
एचटी लीडरशिप समिट 2018 में सवालों का जवाब देते हुए गृहमंत्री ने कहा, विपक्ष कोशिश कर रहा है कि किसी भी सूरत में वह सत्ता में आ जाए। हालांकि मायावती के रुख बदलने को लेकर पूछे गए सवाल का सीधा जवाब देने से राजनाथ ने परहेज किया। उन्होंने कहा, यह बहनजी ही बता सकती हैं।
गृहमंत्री ने कहा, भाजपा और मोदी को रोकने का प्रयास हो रहा है। लेकिन मेरा मानना है कि राजनीति किसी को रोकने के लिए नहीं होना चाहिए, बल्कि राजनीति करनी है तो देश बचाने के लिए करनी चाहिए। वे हमें सुझाव दें कि हमको क्या करना चाहिए, क्या नहीं करना चाहिए। अगर कहीं कोई कमी हो तो आलोचना करें। मायावती के रुख और महाराष्ट्र में शिवसेना से अलग होने की स्थिति में अलग गठबंधन के सवालों का राजनाथ ने सीधा जवाब नहीं दिया।
उत्तर प्रदेश के विवेक हत्याकांड पर राजनाथ ने कहा, प्रदेश पुलिस ने कार्रवाई की है। हाल में कार्रवाई की है। विवेक तिवारी हत्याकांड बहुत ही दुर्भाग्यूपर्ण है। इसकी जितनी भी निंदा की जाए वह कम है। उन्होंने कहा, पीड़िता ने राज्य सरकार की कार्रवाई पर संतोष जताया है।
पीड़िता को धमकी के सवाल पर गृहमंत्री ने कहा, उस संबंध में राज्य सरकार कार्रवाई कर रही है। कानून-व्यवस्था राज्य सरकार का विषय है। मुख्यमंत्री और राज्य के डीजीपी से अपनी बातचीत का हवाला देते हुए गृहमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई की है।
राजनाथ ने कहा कि चौदहवें वित्त आयोग की सिफारिशों में पुलिस आधुनिकीकरण की योजना बंद हो गई थी। लेकिन हमारे अनुरोध पर प्रधानमंत्री ने इसे फिर से शुरू करने को मंजूरी दी। अब हमने एक छतरी योजना तैयार की है। इसके लिए 25 हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं। केंद्र को राज्य के साथ मिलकर काम करना होता है। हमारी अपेक्षा के मुताबिक काम नहीं हुआ, यह मैं स्वीकार करता हूं। सुधार की जरूरत है।
जम्मू-कश्मीर में असंतोष के लिए पाकिस्तान को दोषी ठहराते हुए राजनाथ ने दावा किया कि इस महीने होने वाले पंचायत और शहरी स्थानीय निकाय के चुनाव में राज्य के 90 प्रतिशत लोग हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा, जम्मू-कश्मीर में 1995 में करीब 6,000 आतंकी घटनाएं हुईं और 2017 में यह घट कर 360 रह गईं।
उन्होंने भाजपा और पीडीपी के बीच गठबंधन टूटने के बारे में कहा कि पिछले राज्य विधानसभा चुनाव के जनादेश का सम्मान करते हुए दोनों दलों ने हाथ मिलाया, लेकिन प्रयोग सफल नहीं हुआ।
गृहमंत्री ने कहा, हमने हमेशा पाकिस्तान के साथ बेहतर रिश्ते बनाने का प्रयास किया है। लेकिन पाकिस्तान अपना तौर-तरीका नहीं बदल रहा है। वह जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद प्रायोजित करना जारी रखे हुए है। इसलिए वह दुनिया में अलग-थलग पड़ गया है।
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