*श्रीमती अपर्णा यादव ने उरई में वितरित किया सिलाई मशीन और सेनेटरी नैपकिन *
*लखनऊ/ जालौन, । ‘क्या आप अपनी सुरक्षा करने और अपना अधिकार पाने के
लिए लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं, क्या आप समाजिक लोक लज्जा से ऊपर उठकर अपने
ऊपर हो रहे अत्याचार के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार हैं, क्या आप बिना किसी भय के
पुलिस थाने में जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए तैयार हैं, क्या आप अपराध
का बोध करने और उसके खिलाफ बने कानून के बारे में जानने के लिए तैयार हैं’। तो
दूसरी तरफ से एक स्वर में आवाज आई ‘हाँ’। ये उन ग्रामीण महिलाओं के कंठ से
निकली हुई आवाज थी जो कुछ समय पहले मायूस थी, निराश थी और आत्मबल हीन थी।
लेकिन अब उन्ही आवाज में नया जोश था, उन्माद था और आत्मविश्वास था। मौका था
जनपद जालौन के उरई स्थित टाउन हाल मैदान में सामाजिक संस्था बी –
अवेयर फाउंडेशन व्दारा आयोजित सेमिनार ‘बी अवेयर’ का जिसमें संस्था की
संरक्षिका श्रीमती अपर्णा यादव सेमिनार में हज़ारों की तादात में उपस्थित छात्र
, छात्राओं और महिलाओं को उनके सुरक्षा एवं अधिकार के बारे में जागरूक कर रही
थी।
*सेमिनार के दौरान श्रीमती अपर्णा यादव ने सर्वप्रथम आज अपने जन्मदिन के
मौके पर 51 महिलाओं को संस्था की तरफ से सिलाई मशीन तथा तकरीबन दस हज़ार
सेनेटरी नैपकिन वितरित किया। इसके अलावां उन्होंने यहाँ के दस गॉवों की
बेहतरी के लिए कार्य करने की भी बात कही। और भरोसा दिलाया की हर मुसीबत में
वे उनके साथ खड़ी हैं। **सिलाई मशीन पाकर महिलाओं के चेहरे खिल उठे। *उसके बाद
श्रीमती यादव ने महिलाओं पर हो रहे अत्याचार के प्रमुख कारणों का जिक्र करते
हुए कहा कि सामाजिक कुंठा, कानून का ज्ञान न होना, स्वयं की सुरक्षा के लिए
तत्पर न होना और पुलिस का डर प्रमुख वजह है जो सामान्य रूप से महिलाओं पर हावी
है। उन्होंने कहा की इन सब से महिलाओं ऊपर उठकर सोचना होगा और अपनी लड़ाई स्वयं
लड़नी होगी। उन्होंने कहा कि पुलिस नहीं कानून से डरिये। क्रिमिनल एमेंडमेंट
एक्ट 2013 का जिक्र करते हुए बताया कि महिलाओं के साथ छेड़खानी, ताक – झाँक
करना भी अब कानूनी अपराध की श्रेणी में दर्ज हो चूका है जबकि 2012 से पहले
इसके लिए कोई कानून नहीं था लेकिन अब जो यह कानून बना है काफी मजबूत है जिसको
आपको जानना चाहिए और दूसरों को भी बताना चाहिए।
श्रीमती अपर्णा यादव ने क्रिमिनल एमेंडमेंट एक्ट 2013 का जिक्र करते हुए
पुलिस कार्यवाही से सम्बंधित जैसे प्राथमिक सूचना रिपोर्ट कैसे दर्ज कराई जाये
उसके बाद पुलिस का क्या दायित्व होना चाहिए , इन सब भी तमाम जागरूकता सम्बन्धी
बातों का जिक्र किया। उन्होंने ने पुलिस में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा
मिले इस बात पर भी जोर दिया। इतना ही नहीं उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस
अधिकारीयों को सीधे लोगों से रूबरू कराया और उनसे सहयोग की अपील की। पुलिस
अधिकारीयों ने भी भरोसा दिलाया कि पुलिस किसी भी तरह के अपराध को संज्ञान में
आने पर त्वरित कार्यवाही करेगी।
सेमिनार में वरिष्ठ समाज सेविका श्रीमती ताहिरा हसन, बी – अवेयर फाउंडेशन
की स्थानीय इकाई के पदाधिकारी व कार्यकर्ता, दूर- दराज़ से आई हज़ारों
की तादात में महिलाऐं, स्कूली छात्राएं मौजूद थे। उरई में श्रीमती यादव का
भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने सेमिनार को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करने
के लिए उपस्थित मीडिया बंधुओं तथा सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।
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