
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक कर इसकी समीक्षा की। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम की स्वीकृति दे दी है। लॉकडाउन के बाद से प्रधानमंत्री पहली बार किसी राज्य से जुड़े ऐसे किसी आयोजन में शिरकत करेंगे। मुख्यमंत्री ने इसके लिए राज्य में प्रवासी कामगारों के आने के साथ ही स्किल मैपिंग का काम कराना शुरू करा दिया था।
प्रदेश सरकार के पास 36 लाख प्रवासी कामगार का पूरा डेटा बैंक मैपिंग के साथ तैयार है। योगी सरकार इन कामगारों को एमएसएमई, एक्सप्रेस वे, हाइवे, यूपीडा, मनरेगा आदि क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार से जोड़ भी चुकी है। अब ये आंकड़ा एक करोड़ के पार पहुंचने वाला है। प्रदेश में एमएसएमई इकाई से क्षमता बढ़ाने और खुद को तकनीकी रूप से अपग्रेड करने के लिए 5 मई को 57 हजार से अधिक इकाईयों को ऑनलाइन लोन दिया गया। 26 जून के कार्यक्रम में भी एमएसएमई को लोन दिया जाएगा।
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