गुजरात दंगा भड़काने वाले मोदी का मुझे डर नहीं: राहुल


नई दिल्ली। पहली बार किसी न्यूज चैनल पर बातचीत के दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भाजपा पर सीधा हमला करते हुए कहा है कि उन्हें मोदी से मुकाबले का कोई डर नहीं है। उन्होंने कहा कि वह अपने प्रियजनों को खो चुके हैं। अब उन्हें किसी से डर नहीं लगता। उन्होंने आरोप लगाया कि 2002 दंगों को न सिर्फ गुजरात सरकार ने भड़काया, बल्कि वह सक्रिय तौर पर इसमें शामिल भी रही। आम चुनाव से जुड़े सवाल पर उन्होंने भरोसा जताया कि उनकी पार्टी भाजपा को शिकस्त देगी।
कांग्रेस उपाध्यक्ष से जब पूछा गया, ‘क्या आप भाजपा के पीएम प्रत्याशी नरेंद्र मोदी से सीधे मुकाबले से कतराते हैं, तो उन्होंने कहा कि वह अपने पिता और अपनी दादी को गुजरते हुए देख चुके हैं। अब उन्हें किसी चीज से डर नहीं लगता।’ यही नहीं उन्होंने सवाल किया कि आखिर उन्हें किस चीज से डरना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘जब मैं बच्चा था, मैंने देखा कि तत्कालीन हालात के कारण मेरे पायलट पिता को राजनीति में झोंक दिया गया। मेरी दादी की मौत के बाद मेरे पिता लगातार देश की व्यवस्था से लड़ते रहे। उसके बाद मैंने देखा कि उनकी हत्या कर दी गई। अपने जीवन में मैंने अपने पिता और दादी की मौत देखी। मैंने अपनी दादी को जेल जाते देखा। उस वक्त मुझे लंबे तकलीफ के दौर से गुजरना पड़ा। इस सब के बाद अब ऐसा कुछ भी नहीं जिससे मुझे डर लगे।’
राहुल ने कहा कि वह महाभारत के अर्जुन की तरह हैं और उनकी नजर सिर्फ एक चीज पर टिकी है। कोई उनसे मोदी के बारे में पूछे या किसी और चीज के बारे में, उनकी नजर सिर्फ देश की मौजूदा व्यवस्था को बदलने पर है। उन्हें नजर आते हैं देश के करोड़ों युवा और दूसरे किसी भी देश से कहीं ज्यादा जोश व ऊर्जा। पीएम प्रत्याशी घोषित करने पर तंज कसते हुए राहुल ने कहा कि भाजपा एक व्यक्ति के हाथ में शक्ति को केंद्रित करने पर भरोसा करती है, जबकि वह इससे असहमत हैं। राहुल के मुताबिक वह लोकतंत्र में विश्वास करते हैं। वह आरटीआइ और लोगों को शक्ति सौंपने में भरोसा करते हैं। उनके मुताबिक, कांग्रेस और भाजपा का मौलिक सिद्धांत ही अलग है। कांग्रेस घर-घर तक लोकतंत्र को पहुंचाना चाहती है, जबकि भाजपा व्यक्तिवादी सिद्धांत पर चल रही है।

गुजरात दंगों को लेकर उन्होंने कहा कि 2002 दंगे हुए थे और उसके लिए नरेंद्र मोदी ही जिम्मेदार हैं, क्योंकि उस समय वह राज्य के सीएम थे। गुजरात सरकार ने दंगों को होने दिया। सिख दंगों पर राहुल ने कहा कि 1984 और 2002 में बहुत फर्क है। सिख दंगों के दौरान सरकार कत्लेआम में शामिल नहीं थी, जबकि गुजरात में राज्य सरकार ने दंगाइयों का साथ दिया। सवाल से पीछा छुड़ाते हुए उन्होंने प्रश्न दागा कि आखिर क्यों महिलाएं सड़क पर जाने से डरती हैं। जब उनसे 84 दंगों को लेकर माफी मांगने को कहा गया तो उन्होंने कहा कि वह सिख दंगों में शामिल नहीं थे। इस दौरान वह आरटीआइ की तारीफ करना और भ्रष्टाचार के मामलों में फंसे अपने नेताओं पर कार्रवाई का जिक्र करना भी नहीं भूले।


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