वारालिका सिंह , राष्ट्रीय बाल शक्ति पुरस्कार के लिए नामांकित



गाजियाबाद । घर के माहौल और परिवार के संस्कार व शिक्षा का बच्चों पर पूरा असर पड़ता है यह पुरानी कहावत है , डीपीएस स्कूल में कक्षा 12, की छात्रा वारालिका सिंह पर यह कहावत पूरी तरह से सही बैठती है ।

अधिकारी मां और एडोवकेट पिता की संतान वारालिका बचपन से प्रतिभाशाली और विलक्षण प्रतिभा की धनी रही है । वर्ष 2020,_21 में वारलिका को UNESCO, नई दिल्ली द्वारा निबंध प्रतियोगिता में स्वतंत्र लेखिका के रूप में सम्मानित किया गया ।

वारालिका सिंह अब तक शिक्षा, समाज सेवा में एक दर्जन मैडल जीत चुकी है जिसमें 6, गोल्ड व 4 सिल्वर मैडल है । इसके अलावा 29,पदक राज्य एथिलेटिक प्रतियोगिता में जीत चुकी है ।

वारालिका ने 2020 वर्ष में यूएन कांफ्रेंस में अपने कालेज का प्रतिनिधित्व भी किया है ।
समाज सेवा में भी इनकी काफी रूचि है महिलाओं के लिए अक्सर काम करती रहती है ।
इसके अलावा कोरोना काल में गरीब व भूखे लोगों को भोजन कराने का भी कार्य किया है ।

अब, वारालिका सिंह को बाल शक्ति पुरस्कार के लिए इन सब खूबियों को देखते हुए नामांकित किया गया है ।


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