कारोबारी माहौल में उत्तर प्रदेश को मिले सबसे अधिक अंक
नॉलेज-आउटपुट पिलर के तहत शीर्ष के पांच राज्यों में है उत्तर प्रदेश

ज्ञान-प्रसार (नॉलेज डिफ्यूज़न) में उत्तर प्रदेश ने राष्ट्रीय औसत से ऊपर स्कोर किया
लखनऊ| इंडिया इनोवेशन इंडेक्स-2021 (भारत नवाचार सूचकांक 2021) में उत्तर प्रदेश ने अपने प्रदर्शन में दो स्थानों का महत्वपूर्ण सुधार करते हुए वर्ष 2020 में नौवें स्थान की तुलना में वर्ष 2021 में ‘सातवां’ रैंक प्राप्त किया है। ज्ञात हो कि नीति आयोग द्वारा आज नई दिल्ली में इंडिया इनोवेशन इंडेक्स 2021 की रिपोर्ट जारी की गई।व्यापारिक वातारण में उत्तर प्रदेश द्वारा देश में उच्चतम स्कोर (40.80) प्राप्त किया गया। यह समग्र कारोबारी माहौल में सुधार, उच्च क्लस्टर सघनता तथा राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के प्रतिशत के रूप में मैन्युफैक्चरिंग एवं सेवा क्षेत्र के महत्वपूर्ण अंश के कारण संभव हुआ है।नॉलेज-आउटपुट स्तंभ के तहत उत्तर प्रदेश को शीर्ष के पांच राज्यों में है। यह उच्च स्कोर स्टार्ट-अप और नए व्यवसायों में वृद्धि का परिणाम है।
नवाचार सूचकांक में सुधार की सराहना करते हुए, इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी, अभिषेक प्रकाश ने कहा- नवाचार जनित उद्यमशीलता ‘मेक-इन-इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ कार्यक्रमों की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, हम एक नवाचार-अनुकूल वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि स्टार्ट-अप्स, मैन्युफैक्चरिंग एवं सेवा सेक्टर और प्रोत्साहन मिल सके।सूचना व संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) से संबंधित निर्यात एवं उच्च तकनीक की वस्तुओं के निर्यात के उच्च परिमाण के कारण इंडिया इनोवेशन इंडेक्स में 6.18 के स्कोर के साथ उत्तर प्रदेश ने ज्ञान-प्रसार (नॉलेज डिफ्यूज़न) में राष्ट्रीय औसत 5.81 से अधिक स्कोर किया है। ज्ञान-प्रसार राज्य की ज्ञान अवशोषण क्षमता को दर्शाता है। इसके दो उप स्तंभ हैं, अर्थात- ज्ञान का प्रसार एवं रचनात्मक उत्पाद और सेवाएं। ज्ञान प्रसार में उन क्षेत्रों से जुड़े संकेतक सम्मिलित हैं, जो नवाचार के लिए अतिमहत्वपूर्ण हैं, जैसे- सॉफ्टवेयर निर्यात, उच्च तकनीक निर्यात, उच्च एवं मध्यम-उच्च तकनीक मैन्युफैक्चरिंग संस्थाएं।नीति आयोग और इंस्टीट्यूट ऑफ कम्पीटीटिवनेस द्वारा तैयार किया गया इंडिया इनोवेशन इंडेक्स एक मूल्यांकन प्रणाली है, जो राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उनके नवाचार प्रदर्शन के आधार पर रैंक करता है।
नीति आयोग द्वारा आज (21-07-2022 को) जारी सूचकांक के तीसरे संस्करण में वैश्विक नवाचार सूचकांक के ढांचे के आधार पर देश में नवाचार विश्लेषण पर प्रकाश डाला गया है। इंडिया इनोवेशन इंडेक्स 2020 में 36 संकेतकों की संख्या 36 को बढ़ा कर 66 (इंडिया इनोवेशन इंडेक्स 2021 में) कर दिया है, जो श्रमशक्ति/मानव संसाधन, निवेश, नॉलेज वर्कर्स, कारोबारी माहौल, सुरक्षा एवं कानूनी वातावरण, नॉलेज-आउटपुट व नॉलेज-डिफ्यूज़न जैसे प्रमुख स्तंभों में वितरित किए जाते हैं।
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