राज्य भर के यूपीसीडा औद्योगिक क्षेत्रों में उद्यमिता विकास और संवर्धन सप्ताह का सफलतापूर्वक हुआ आयोजन

लखनऊ| मुख्यमंत्री, योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में, राज्य भर में अभूतपूर्व गति से औद्योगिक विकास देखा गया है। मुख्यमंत्री के आह्वान पर, यूपीसीडा ने कई निवेशक-अनुकूल हस्तक्षेप और पहल की हैं। यूपीसीडा के सीईओ मयूर माहेश्वरी ने बताया कि “यह उद्यमिता संवर्धन और विकास सप्ताह अपने आवंटियों और हितधारकों के साथ जुड़ने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। इन कार्यक्रमों में चर्चा के दौरान प्राप्त फीडबैक ने उपयोगी अंतर्दृष्टि प्रदान की है। यूपीसीडा में हम, राज्य के निवेश परिवेश को और बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
यूपीसीडा के इन ठोस प्रयासों ने पूर्व में देवरिया से लेकर पश्चिम में सहारनपुर, उत्तर में पीलीभीत से लेकर दक्षिण में चित्रकूट तक पूरे राज्य में कंपनियों को अपनी इकाइयां स्थापित करने में मदद की है। इन निवेशों ने राज्य के आर्थिक उत्थान के अवसरों के साथ साथ कुशल, अर्ध-कुशल और अकुशल श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न किए हैं।
उपरोक्त गतिविधियों के अनुरूप और उद्यमियों के बीच जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से यूपीसीडा ने 18 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2021 तक “उद्यमिता संवर्धन और विकास सप्ताह” का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस सप्ताह के दौरान, यूपीसीडा ने उद्यमियों और आवंटियों के साथ साथ कई हितधारकों से बैठकें कीं। इन बैठकों के दौरान, राज्य के 154 से अधिक औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े अपने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में उद्यमियों और आवंटियों को यूपीसीडा द्वारा किए गए विभिन्न डिजिटल सुधारों के बारे में जागरूक किया गया। इनमें , राज्य की एक ऑनलाइन सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रणाली, निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से 24 सेवाओं के लिए आवेदन करने की जानकारी, 75% से अधिक आवंटित औद्योगिक क्षेत्रों में भूखंडों के आवंटन के लिए पारदर्शी ई-नीलामी प्रक्रिया आदि के बारे में भी उन्हें बताया गया। इसके अतिरिक्त, नई परियोजनाएं, जहां निवेशक अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए भूमि प्राप्त कर सकते हैं और यूपीसीडा का जीआईएस पोर्टल के विषय में भी अवगत कराया गया, जहां वे आवंटन के लिए उपलब्ध रिक्त भूखंडों तथा अन्य विवरण जैसे सड़क और रेलवे कनेक्टिविटी, भूखंड-वार विवरण और औद्योगिक क्षेत्र के भीतर और आसपास अन्य अवस्थापना सुविधाओं की उपलब्धता की खोज कर सकते हैं ।
ये संवादात्मक सत्र विभिन्न जिलों में आयोजित किए गए जिनमें आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, मैनपुरी, अलीगढ़, एटा, देवरिया, बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, शाहजहांपुर, परसा खेरा, जेपी नगर, अमरोहा, संभल, अमेठी, अयोध्या, गाजियाबाद, बुलंदशहर शामिल हैं। मेरठ, हापुड़, गोरखपुर, मऊ, बस्ती, संत कबीर नगर, हमीरपुर, जालौन, झांसी, कानपुर, जैनपुर, फतेहपुर, औरैया, फर्रुखाबाद, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, संडीला, राय-बरेली, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद , जीबी नगर, बागपत, जौनपुर, वाराणसी सम्मिलित हैं।
इन बैठकों में विभिन्न नीतिगत निर्णयों के बारे में जानकारी के प्रसार के लिए यूपीसीडा के नोडल अधिकारियों को भी प्रतिनिधानित किया गया।
प्रतिभागियों को उनके औद्योगिक क्षेत्रों में किए जा रहे रखरखाव और विकास कार्यों की स्थिति के बारे में बताया गया और अवस्थापना सुविधाओं को बनाए रखने के लिए भावी योजनाओं पर भी उनके साथ चर्चा की गई। उद्यमियों और औद्योगिक संघों के सदस्यों से भी कई सराहनीय सुझाव प्राप्त हुए। प्रतिभागियों ने आवंटियों और उद्यमियों द्वारा सामना की जा रही विभिन्न चुनौतियों के बारे में भी चर्चा की और यूपीसीडा के अधिकारियों ने उन्हें उनकी चिंताओं के समयबद्ध समाधान का आश्वासन दिया।
चर्चा के दौरान, प्रतिभागियों को हाल के साढ़े चार वर्षों में यूपीसीडा की सफलता की कहानी के बारे में भी बताया गया, जिसके परिणामस्वरूप रु0 8,500 करोड़ का निवेश आकर्षित हुआ है, जिसमें से रू0 2,300 करोड़ से अधिक का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्राप्त हुआ है। यूपीसीडा द्वारा लागू की गई निवेशक अनुकूल पहलों और सुधारों के परिणामस्वरूप, राज्य के निवेश मित्र पोर्टल में दर्ज फीटबैक के अनुसार, चालू वर्ष में 94% से अधिक उपयोगकर्ताओं ने संतोष व्यक्त किया है। निवेश मित्र आवेदनों की संख्या 2018-19 में 826 से बढ़कर 2020-21 में 7765 हो गई है।
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