पुलिस की विश्वसनीयता को किसी भी सूरत में वापस लाया जाएगा—–जगमोहन यादव


20311451लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नये पुलिस महानिदेशक जगमोहन यादव ने कार्यभार ग्रहण करने के फौरन बाद पुलिस के इकबाल को बहाल करने का एलान किया। उन्होंने कहा कि जनता के बीच कम हो चुकी पुलिस की विश्वसनीयता को किसी भी सूरत में वापस लाया जाएगा।
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि प्रदेश में अपराधों की रोकथाम, शांति व्यवस्था को कायम करना और गुंडागर्दी को हर हाल में रोकना हमारी प्राथमिकता होगी। नये पुलिस महानिदेशक ने माना कि थानों पर राजनीतिक दबाव होता है लेकिन अब थानों की सीमा-रेखा खींची जाएगी। जनप्रतिनिधियों के जो काम करने के लायक हैं उन्हें तुरन्त किया जाएगा और जो नहीं करने के लायक हैं उन्हें विनम्रता पूर्वक मना कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस सीमा-रेखा को लांघने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।
श्री यादव ने कहा कि उनके सामने पंचायत चुनाव के रूप में एक बड़ी चुनौती है। इस चुनौती से निबटने का इंतजाम करना है क्योंकि पंचायत चुनाव सबसे मुश्किल चुनाव होता है। रीता बहुगुणा जोशी का घर फूंकने के मामले में उनकी रिपोर्ट पर कार्रवाई न किये जाने के बावत पूछे जाने पर पुलिस महानिदेशक ने कहा कि यह मामला अब डीजी सीबीसीआईडी और शासन के बीच का मामला है और उसमें वह हस्तक्षेप नहीं कर सकते हैं।
थानों पर होने वाले घेराव, थानों और गाडिय़ों को फूंक देने के मामलों को भी रोकने की बात उन्होंने कही। उन्होंने कहा कि अब हर मामले का ठीकरा सिपाही और दरोगा के सर नहीं फूटेगा। इसमें जो अधिकारी जिम्मेदार पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नये पुलिस महानिदेशक ने कहा कि पुलिस विभाग में नेतृत्व की कमी की वजह से तमाम मामलों पर समय से निर्णय नहीं हो पाते हैं। अब नेतृत्व को ही सबसे पहले कसना होगा। उन्होंने कहा कि मैं यूपी का रहना वाला हूं और यहां की भौगोलिक स्थितियों से खूब वाकिफ हूं। मुझे पता है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में छोटे-छोटे मामले साम्प्रदायिक रंग लेने में देर नहीं करते हैं। इन मामलों को समय रहते हल कर लिया जाएगा ताकि बात हाथ से निकलने न पाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का आम आदमी सड़कों और चौराहों पर होने वाली गुंडागर्दी से सबसे ज्यादा परेशान है। उसे गुंडों से राहत दिलाना भी हमारी प्राथमिकता होगी। गुंडों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जनता के बीच पुलिस की विश्वसनीयता को कायम करने के लिए पूरी ईमानदारी के साथ काम करूंगा और पुलिस का विश्वास दोबारा से कायम करूंगा। उन्होंने कहा कि मैं एडीजी के रूप में काम कर चुका हूं और यह बात जानता हूं कि बहुत से मामले विभाग की ढिलाई की वजह से हल नहीं हो पाते और बहुत सी ऐसी घटनाएं घट जाती हैं जिन्हें रोका जा सकता था। सबसे पहले उन्हीं मामलों पर कार्रवाई होगी जिन्हें रोका जा सकता था लेकिन नहीं रोका जा सका। श्री यादव ने पुलिस महानिदेशक की कुर्सी की गरिमा को बनाए रखने की बात भी कही।

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