मथुरा। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने कहा है कि प्रदेश सरकार को कैराना में एक समुदाय के पलायन संबंधी राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की रिपोर्ट का संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए। हालांकि प्रदेश सरकार के कामकाज पर उन्होंने यह कहते हुए टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया कि विधानसभा चुनाव अब निकट हैं, लिहाजा फैसला जनता को वोट के जरिए करने दीजिए।
आज राम-कृष्ण मिशन सेवाश्रम में पत्रकारों से वार्ता में राज्यपाल ने कहा कि कैराना में पलायन का मुद्दा प्रदेश की खराब होती कानून व्यवस्था से जुड़ा है और सरकार की यह जिम्मेदारी बनती है कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करे। गौरतलब है कि 21 सितंबर को एनएचआरसी ने प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को कैराना से समुदाय विशेष के पलायन पर नोटिस जारी कर आठ सप्ताह में जवाब देने को कहा है। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश सरकार के कामकाज पर वह नजर रखे हुए हैं, लेकिन चूंकि विधान सभा चुनाव के छह माह ही रह गए हैं, ऐसे में सरकार के कामकाज पर टिप्पणी करना राज्यपाल पद की गरिमा के खिलाफ होगा। श्री नाईक ने कहा कि उड़ी आतंकी हमले को लेकर केंद्र सरकार गंभीर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गृहमंत्री, रक्षामंत्री, विदेश मंत्री व सेना प्रमुख के साथ बैठक कर अहम निर्णय लिया है। कार्रवाई नजर आएगी।
जो सहज है, वहीं सुंदर है। पांच सितारा होटल या बनावटीपन में वह सुंदरता नहीं होती जो सहजता में होती है। रोगियों और गरीब-असहायों की सेवा से बढ़कर इस धरा पर कोई दूसरा पुण्य कार्य नहीं। आज वृंदावन के रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में निवेदिता नर्सेज हॉस्टल का उद्घाटन करने पहुंचे उप्र के राज्यपाल राम नाईक ने ये बातें कहीं।
श्री नाईक ने 120 छात्राओं की क्षमता वाले हॉस्टल का लोकार्पण करते हुए कहा कि 24 घंटे में कोई भी डॉक्टर विजिट पर रोगी के पास बमुश्किल पांच मिनट के लिए आता है, लेकिन नर्स 24 घंटे रोगी की सेवा सुश्रूषा करती है। नर्सों की मुस्कराहट रोगियों का आधा दर्द कम कर देती है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने पूरी दुनिया को वसुधैव कुटुंबकम का मंत्र देते हुए दीन-हीनों की सेवा का रास्ता दिखाया था। बसुधैव कुटुंबकम का मतलब है-सारी दुनिया एक परिवार है, सबका दुख-दर्द आपस में मिलकर बांटो। स्वामी विवेकानंद महान व्यक्ति थे और रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम उनकी कल्पना को साकार कर रहा है।
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