीता बांध कर अपने विरोध जताने की सेल्फी ली और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। इनमें कुछ फोटो जांच में पुराने भी पाए गए।

लखनऊ में सबसे पहले गुड़म्बा थाने में सिपाहियों की काला फीता बांधे हुए फोटो वायरल हुई। इसमें थाने के अंदर इंस्पेक्टर के कमरे से चंद कदम पर सिपाहियों ने काला फीता बांध कर फोटो खिंचवाई। फिर ये फोटो वायरल कर दी। कुछ देर बाद ही नाका और अलीगंज थाने के सिपाहियों की भी इस तरह फोटो वायरल होने लगी। बाहर के जिले के एक एसपी के कार्यालय के अंदर भी सिपाहियों के विरोध की फोटो सोशल मीडिया पर चर्चा का केन्द्र बनी रही। यह फोटो बाद में पुरानी पाई गई।

डीआईजी कानून एवं व्यवस्था प्रवीण कुमार ने कहा कि अनुशासनहीनता कतई बर्दाश्त नहीं होगी। काला फीता बांध कर विरोध जताने वाले अन्य सिपाहियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जा रही है। सोशल मीडिया पर पूरी नजर रखी जा रही है। एटा के निलम्बित सिपाही सर्वेश चौधरी के खिलाफ और कार्रवाई भी की जा रही है। डीआईजी प्रवीण कुमार ने इस बात से इनकार किया कि सिपाही संगठित होकर इस तरह विरोध जता रहे हैं।


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