यूपी सीडा ट्रांस गंगा परियोजना उन्नाव एवं सरस्वती हाईटेक सिटी प्रयागराज फेज-1 का विकास 31 मार्च,2021 तक अवश्य पूरा करें—मुख्य सचिव


मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्रोजेक्ट माॅनिटरिंग ग्रुप की बैठक आयोजित
यूपीसीडा के अधिकारी परियोजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कराएं



लखनऊ। मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में आयेाजित प्रोजेक्ट माॅनिटरिंग ग्रुप की बैठक में ट्रांस गंगा परियोजना, औरेय्या प्लास्टिक सिटी, सरस्वती हाईटेक सिटी सहित शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गयी। बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, अपर मुख्य सचिव औद्योगिक विकास, अपर मुख्य सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी तथा वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से मुख्य कार्यपालक अधिकारी ग्रेटर नोएडा, जिलाधिकारी गौतमबुद्ध नगर आदि द्वारा प्रतिभाग किया गया।  अपने सम्बोधन में मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि ट्रांस गंगा परियोजना उन्नाव एवं सरस्वती हाईटेक सिटी प्रयागराज के फेज-वन का सम्पूर्ण कार्य 31 मार्च, 2021 तक अवश्य कर लिया जाये।

उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के साथ-साथ आवंटियों को कब्जा देने की कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाये। उन्होंने कहा कि अवशेष औद्योगिक भूखंडो का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाये, ताकि अधिक से अधिक उद्यमी निवेश के लिए आ सकें। उन्होंने यूपीसीडा के अधिकारियों को निर्देश दिये कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे एवं आगरा एक्सपे्रस-वे के समीप भी लैण्ड बैंक की स्थापना हेतु आवश्यक कार्यवाही करें ताकि भविष्य में मांग के अनुरूप उद्यमियों को आवश्यक भूखण्ड आवंटित किये जा सकें।       ट्रांस गंगा परियोजना के सम्बन्ध में बताया गया कि फेज-1 के सभी विकास कार्य 31 मार्च, 2021 तक पूरे कर लिये जायेंगे। फेज-टू के सम्बन्ध में बताया गया कि माह जुलाई, 2021 तक समस्त विकास कार्य पूरे हो जायेंगे। इस परियोजना में 826 आवासीय एवं 07 औद्योगिक भूखण्ड हैं, जिनका कुल क्षेत्रफल क्रमशः 33.69 एकड़ एवं 14.1 एकड़ है। फेज-टू में कुल 593 आवासीय एवं 24 औद्योगिक भूखण्ड हैं, जिनका क्षेत्रफल क्रमशः 26 एकड़ एवं 59.30 एकड़ है।

सरस्वती हाईटेक सिटी प्रयागराज के बारे में बताया गया कि फेज-1 के सिविल कार्य पूरे हो गये हैं तथा इलेक्ट्रिकल का कार्य शेष है, जिसे माह मार्च, 2021 तक पूरा कर लिया जायेगा। इस परियोजना में 1614 आवासीय एवं 46 औद्योगिक भूखण्ड हैं, जिनका क्षेत्रफल क्रमशः 77.48 एकड़ एवं 93.40 एकड़ है, जिनमें 763 भूखण्ड आवंटित किये जा चुके हैं। इस परियोजना के फेज-टू में मिश्रित लैण्ड यूज के 65 एवं औद्योगिक 06 भूखण्ड हैं, जिनका क्षेत्रफल क्रमशः 104.45 एकड़ एवं 22 एकड़ है। 

औरेय्या प्लास्टिक सिटी के सम्बन्ध में बताया गया कि परियोजना के अन्तर्गत सभी विकास कार्य पूरे कर लिये गये हैं तथा कब्जा देने की कार्यवाही भी शुरू कर दी गयी है। इस परियोजना को 359.38 एकड़ भूमि पर विकसित किया गया है, जिनमें 274.45 एकड़ पर औद्योगिक एवं 84.93 एकड़ भूमि पर आवासीय योजना प्रस्तावित है। परियोजना के अन्तर्गत औद्योगिक क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी, पुलिया, नाली, बाउन्ड्रीवाॅल, सीवरलाइन एवं जलापूर्ति का कार्य कराया जा चुका है। इस परियोजना में 332 औद्योगिक, 662 आवासीय, 06 व्यावसायिक एवं 08 संस्थागत/फैसिलिटी भूखण्ड हैं, जिनका कुल क्षेत्रफल 240.08 एकड़ है। इस परियोजना के भी व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिये गये हैं साथ ही गोरखपुर में प्रस्तावित प्लास्टिक सिटी की स्थापना हेतु भी समयबद्ध आवश्यक कार्यवाही करने को कहा गया।  ————


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