योग केवल आसनों का समुच्चय नहीं, बल्कि यह जीवन की एक पद्धति है— मुख्यमंत्री


मुख्यमंत्री ने 7वें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं मंगलमय शुभकामनाएं दीं

लखनऊ | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 7वें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं मंगलमय शुभकामनाएं दी हैं। उन्हांेने कहा कि योग केवल आसनों का समुच्चय नहीं, बल्कि यह जीवन की एक पद्धति है। योग के माध्यम से ही शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक उन्नयन सम्भव है।
7वें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज अपने सन्देश में मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से भारत की इस प्राचीन विधा योग को अन्तर्राष्ट्रीय मान्यता मिली है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने आज से 06 वर्ष पूर्व भारत की इस प्राचीन विधा को अन्तर्राष्ट्रीय मान्यता देते हुए 21 जून की तिथि को अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी थी। तभी से प्रत्येक वर्ष 21 जून की तिथि को पूरे देश और पूरी दुनिया में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारतीय मनीषियों द्वारा विश्व को प्रदान किया गया अमूल्य उपहार है, जो शरीर व मन दोनों को स्वस्थ रखता है। भारत के लिए यह गौरव का क्षण है कि जब हम अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ऋषि परम्परा के इस अनमोल उपहार को लोक कल्याण एवं मानवता के कल्याण के लिए प्रदान करने में सफल हो पा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में पूरी दुनिया कोरोना महामारी के संकट से जूझ रही है। इस बार अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘योगा फाॅर वेलनेस’ निर्धारित की गयी है। सभी लोग कोरोना प्रोटोकाॅल का पालन करते हुए घर पर रहकर ही योगाभ्यास करें। इस योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री जी का मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। हमें विश्वास है कि अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस हमारे लिए कल्याणकारी सिद्ध होगा।


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