
मुख्यमंत्री ने गोरखपुर व बस्ती मण्डल के
स्वास्थ्य अधिकारियों व चिकित्सकों के साथ समीक्षा बैठक की
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद गोरखपुर के बी.आर.डी. मेडिकल काॅलेज में 10 बेड के आई.सी.यू. वार्ड एवं 6 बेड के सी.सी.यू. वार्ड का लोकार्पण किया।इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने मेडिकल काॅलेज के जे.ई./एईएस वार्ड में अति गंभीर बीमार बच्चों को एडमिट करने के लिए बनाए गए सी.सी.यू. का उद्घाटन भी किया। इस अवसर पर उन्होंने जे.ई./एईएस वार्ड का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने मुख्यमंत्री ने आकस्मिक चिकित्सा कक्ष, आई.सी.यू., नवजात शिशु सघन कक्ष में बेड टू बेड जाकर मरीजों का हाल लिया तथा दवा की उपलब्धता, चिकित्सकीय व्यवस्था, साफ सफाई आदि व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सकों को निर्देश दिये कि मरीजों का बेहतर इलाज किया जाये, किसी भी मरीज की मृत्यु उपचार के अभाव में नही होनी चाहिए।
निरीक्षण के पश्चात मुख्यमंत्री ने वार्ड के सेमिनार हाल में गोरखपुर/बस्ती मण्डल के स्वास्थ्य अधिकारियों/चिकित्सकों के साथ बैठक कर 102 एवं 108 एम्बुलेंस सेवा को बेहतर बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस सेवा के अभाव में किसी मरीज को रिक्शा या कन्धे पर ले जाने की शिकायत यदि संज्ञान में आयेगी तो सी0एम0ओ0 इसके लिए जिम्मेदार होंगे। एम्बुलेंस सेवा सुचारू रूप से जनता को समय से मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हर जिले में एम्बुलेंस सेवा के लिए एक नोडल अधिकारी नामित किया जाये जो इन्हें सक्रिय रखें और निरन्तर पर्यवेक्षण करता रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सी.एच.सी./जिला चिकित्सालयों में उपचार की बेहतर व्यवस्था की जाए तथा इंसेफलाइटिस बीमारी के कारक, लक्षण एवं उसके बचाव के प्रति लोगों में जन जागरूकता लायी जाये ताकि जनमानस इस भयावह बीमारी से बच सके। जेई/एईएस/डेंगू आदि के नियंत्रण में स्वास्थ्य विभाग के अलावा अन्य विभागों की भी भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इसलिए संबंधित विभागों से समन्वय भी जरूरी है। उन्होंने सभी सी.एच.सी./जिला चिकित्सालयों में निःशुल्क उपचार व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से सी.एच.सी. का भ्रमण करते रहे तथा यदि वहां कोई कमी हो तो जनहित के दृष्टिगत तत्काल प्रभाव से ठीक कराएं। सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर चिकित्सकों की उपस्थिति अति आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने जनपदवार स्वास्थ्य सेवाओं की वृहद समीक्षा करते हुए कहा कि किसी भी जिले में मरीज के उपचार में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए, इलाज के अभाव में किसी मरीज की मौत न होने पाये। यदि ऐसा होता है तो सी0एम0ओ0/एडी हेल्थ जिम्मेदार होंगे। उन्होंने दोनों अधिकारियों को निरन्तर क्षेत्रीय भ्रमण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सक मरीज का बिना भेदभाव उपचार करें, इसके लिए किसी सिफारिश की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी/ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता कार्यक्रम को बढ़ाना नितान्त आवश्यक है। इसके लिए सभी नगर पंचायतों में अधिशासी अधिकारी की तैनाती अवश्य कर दी जाये। सड़कों एंव नालियों की सफाई नियमित रूप से करायी जाये, प्लास्टिक के प्रयोग प्रतिबंधित किये जायें, हर दिन फागिंग करायी जाये, कूड़ा सड़क पर न फेंक कर निश्चित स्थान पर रखा जाये। उन्होंने कहा कि शुद्ध पेयजल हेतु एक अभियान के तहत लोगों को जागरूक किया जाये, हैण्डपम्पों का रिबोर कार्य यदि प्रधान/सेक्रेट्री द्वारा समय से नहीं कराया जा रहा है तो उनके विरूद्ध कार्यवाही की जाये। उन्होंने यह भी कहा कि इंसेफलाइटिस प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर स्वच्छ शौचालय उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास, राजस्व, पंचायती राज, मण्डलायुक्त गोरखपुर, बस्ती, जिलाधिकारी गोरखपुर, प्राचार्य मेडिकल काॅलेज सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
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