पिछले तीन वर्षों में निवेशकों को रिकॉर्ड संख्या में 1600 से अधिक प्लॉटों का आवंटन हुआ

लखनऊ। यूपी सीडा के सीईओ मयूर महेश्वरी ने बताया कि यूपीसीडा ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में रिकॉर्ड प्रदर्शन करते हुए 1359 करोड़ रुपये का ऑपरेटिंग राजस्व प्राप्त किया है, जो वित्तीय वर्ष 2018-19 की तुलना में दोगुना है । यूपीसीडा ने भूमि बैंक का विस्तार करने हेतु लैंड ऑडिट और विभिन्न नीतिगत सुधारों (जैसे कि Purchasable FAR,संविलियन और विभाजन का सरलीकरण आदि) के माध्यम से अप्रयुक्त भूमि का बेहतर तरीके से उद्योग हित में जमीन की वैल्यू अनलॉकिंग की है।इसके अतिरिक्त सबसे महत्वपूर्ण e-auction एवं निवेश मित्र पर पारदर्शी तरीकों द्वारा भूमि आवंटन करके, यूपीसीडा ने निवेशकों का विश्वास प्राप्त किया है, परिणाम स्वरुप पिछले तीन वर्षों में निवेशकों को रिकॉर्ड संख्या में 1600 से अधिक प्लॉटों का आवंटन हुआ है एवं उत्तर प्रदेश को देश के औद्योगिक विकास का इंजन बनाने में मदद की है ।
उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास में डिजिटलीकरण ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है । यूपीसीडा निवेश मित्र के माध्यम से वर्तमान में 34 ऑनलाइन ई-सेवाएं प्रदान कर रहा है,जो कोविड-19 के पहले मात्र 2 थी। परिणामस्वरूप 31,000 से अधिक आवेदनों का 96% संतुष्टि दर के साथ निस्तारण किया गया है।
सीईओ मयूर महेश्वरी ने बताया कि कौशल विकास को बढ़ावा देने और कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए, प्राधिकरण ने अटल औद्योगिक अवसंरचना मिशन (एआईआईएम) और सुरक्षित औद्योगिक क्षेत्र परियोजनाओं जैसी पहल के तहत क्रेच,पिंक शौचालय और पिंक डोरमैट्री जैसी महिला केंद्रित सुविधाओं का विकास किया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप औद्योगिक पार्कों में महिला भागीदारी और रोजगार में वृद्धि हुई है। इसके अतिरिक्त, प्राधिकरण ने निवेशकों और उद्यमियों की समस्या के समाधान हेतु नागरिक सुविधा केंद्र की स्थापना की है जिसके माध्यम से विभिन्न विभागों से सम्बंधित प्रश्नों का तुरंत और संतोषजनक समाधान किया जा रहा है।
इन सभी चहुंमुखी प्रयासों से एक तरफ जहाँ प्राधिकरण की आय बढ़ी है, वही दूसरी तरफ प्रशासनिक खर्चो में वित्तीय वर्ष 2018-19 की तुलना में 9 प्रतिशत की कटौती भी की गयी है । यूपीसीडा ने निवेशकों की सुविधा हेतु औद्योगिक क्षेत्रों में इन्फ्रास्ट्रचर के विकास पर ध्यान केंद्रित किया है। जिससे यूपीसीडा के अवस्थापना विकास व्यय में चौगुना वृद्धि हुई है यह 104 करोड़ (वित्तीय वर्ष 2017-18) से बढ़ कर 415 करोड़ (वित्तीय वर्ष 2023-24 ) हो गया है।
सीईओ मयूर महेश्वरी ने बताया कि प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को विस्तारित करने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। यूपीसीडा भूखंड आवंटन के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। जिसके परिणामस्वरूप भूमि आवंटन में वृद्धि देखी गई और केवल 2023-24 में ही 693 प्लॉटों का आवंटन किया गया। इस महत्वपूर्ण पहल से जहां एक तरफ निवेशक लाभान्वित हुए हैं, वही दूसरी तरफ प्राधिकरण की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ हुई है। यूपीसीडा राज्य में औद्योगिक विकास और आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए निरन्तर कार्यरत है।
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