उत्तर प्रदेश में बर्ड फेस्टिवल: आलोक रंजन
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री आलोक रंजन ने निर्देश दिये हैं कि चम्बल सफारी लाॅज, जरार बाह आगरा में आगामी 04 से 06 दिसम्बर तक वन्य जीवों के संरक्षण के प्रति जागरूकता व प्रदेश में ईको टूरिज्म को बढावा देने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश बर्ड फेस्टिवल-2015 का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाये, ताकि देश विदेश के अधिक से अधिक पर्यटक एवं आगन्तुक भाग ले सकें।
उन्होंने बताया कि वृहद स्तर पर आयोजित बर्ड फेस्टीवल का उद्घाटन मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव करेगें। उन्होंने कहा है कि इसके लिए विभिन्न प्रचार माध्यमों के अतिरिक्त राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एवं प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आस-पास रोड शो का भी आयोजन कराया जाये। उन्होंने कहा कि बर्ड फेस्टिवल में आने वाले पर्यटकों एवं पक्षी प्रेमियांे को छोटी-छोटी टुकडि़यों में बांटकर चम्बल वन्य जीव विहार के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण गाईड के माध्यम से कराया जाये, ताकि उनको अधिक से अधिक जानकारियां सुगमता से उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में आने वाले पर्यटकों द्वारा प्रस्तुत फोटोग्राफ्स के आधार पर फोटोग्राफी प्रतियोगिता का भी आयोजन कराया जाये एवं चयनित फोटोग्राफ्स को पुरस्कृत किया जाये, ताकि वन्य जीव संरक्षण के सम्बन्ध में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी बढ़ सके।
मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में यू0पी0 बर्ड फेस्टिवल-2015 की आयोजित तैयारी बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने मण्डलायुक्त आगरा को निर्देश दिये कि वह स्थानीय अधिकारियों की बैठक आयोजित कर आगामी 26 नवम्बर तक समस्त व्यवस्थायें सुनिश्चित करा लें। उन्होंने कहा कि यू0पी0 बर्ड फेस्टिवल को बेहतर एवं आकर्षक बनाने हेतु अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विदेशी व स्वदेशी वर्ड वाचिंग विशेषज्ञों को भी आमंत्रित करने के साथ-साथ वर्ड वाॅचिंग एवं डाक्यूमेन्टेशन व वर्ड फोटोग्राफी पर आधारित कार्यशालाओं का आयोजन कराया जाये, जिससे विशेषज्ञों के विचारों एवं मार्गदर्शन से फेस्टिवल में आने वाले लोग लाभान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि कार्यशालाओं में स्कूल के बच्चों को भी अवश्य बुलाया जाये और उनसे पर्यावरण एवं वन्य जीव आधारित विषयों पर चित्रकला, निबन्ध, कविता लेखन, शिक्षाप्रद प्रतियोगिताओं के साथ-साथ खेलों आदि का भी आयोजन कराया जाय ताकि वे वन्य जीव संरक्षण इत्यादि विषयों की अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त कर सकें।
श्री रंजन ने कहा कि राष्ट्रीय एवं राजकीय राजमार्गों से फेस्टिवल स्थल जरार एवं बाह को जोड़ने वाली सड़कों का आवश्यकतानुसार सुदृढ़ीकरण कराया जाये, ताकि आने वाले पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि आम जन समुदाय की परिवहन सुविधा हेतु आगरा, दिल्ली एवं आसपास के मुख्य सम्पर्क मार्गों से बसों का भी संचालन कराया जाये, ताकि लोग सुगमता से फेस्टिवल स्थल तक पहुंच सकें। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि फेस्टिवल स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थायें प्रत्येक दशा में सुनिश्चित करायी जायें।
श्री रंजन नें कहा कि आयोजन के दौरान फेस्टिवल स्थल पर राजकीय पक्षी के नाम से सारस विलेज की स्थापना की जाये, जिससे अन्तर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय प्रतिभागियों की आवासीय व्यवस्था की जाये। उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों की सुविधा के दृष्टिगत स्विस काॅटेज, फूड कोर्ट एवं कार्यक्रम के संचालन हेतु सभागार एवं फोटो गैलरी की भी स्थापना करायी जाये। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से प्रदेश में ईको टूरिज्म के विकास से प्रदेश में रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे। उन्होंने बताया कि बर्ड फेस्टिवल का आयोजन अब प्रत्येक वर्ष दिसम्बर के प्रथम सप्ताह में उत्तर प्रदेश में किया जायेगा। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष यह फेस्टिवल 02 से 04 दिसम्बर, 2016 को चम्बल वन्य जीव विहार के अन्तर्गत जरार में आयोजित किया जायेगा।
बैठक में प्रमुख सचिव वन श्री संजीव सरन, प्रमुख सचिव सूचना श्री नवनीत सहगल, नोएडा विकास प्राधिकरण के चेयरमैन श्री रमा रमण, सचिव गृह श्री कमल सक्सेना, निदेशक सूचना श्री आशुतोष निरंजन सहित लोक निर्माण विभाग, पर्यटन, सूचना, वन, संस्कृति विभाग आदि विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
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