
लखनऊ,। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में शिक्षित बेरोजगारों को खाद्य प्रसंस्करण की विभिन्न विधाओं में अधिकाधिक प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जायेंगे। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि प्रदेश के दस महानगरों बाराबंकी, इलाहाबाद, मेरठ, झांसी, गोरखपुर, कानपुर, फैजाबाद, आगरा, बरेली तथा मुरादाबाद में प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किये गये है जहां पर विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जा रहे है।
श्री मौर्य ने बताया कि वर्तमान में एक वर्षीय डिप्लोमा खाद्य प्रसंस्करण बेकरी कन्फेक्शनरी व पाककला में क्रमशः 145, 125 तथा 135 लाभार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी प्रकार मासिक प्रशिक्षण के अन्तर्गत 329 लाभार्थी विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है। श्री मौर्य ने बताया कि प्रदेश के सभी 75 जनपदों में घरेलू क्षेत्र के खाद्य प्रसंस्करण की सुविधायें देने हेतु राजकीय फल संरक्षण एवं प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित है जहां पर विगत तीन माह में 43826 किलोग्राम फल एवं सब्जियों के प्रसंस्कृत पदार्थ तैयार कराये गये। इसके साथ ही 3246 ग्रहणियों तथा इच्छुक व्यक्तियों को फल संरक्षण के अन्तर्गत 15 दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया है।
उन्होंने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण विभाग ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में कैम्प लगाकर फल संस्करण के क्षेत्र में जानकारी उपलब्ध कराता है। श्री मौर्य ने जन सामान्य से अपील की कि वे इन शिविरों में भाग लेकर फल संरक्षण की तकनीकी जानकारी हासिल करें और अपने उत्पाद को संरक्षित कर अपने उत्पाद का लाभकारी मूल्य प्राप्त करें।
उपमुख्यमंत्री श्री मौर्य ने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में उद्यमिता विकास का स्तर काफी कम है अतः हमारी सरकार का प्रयास है कि खाद्य प्रसंस्करण उद्यमिता विकास कार्यक्रमों के तहत बेरोजगार नवयुवक-युवतियों को जोड़कर उन्हें प्रशिक्षण दिया जाय ताकि उद्योग स्थापित करने की दिशा में प्रेरित हो और उन्हें आय के नये स्रोत सुलभ हो सके।
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