मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने कहा कि अयोध्या का विकास रामायणकालीन एवं भगवान राम के चरित्र एवं आदर्शों के आधार पर करना है


मुख्य सचिव द्वारा अयोध्या में विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा की गयी

लखनऊ/अयोध्या | मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र द्वारा अयोध्या में विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा की गयी।            अपने संबोधन में मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने कहा कि अयोध्या का विकास रामायणकालीन एवं भगवान राम के चरित्र एवं आदर्शों के आधार पर करना है। इसके लिए जो भी योजनाएं चल रही है, उनमें जहां भी आवश्यक हो, एक्सपर्ट का परामर्श प्राप्त कर लिया जाये। सभी कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाये।           पेयजल योजना की समीक्षा में उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल जगन्नाथपुरी की तरह 24 घंटे पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था बनायी जाये, ताकि स्टोरेज की आवश्यकता न हों। उन्होंने कहा कि अयोध्या की गलियों का विकास श्री काशी विश्वनाथ कारीडोर एवं श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के पास की गलियों की भांति बेहतर विकास किया जाये। अयोध्या के श्रद्धालुओं को केन्द्र में रखकर सुरक्षा व्यवस्था की जाये, ताकि किसी श्रद्धालु को असुविधा न हो तथा सुरक्षा व्यवस्था में भी किसी प्रकार की चूक न हो।        

  उन्होंने कहा कि विशेष रूप से पंचकोसी मार्ग, चौदह कोसी मार्ग आदि मार्गों पर श्रद्धालुओं के लिए आराम करने के लिए कुर्सियां आदि का भी निर्माण किया जाये तथा सभी जगह पेयजल एवं शौचालय आदि की भी व्यवस्था की जाये। अयोध्या को विश्व स्तरीय स्मार्ट सिटी बनाने के लिए सभी विभागों द्वारा आपसी समन्वय से कार्य किया जाये। सड़क पर टहलने, बैठने एवं साइकिलिंग की भी व्यवस्था किया जाये। यह भी ध्यान रखा जाये कि सड़कों पर किसी भी प्रकार से अतिक्रमण न हों।           गुप्तारघाट आदि के घाटों के निर्माण तथा सौन्दर्यीकरण के सम्बन्ध में उन्होंने कहा कि गुप्तारघाट से नयाघाट के 8 किमी0 की दूरी को आम लोगों के लिए सुलभ बनाने हेतु सरयू नदी पर घाटों के निर्माण के साथ साथ हल्के वाहनों के आवागमन हेतु आवश्यकतानुसार कंक्रीट की सड़कों का निर्माण किया जाये।          

उन्होंने कहा कि जो परियोजनायें पूर्ण हो चुकी हैं, उनकों आम जनमानस के लिए उपयोगी बनाया जाये तथा अवशेष निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय से पूरा किया जाये। उन्होंने कहा कि अयोध्या के विकास कार्य से सम्बन्धित कोई भी प्रोजेक्ट भेजा जाये, उसे आवश्यकतानुसार उनके संज्ञान में भी लाया जाये, ताकि प्रोजेक्ट की स्वीकृति में विलम्ब न हो।      

    इससे पूर्व अयोध्या के विकास कार्यों का प्रस्तुतीकरण मण्डलायुक्त एम0पी0 अग्रवाल किया गया। उन्होंने बताया कि अयोध्या के विकास के लक्ष्य हेतु वृहद कार्ययोजना बनायी गयी है, जिसमें श्रद्वालुओं की संख्या में वृद्धि एवं मंदिर निर्माण को देखते हुये लक्ष्य निर्धारित किये गये हैं जिसमें वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र, पर्यटन केंद्र, सस्टेनेबल स्मार्ट सिटी तथा सांस्कृतिक अयोध्या, आधुनिक अयोध्या, सुगम्य अयोध्या, सुरम्य अयोध्या, भावनात्मक अयोध्या, स्वच्छ अयोध्या, आयुष्मान अयोध्या, सक्षम अयोध्या आदि को केन्द्र में रखा गया है।           उन्होंने बताया कि अयोध्या में 110 परियोजनाएं चल रही है तथा 45 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी है। इसमें लगभग 28 कार्यकारी विभाग है तथा योजनाओं की कुल लागत लगभग 16 हजार करोड़ रुपये है, जिसमें मुख्य रूप से 08 कुंडो का कायाकल्प, जल शुद्धीकरण, अयोध्या का सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना, अयोध्या के चयनित ऐतिहासिक स्थलों पर सरफेस सुधार, भित्ति चित्र, कलाकृति बनाना, अयोध्या बाईपास के पास मल्टीलेबल कार पार्किंग, पंचकोसी परिक्रमा मार्ग, राम की पैड़ी, नये बस डिपो का निर्माण आदि कार्य पूर्ण हो चुके हैं, उसको जनोपयोगी बनाया जायेगा।         

इसके अतिरिक्त रामायण सर्किट थीम पर आधारित अयोध्या मुख्य एवं फुटपाथ मार्ग का नवीनीकरण करना, 5 स्थानों भजन संध्या स्थल, रामकथा पार्क, मशीनीकृत कार पार्किंग एवं रेस्टोरेंट, सांस्कृतिक मंच आडियोटोरियम, मुक्ताकाशी मंच आदि को थ्री पीपी मॉडल पर रख रखाव करना, अन्तर्राष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में आर्ट गैलरी बनाना, अयोध्या शोध संस्थान का आधुनिकीकरण करना, शहर को मानक मापदण्डों के अनुसार विकसित करना, इसके लिए दीर्घकालिक पेयजल योजना बनाना, मुख्य अयोध्या के 15 वार्डो के गलियों एवं सड़कों का निर्माण करना, मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण करना, अयोध्या रेलवे स्टेशन का बेहतर निर्माण करना तथा शहर के प्रमुख स्थान, टेढ़ीबाजार चैराहा, कौशलेश कुंड, कलेक्ट्रेट कार्यालय, जलकल अमानीगंज, श्रीराम गुलेरा मंदिर के सामने वाहन पार्किंग एवं दुकानों का निर्माण करना, कम्प्रेहेंसीब मोबिलिटी प्लान बनाना, समेकित ट्रैफ्रिक मैनेजमेंट प्लान बनाना, अयोध्या के जुड़वा शहर के मुख्य मार्ग सहादतगंज से नयाघाट तक तथा सुग्रीव किला से रामजन्म मंदिर मार्ग एवं श्रृंगार हाट से राम जन्मभूमि मंदिर मार्ग को विकसित करने हेतु रू0 लगभग 1080 करोड़ की योजना है। इसको समयबद्व ढंग से लागू करना है। अयोध्या के गुप्तारघाट से नयाघाट के सरयू नदी तट को बेहतर बनाना आदि प्रमुख कार्य है।          

बैठक में अयोध्या के जिलाधिकारी नितीश कुमार, नगर आयुक्त विशाल सिंह सहित अन्य विभागों के मण्डलीय अधिकारी, कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा विभागीय अधिकारीगण आदि उपस्थित थे। 


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