
वहीं नीलाचल इस्पात में सरकार अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचेगी। कैबिनेट ने कोल माइनिंग में कमर्शियल माइनिंग का रास्ता साफ कर दिया है। इसके लिए MMDR एक्ट में बदलाव किया जाएगा, जिसके लिए कैबिनेट ने अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। आज कैबिनेट ने जो फैसला लिया उसके मुताबिक देश शाम या कल तक इस अध्यादेश को राष्ट्रपति से मंजूरी मिलेगी और 24 घंटे के भीतर ये सारे बदलाव लागू हो जाएंगे।
कैबिनेट के फैसनले के बाद अब नीलाचल इस्पात में सरकार अपनी पूरी 100 हिस्सेदारी बेचेगी। नीलाचल इस्पात में MMTC की हिस्सेदारी 49.08 फीसदी, NMDC की हिस्सेदारी 10.10 फीसदी, मेकॉन और BHEL की हिस्सेदारी 0.68 फीसदी है।
कैबिनेट के फैसले के बाद कोल माइनिंग (Coal Mining) की नीलामी की जाएगी, उस नीलामी में वो कंपनियां भी हिस्सा ले सकेंगी जो स्टील सेक्टर (Steel Sector) और पावर सेक्टर (Power Sector) में ना हो या सिर्फ माइनिंग करने का काम करती हो। इसके लिए सरकार एमएमडीआर अधिनियम (MMDR Act) में बदलाव करेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
बैठक के बाद कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने संवाददाताओं को बताया कि इस अध्यादेश के माध्यम से खनिज विकास एवं नियमन अधिनियम 1957 और कोयला खान विशेष प्रावधान अधिनियम 2015 में संशोधन का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि इसके माध्यम से कोयला एवं खनन क्षेत्र में नये युग का सूत्रपात होगा। जोशी ने बताया कि भारत में कोयले की मांग काफी अधिक है लेकिन बड़े पैमाने पर इसका आयात किया जाता है। उन्होंने बताया कि 46 खानों की खनन पट्टे की अवधि 31 मार्च 2020 को समाप्त हो रही है, नीलामी की अनुमति से उत्पादन कार्य जारी रखते हुये इनका आसानी से हस्तांतरण किया जा सकेगा। अध्यादेश जारी होने के बाद 31 मार्च 2020 से पहले 46 लौह अयस्क और अन्य खानों की नीलामी की जा सकेगी।
ये हैं अन्य फैसले
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुजरात के जामनगर आयुर्वेद विश्वविद्यालय परिसर को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान रूप में मंजूरी दी है। वहीं कैबिनेट ने आज फ्रांस के साथ मोबिलिटी के फैसले को मंजूरी दी है। इससे छात्रों, स्किल्ड लोगों के आने-जाने की सुविधा बढ़ेगी। हेल्थ के क्षेत्र में मिलिंडा और बिल गेट्स के साथ समझौते को भी मंजूरी दी गई है।
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