एसिड पीडि़ताओं का यह कार्य समाज की अन्य महिलाओं के लिए हौसला बढ़ाने वाला है


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सांसद श्रीमती डिम्पल यादव ने आगरा में 
एसिड अटैक पीडि़तों द्वारा संचालित ‘शेरोज’ हैंग आउट का अवलोकन किया
लखनऊ:  कन्नौज की सांसद श्रीमती डिम्पल यादव ने आज आगरा में एसिड अटैक पीडि़तों द्वारा संचालित ‘शेरोज’ हैंग आउट पहुंचकर इसे संचालित करने वाली महिलाओं से मुलाकात की और उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने मुलाकात के दौरान हैंग आउट का अवलोकन किया और उनके कार्यों की प्रसंशा भी की।
श्रीमती डिम्पल के शेरोज हैंग आउट पहुंचने पर वहां पर काफी भीड़ थी। उन्होंने अपने उदगार व्यक्त करते हुए कहा कि एसिड पीडि़तों ने आर्थिक रूप से आत्म निर्भर बनने के लिए इस हैंग आउट की शुरूआत करके एक साहसिक कार्य किया है। अपनी पीड़ा एवं उत्पीड़न से उबरकर शेरोज हैंग आउट शुरू कर इन एसिड पीडि़तों ने दूसरों के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। साथ ही, एसिड पीडि़तों ने सामाजिक परिस्थितियों का सामना करके अपने जीवन को सुखी बनाने की ओर कदम बढ़ाया है, जिसका स्वागत किया जाना चाहिए।
श्रीमती डिम्पल यादव ने शेरोज हैंग आउट में घूमकर वहां के कार्यकलापों एवं गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने एसिड पीडि़तों से बात करके उन्हें आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित भी किया। उन्होंने कहा कि एसिड अटैक जैसी घटनाएं सभ्य समाज के लिए कलंक है। देश की आधी आबादी महिलाओं की है। महिलाओं की अनदेखी करके कोई समाज सम्पूर्णता में विकसित नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए और कड़े नियम बनाये जाने चाहिए, जिससे कोई भी अपराधी महिलाओं के साथ एसिड अटैक जैसा जघन्य घटना को अंजाम न दे सके।
श्रीमती यादव ने कहा कि महिलाओं को विकास की मुख्य धारा में लाना बेहद जरूरी है। महिलाओं के उत्थान के बगैर समाज का विकास अधूरा है। उन्होंने कहा कि जीवन के हर क्षेत्र में महिलाओं को सशक्त एवं समर्थ बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शेरोज हैंग आउट की पीडि़तों ने अपना  स्वरोजगार शुरू करके दूसरी महिलाओं का भी आत्म विश्वास बढ़ाया है। उन्होंने इस मौके पर हैंग आउट की सभी महिलाओं को धन्यवाद एवं नववर्ष की बधाई भी दी। भ्रमण के दौरान प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री श्री अभिषेक मिश्र भी उनके साथ थे।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश प्रवासी भारतीय दिवस के आयोजन मौके पर श्रीमती डिम्पल यादव मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव के साथ इस समय आगरा प्रवास पर है।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की है और उनपर गम्भीरता से अमल किया है। उन्होंने इस मौके पर सामाजिक सेक्टर की सबसे बड़ी सुरक्षा योजना समाजवादी पेेंशन का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि इस योजना में लगभग 45 लाख महिलाओं को लाभान्वित कराया जा रहा है। राज्य सरकार महिलाओं के मान-सम्मान, सुरक्षा तथा उनके खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है। महिलाओं के साथ छेड़-छाड़ व हिंसा की घटनाओं को रोकने के लिए विमेन पावर लाइन ‘1090’ शुरू की गयी है।
इसके साथ ही, डाॅयल ‘100’ को राज्य व्यापी बनाया जा रहा है, जिससे प्रदेश के किसी भी कोने से कोई भी पीडि़त संकट की स्थिति में पुलिस को सूचना देकर राहत की मांग कर सकता है। राज्य सरकार एसिड अटैक पीडि़तों को आर्थिक मदद पहुंचान रही है। इसके लिए उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष के अन्तर्गत रानी लक्षमीबाई वीरता पुरस्कार दिया जा रहा है। इसके लिए इस वर्ष बजट में 100 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गयी है।
इसके अलावा महिलाओं के समग्र विकास के लिए वर्ष 2006 में उत्तर प्रदेश महिला नीति जारी की गयी थी। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण साकरात्मक परिवर्तन लाना तथा नारी के अस्तित्व की रक्षा करने के साथ ही, समाज में उनकी प्रतिष्ठा को बढ़ाना है।

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