
कानपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कानपुर में आयोजित परिवर्तन रैली को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य गरीबों का हित साधना है. हम उनका विकास चाहते हैं इसके लिए कालाधन और भ्रष्टाचार पर अंकुश जरूरी है. इसलिए मैंने आठ नवंबर को नोटबंदी का फैसला लिया. इस नोटबंदी से बेईमान लोग घबराए हुए हैं. नोटबंदी पर बोलते हु़ए कहा कि हम देश से कालाधन समाप्त करना चाहते हैं, लेकिन विपक्ष संसद को बंद करवाना चाहता है. राष्ट्रपति द्वारा चिंता व्यक्त किये जाने के बाद भी विपक्ष ने संसद में नोटबंदी पर चर्चा नहीं की. विरोधी दल नहीं चाहते कि देश से कालाधन समाप्त हो, वह बेईमानों को बचाना चाहते हैं.
जबकि भ्रष्टाचार और कालाधन के कारण ही देश का मध्यम वर्ग शोषित है. उन्होंने कहा कि इतिहास नोटबंदी की घटना को इसलिए याद नहीं करेगा कि कौन पीएम था जिसने कालाधन पर लगाम कसने के लिए यह कदम उठाया था, बल्कि इसलिए याद करेगा की कैसे सवा सौ करोड़ की आबादी का यह देश ईमानदारी के लिए एकसाथ खड़ा हो गया था. उन्होंने कहा कि इस एक फैसले से अच्छे-अच्छों का खेल खत्म हो गया.
रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि मैंने आल पार्टी मीटिंग में सदन चलाने का अनुरोध किया था. सबसे कहा कि चुनाव सुधार जरूरी है. अगर लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक ही बार हों, तो खर्च काफी बचेगा. संसद में इसपर भी चर्चा होनी थी , लेकिन संसद चलने नहीं दिया गया.
केंद्र की सरकार गरीबों का भला चाहती है और इसके लिए वह सत्ता में आने के बाद पहले ही दिन से कार्य कर रही है. उन्होंने कहा कि अगर आप प्रदेश का विकास चाहते हैं तो भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनायें. उन्होंने कहा कि जिस उत्तर प्रदेश से देश के इतने प्रधानमंत्री हुए उस प्रदेश में आज भी लोग कई गांव ऐसे हैं जहां लोग बिजली से मरहूम हैं. लेकिन केंद्र के प्रयास से बिजली गांव-गांव तक पहुंच रही है. उन्होंने कहा कि एक समय था जब लोगों को गैस का कनेक्शन लेना बहुत कठिन काम था. खासकर गरीब लोगों के लिए तो यह सपने जैसा था, लेकिन हमने इससे करके दिखाया है और गरीब माताओ-बहनों को गैस का कनेक्शन दिया जा रहा है और 35 लाख से ज्यादा बीपीएल परिवार को गैस कनेक्शन दिया गया है.
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