लखनऊ | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि समाजवादी रास्ता ही भारतीय राजनीति का विकल्प होगा जिसमें समाज के सभी वर्गो का हित शामिल है। सामाजिक आर्थिक विषमता इससे ही दूर हो सकती हैं। समाजवादी पार्टी सेक्यूलर और सोशलिस्ट व्यवस्था की पक्षधर है और विकास के संतुलन के रास्ते पर काम करती है। आपसी भाईचारा, सामाजिक सद्भाव एवं विकास साथ-साथ चलते हैं। तभी सभी का दुःखदर्द दूर होगा।
श्री अखिलेश यादव ने उक्त विचार आज पटना में व्यक्त किए। उन्होने पटना स्थित श्री कृष्णा मेमोरियल हाल में, समाजवादी पार्टी द्वारा बिहार विधान सभा चुनाव के मद्देनजर आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन को सम्बोधित किया। सम्मेलन में सभी छह दलों के गठबंधन के नेता श्री रघुनाथ झा, श्री तारिक अनवर, श्री देवेन्द्र यादव, श्री पप्पू यादव, श्री संजय वर्मा सहित समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री रामचन्द्र यादव आदि मौजूद थे। श्री अखिलेश यादव ने अपने सम्बोधन में कहा कि समाजवादी सरकार ने उत्तर प्रदेश में जो विकास कार्य तीन साल में कर दिखाए हैं वे बिहार में क्यों नहीं हो सकते और अब तक क्यों नहीं हुए ? यह बिहार विधान सभा के चुनाव का केन्द्रीय मुद्दा होगा। उत्तर प्रदेश में किसानों, गरीबों, छात्रों, नौजवानों, महिलाओं, अल्पसंख्यकों एवं श्रमिको के हित में तमाम योजनाएं चलाई गई है। आज उत्तर प्रदेश में किसानों को समाजवादी सरकार द्वारा सिंचाई की मुफ्त व्यवस्था है, उन्हें बीमा और फसल नष्ट होने पर पर्याप्त मुआवजा, फसलों की बिक्री के लिए मंडियो की स्थापना, कामधेनु योजना आदि का लाभ मिल रहा है।ं आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे सहित सड़कों और पुलों का निर्माण हुआ है।
लैपटाप, समाजवादी पेंशन योजना, मुफ्त ई-रिक्शा वितरण, विद्युत आपूर्ति, सौर ऊर्जा, पर भी उत्तर प्रदेश में तेजी से काम हो रहा है। स्वास्थ्य, शिक्षा, में तेजी से प्रगति हो रही है। कानून व्यवस्था सुदृढ़ है और उद्योग धंधों के लिए माहौल है। वहीं पूंजीनिवेश में वृद्धि हुई है। लोहिया आवास, गांवो में विकास, अस्पताल, मुफ्त चिकित्सा सुविधा के क्षेत्र में भी पर्याप्त काम हुआ है। श्री यादव ने बिहारवासियों के साथ अपने सामाजिक एवं भावनात्मक संबंधो की याद दिलाते हुए कहा है कि बिहार और उत्तर प्रदेश देश की राजनीति को नई दिशा देने की ताकत रखते है। डा0 लोहिया, जयप्रकाश नारायण, कर्पूरी ठाकुर ने समाज परिवर्तन के लिए बहुत संघर्ष किया है और वही रास्ता श्री मुलायम सिंह यादव और समाजवादी पार्टी का है। इसी रास्ते पर चलकर बिहार की भी तरक्की हो सकती है।
श्री अखिलेश यादव ने पूछा कि अच्छे दिनों की बात करनेवाले, कालाधन वापसी, सीमाओं की सुरक्षा और बेकारों को नौकरी दिलानेवाले अब कहां है? उनका ब्लू प्रिंट भी बिहार और देश की जनता की समझ के बाहर है। ये वही लोग हैं जो ऐसे तमाम मुद्दो की ब्रांडिग और मार्केटिंग करने में विश्वास करते है और यह भी कि अच्छे दिनों की स्क्रिप्ट लिखनेवाली एजेन्सी भी व्यापारिक हित में काम करती है। उन्होने कहा कि मैं यहां इसके पूर्व एक मुख्यमंत्री की शपथ में आया था। लेकिन आज फिर यहां जो समाजवादी पार्टी सहित संगी दलों के नेता उपस्थित है उन्हीं में से किसी एक के शपथ ग्रहण समारोह के अवसर पर पटना आंऊगा। बिहार परिवर्तन का साक्षी रहा है और ऐसी उम्मीद है कि बिहार एक बार फिर नेतृत्व परिवर्तन करके श्री मुलायम सिंह यादव द्वारा बिहार चुनाव के लिए गठित गठबंधन को अपना समर्थन व सहयेाग देगा। बिहार घोर समस्याओं की त्रासदी से जूझ रहा है। बेकारी, पलायन और विकास का विकल्प सांप्रदायिकता नहीं हो सकती है।
इसके पहले मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव के लगभग 12 बजे पटना एयरपोर्ट पहुॅचने और वहां से सम्मेलन स्थल के पांच किलोमीटर रास्ते में हजारों की तादाद में बिहारवासियों ने उनका स्वागत अभिनन्दन किया और समर्थन का भरोसा दिलाया। पटना के गांधी मैदान के पास भी बड़ी संख्या में लोग उनकी प्रतीक्षा में खड़े थे। जिस सभागार में सम्मेलन हुआ वहां पांच हजार से ज्यादा कार्यकर्ता मौजूद थे और इससे दुगने बाहर सड़कों पर मुख्यमंत्री जी का भाषण सुन रहे थे। जैसे ही मुख्यमंत्री जी ने भाषण समाप्त किया वैसे पूरे हाल में बैठे लोग उनके समर्थन और स्वागत में खड़े हो गए और देर तक श्री मुलायम सिंह यादव जिन्दाबाद, अखिलेश यादव जिन्दाबाद के नारे लगाते रहे। बिहार के सभी दलों के नेताओं ने उत्तर प्रदेश में किए गये कार्यो की प्रशंसा की और दुहराया कि बिहार समाजवादी रास्ते पर चलेगा और इस विधान सभा के चुनाव में हमारे गठबंधन को सफलता मिलेगी।
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