
भौतिक सत्यापन की पारदर्शिता हेतु अनुदानित महाविद्यालय स्ववित्तपोषित अनुमोदित शिक्षक संघ ने कुलपति अवध विश्वविद्यालय से किया मांग :-
मीडिया कवरेज और सी.सी.टी.वी.कैमरे की निगरानी में हो अनुमोदित प्राचार्यो/शिक्षको का भौतिक सत्यापन
lucknow | अनुदानित महाविद्यालय विश्वविद्यालय स्ववित्तपोषित अनुमोदित शिक्षक संघ ईकाई सुल्तानपुर ने कुलपति अवध विश्वविद्यालय को पत्र प्रेषित कर विश्वविद्यालय से सम्बद्ध अनुदानित एवं स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों के अनुमोदित प्राचार्य व शिक्षको तथा महाविद्यालय की अवस्थापना सुविधाओं के भौतिक सत्यापन में महाविद्यालय विकास समिति के साथ परिक्षेत्र के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षको को भी शामिल करने की मांग की है ।
कुलपति को प्रेषित मांग पत्र में कहा गया हैकि अनुमोदित प्राचार्य व शिक्षको के अद्यतन कार्यरत स्थिति की जांच के लिए विगत दो शैक्षणिक सत्रो की महाविद्यालीय/विभागीय गतिविधियों और महाविद्यालय उपस्थिति पंजिका सहित भौतिक सत्यापन करवाया जाय। क्यों भौतिक सत्यापन में भी व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार की सम्भावना है। अधिकांश महाविद्यालय प्रबन्धको द्वारा कुलपति के आदेश पर महाविद्यालय स्तर से ऐसे प्राचार्य व शिक्षको का विवरण विश्वविद्यालय को अग्रेसित कर विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित सूची में अद्यतन कार्यरत के रुप में शामिल करा दिया गया है,जो कि या तो वर्तमान में महाविद्यालय में हैं ही नहीं या फिर कभी थे ही नहीं ? मात्र विश्वविद्यालय से हुए अनुमोदन के आधार पर फर्जी नियुक्ति पत्र निर्गत कर अद्यतन कार्यरत दिखाया गया है। और तो और अद्यतन कार्यरत के सबसे बड़े आधार बैंक से निर्गत वेतन स्टेटमेंण्ट में भी फर्जीवाड़े का खेल किया गया है।
संघ ईकाई सुल्तानपुर जिलाध्यक्ष डां.जितेन्द्र कुमार त्रिपाठी जो प्राचार्य या शिक्षक कभी भी कालेज में आये ही नहीं, ऐसे प्राचार्य व शिक्षको के नाम पर महाविद्यालय प्रबन्धको द्वारा बैंक में खाता खुलवाकर सम्बन्धित प्राचार्य/शिक्षक से एडवांस में बिना डेट के हस्ताक्षर युक्त चेक बुक प्राप्त कर स्वयं उक्त प्राचार्य/शिक्षक के नाम पर वेतन हस्तांतरित कर प्रबन्धको द्वारा ही आहरित कर वेतन स्टेटमेंण्ट की निरन्तरता से अद्यतन कार्यरत का खेल किया गया है। जब कि उक्त तथाकथित प्राचार्य/शिक्षक किसी अन्य संस्थान/कार्य में संलग्न है।
डां.त्रिपाठी ने कहा हैकि जब नकल विहीन पारदर्शितापूर्ण परीक्षा हेतु अवध विश्वविद्यालय के मा.कुलपति द्वारा छात्र/छात्राओ की परीक्षा कैमरे की निगरानी में करवायी जा सकती है, तो विश्वविद्यालय की साख पर बट्टा लगाने वाले मानक विहीन कालेजो व भ्रष्टाचार अनियमितता व फर्जीवाड़े की धुरी बन चुके अनुमोदित प्राचार्यो/शिक्षको का भौतिक सत्यापन कैमरा व मीडिया की निगरानी में क्यों नहीं ?
शिक्षक संघ ने कुलपति अवध विश्वविद्यालय से पारदर्शितापूर्ण ढंग से निम्नांकित बिन्दुओ के अन्तर्गत भौतिक सत्यापन करवाये जाने की मांग किया गया है :
01.अनुमोदित प्राचार्य/शिक्षक के अनुमोदनपत्र, नियुक्तिपत्र अनुभव प्रमाणपत्र आधार नम्बर पैन नम्बर फोटू युक्त पहचानपत्र के आधार पर भौतिक सत्यापन करवाया जाय।
02.सम्बन्धित प्राचार्य/शिक्षक की विगत तीन शैक्षणिक सत्रो में महाविद्यालयीय/विभागीय क्रियाकलापो एवं महाविद्यालय उपस्थिति के अनुसार कार्यरत स्थिति का भौतिक सत्यापन किया जाय।
03.महाविद्यालय प्रबन्धको द्वारा अनुमोदित व शिक्षको का जो नाम व विवरण विश्वविद्यालय सूची के प्रकाशन हेतु महाविद्यालय से अधिकारिक रुप से अग्रेषित किया गया है, उक्त सूची के तदनुसार ही भौतिक सत्यापन करवाया जाय।
04. अनुमोदित प्राचार्य/शिक्षको व महाविद्यालय अवस्थापना के भौतिक सत्यापन समिति में परिक्षेत्र के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को भी शामिल किया जाय।
05.भौतिक सत्यापन की सम्पूर्ण प्रक्रिया सी.सी.टी.बी.कैमरा एवं इलेक्ट्रॉनिक व प्रिन्ट मीडिया की निगरानी में हो।
06.भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट सार्वजनिक किया जाय तथा फर्जीवाड़ा,भ्रष्टाचार व अनियमितता पाये जाने पर तत्काल प्रभाव से सम्बन्धित प्राचार्य/प्रबन्धक के विरुद्ध एफ.आई.आर.दर्ज करवायी जाय।
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