पांच जिलों के परंपरागत कारीगरों को जल्द मिलेगी सीएफसी की सौगात—डा0 नवनीत सहगल


सीएफसी के माध्यम से कारीगरों व हस्तशिल्पियों को स्थानीय स्तर पर ही डिजाइन, पैकेजिंग, मार्केटिंग, टेस्टिंग, रॉ-मटेरियल बैंक आदि की सुविधाएं उपलब्ध होंगी

लखनऊ | अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम डा0 नवनीत सहगल ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की महात्वाकांक्षी एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के अंतर्गत प्रदेश के पांच जिलों आगरा, सीतापुर, आजमगढ़, सिद्धार्थ नगर एवं अम्बेडकर नगर में 1892.92 लाख रुपये से निर्मित सामान्य सुविधा केन्द्रों (सीएफसी) का जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लोकापर्ण किया जायेगा। सीएफसी के माध्यम जनपदों की परंपरागत आर्थिक गतिविधियों में तेजी आयेगी और रोजगार के अतिरिक्त अवसर भी सृजित होंगे।

डा0 सहगल निर्यात भवन में ओडीओपी योजना के तहत प्रदेश के सभी जनपदों में स्थापित होने वाली सीएफसी के निर्माण कार्य के प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि सीएफसी योजना के अन्तर्गत जनपद आगरा में ओडीओपी प्रोडक्ट लेदर-शू के लिए 329.83 लाख रुपये की लागत से लेदर गुड्स ट्रेनिंग सेंटर संबंधी सीएफसी तथा सीतापुर में ओडीओपी उत्पाद हस्तनिर्मित कालीन हेतु 225.17 लाख की लागत से डिजाइन एण्ड सैम्पलिंग फैसेलिटी, एक्जीविशन एण्ड सेलिंग सेंटर, कॉमन प्रोसेसिंग संेटर एवं रा-मटेरियल बैंक आदि सुविधाओं से युक्त सीएफसी के निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि इसी प्रकार आजमगढ़ के ओडीओपी उत्पाद ब्लैक पाटरी के कारोबार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 181.72 लाख रुपये से कॉमन प्रोडक्शन सेंटर की स्थापना कराई गई है, जिसमें कारीगरों को मिट्टी की प्रोसेसिंग हेतु पांच हार्सपावर का ब्लंगर एण्ड पगमिल, टनेल किन तथा लाइन भट्टी की सुविधा प्राप्त होगी। साथ ही जनपद सिद्धार्थनगर में काला नमक चावल के लिए 696.38 लाख रुपये निर्मित सीएफसी में किसानांे को राइस प्रोसेसिंग मिल, वेयर हाउस एवं वैक्यूम पैकेजिंग की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अतिरिक्त अम्बेडकर नगर में 459.82 लाख रुपये की लागत से तैयार सामान्य सुविधा केन्द्र के तहत टेक्सटाइल्स के रा-मटेरियल बैंक, कामन प्रोसेसिंग संेटर तथ वार्पिंग एण्ड कैलेंडर मशीन की स्थापना कराई गई है।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि उत्तर प्रदेश में ओडीओपी कार्यक्रम के प्रारंभ से अब तक 40 सीएफसी स्वीकृत किये जा चुके हैं, जिनमें से 22 पर कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। इनमें से पांच सीएफसी का लोकापर्ण शीघ्र किया जायेगा। शेष अन्य सीएफसी का कार्य प्रारम्भ हो गया है। प्रदेश के प्रत्येक जनपद में सीएफसी की स्थापना कराई जायेगी। इसके अतिरिक्त भारत सरकार की एमएसई-सीडीपी योजना के अन्तर्गत भी 03 सीएफसी की स्थापना का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि सीएफसी के माध्यम से लाखों कारीगरो व हस्तशिल्पियों को स्थानीय स्तर पर ही डिजाइन, पैकेजिंग, मार्केटिंग, टेस्टिंग, रा-मटेरियल बैंक आदि की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे वोकल फार लोकल के विजन को पूरा करने में गति मिलेगी।


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