
उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि यदि कोई व्यक्ति यातायात नियमों का पालन कर रहा है तो उसे जुर्माने का डर क्यों? लोगों को खुश होना चाहिए कि भारत में विदेश की तरह सड़कें सुरक्षित हो जाएंगी, जहां लोग अनुशासन के साथ यातायात नियमों का पालन करते हैं। क्या इंसानों के जान की कीमत नहीं है?
गडकरी ने कहा कि कठोर नियम आवश्यक थे। लोग यातायात नियमों को हल्के में लेते थे। उनमें इन नियमों का कोई भय या सम्मान नहीं था। उन लोगों से पूछिये जिन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में किसी करीबी को खोया है। उनके परिजनों से पूछिये कि उन्हें कैसा लगता है। मैं खुद सड़क दुर्घटना का पीड़ित हूं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह सोच-समझकर उठाया गया कदम है। इसके लिए कांग्रेस, तृणमूल और टीआरएस समेत सभी दलों की सहमति ली गई है। उन्होंने कहा कि नियमों का जो कोई भी उल्लंघन करेगा, उसे जुर्माना देना ही होगा। चाहे वह केंद्रीय मंत्री है या मुख्यमंत्री, कोई बड़ा अधिकारी है या पत्रकार। कानून नियमों का उल्लंघन करने वालों पर समान रूप से कार्रवाई करता है।
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