लघु इकाइयों को कर्ज एक लाख करोड़ रुपए हो सकता है: जेतली


 

2015_6image_09_22_463648849arun-llनई दिल्ली: वित्त मंत्री अरुण जेतली ने कहा कि लघु इकाइयों को कर्ज चालू वित्त वर्ष में दोगुना होकर एक लाख करोड़ रुपए हो सकता है। उन्होंने सरकार की योजनाआें खासकर हाल में शुरू सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों में निजी क्षेत्र के बैंकों की कम भागीदारी पर भी चिंता जताई।

जेतली ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक प्रमुखों के साथ बैठक के दौरान कहा, ”चूंकि लघु एवं सूक्ष्म उद्यम क्षेत्र की अलग-अलग जरूरतें हैं, ऋण उत्पादों को उनकी जरूरत के हिसाब से तैयार किया जाना चाहिए ताकि जिन्हें वित्त की सुविधा नहीं मिली है, उन्हें प्रभावी तरीके से यह मिले।” मंत्री ने कहा कि 2015-16 में लघु उद्योग क्षेत्र को कर्ज 2014-15 के 50,000 करोड़ रुपए से दोगुना होकर एक लाख करोड़ रुपए हो जाना चाहिए। उन्होंने मुद्रा बैंक तथा प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के क्षेत्र में प्रगति और विकास पर भी चर्चा की।

पीएमएमवाई का मकसद उन लोगों को कर्ज उपलब्ध कराने में मदद करना है जिन्हें अबतक वित्त पोषण नहीं मिला है। वित्त मंत्री ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के घरेलू कर्ज में पिछले साल के मुकाबले 7 प्रतिशत की वृद्धि पर भी चिंता जताई और 2014-15 में कुल घरेलू ऋण प्रवाह 49.01 लाख करोड़ रुपए के क्षेत्रवार वितरण की जानकारी ली।


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