UP में निवेश प्रस्तावों के त्वरित कार्यान्वयन हेतु स्थापित किया नया एम.ओ.यू. अनुश्रवण तंत्र


  • नया ऑनलाइन एम.ओ.यू. ट्रैकिंग पोर्टल राज्य के सिंगल विण्डो पोर्टल – निवेश मित्र से एकीकृत
  • राज्य सरकार एवं निवेषकों के मध्य हस्ताक्षरित एम.ओ.यू. सेक्टर के अनुसार विभागों से मैप किए जाएंगे तथा ट्रैकिंग पोर्टल पर अपडेट किए जाएंगे
  • निवेश की प्रस्तावित धनराशि के अनुसार सेक्टर की विषेषज्ञता का लाभ उठाने के लिए प्रत्येक एम.ओ.यू. के लिए समर्पित विभागीय नोडल अधिकारी नामित किए जाएंगे

लखनऊ |    कोविड-लॉकडाउन के बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उद्योगों के पुनर्संचालन और राज्य में नए निवेश को आकर्षित करने के लिए उठाए जा रहे अनेक कदमों की कड़ी में  मुख्यमंत्री, श्री योगी आदित्यनाथ  के निर्देषानुसार राज्य सरकार ने अब निवेषकों की सुविधा, निवेश परियोजनाओं की ट्रैकिंग तथा त्वरित कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए एक नया समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू.) अनुश्रवण तंत्र स्थापित किया है। मंत्री, औद्योगिक विकास, श्री सतीश  महाना ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के सुदपयोग से स्थापित इस नवीन व्यवस्था के अन्तर्गत सरकार के प्रत्येक स्तर पर निवेष प्रस्तावों के कार्यान्वयन एवं परियोजनाओं की वास्तविक प्रगति का आॅनलाइन अनुश्रवण सम्भव हो सकेगा, जिससे विद्यमान निवेषकों को सुविधा होगी तथा नये उद्यमियों में प्रदेष में निवेष के वातावरण में विष्वास स्थापित होगा।

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव, श्री राजेन्द्र कुमार तिवारी ने अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (आईआईडीसी), कृषि उत्पादन आयुक्त (एपीसी), राज्य के सभी अपर मुख्य सचिवों, सचिवों और मण्डलायुक्तों को निवेशकों की सुविधा और उनकी परियोजनाओं के समय पर कार्यान्वयन को सुनिष्चित करने के लिए नई व्यवस्था के प्राविधानों व प्रक्रियाओं के सख्त अनुपालन के लिए निर्देशित किया है।
नवीन तंत्र के उद्देश्यों के विषय में मुख्य सचिव ने कहा है कि इससे राज्य में परियोजनाओं के जीवन-चक्र की अवधि में निवेश परियोजना अनुश्रवण तंत्र का संस्थागतकरण होने के साथ ही एम.ओ.यू. क्रियान्वयन के लिए प्रक्रिया का मानकीकरण करने का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से न केवल निवेशकों तथा सरकार के अन्य समस्त हितधारकों को सिंगल इंटरैक्टिव प्लेटफाॅर्म उपलब्ध होगा, बल्कि निवेशकों की सुविधा आवश्यकताओं को चिन्हित कर निवेष की प्रक्रिया को सुगम बनाने तथा प्रभावी लक्ष्यीकरण में भी मदद मिलेगी। एम.ओ.यू. ट्रैकिंग पोर्टल के माध्यम से विभागों के साथ ऑनलाइन संचार व संवाद के लिए निवेशकों को एक विकल्प उपलब्ध होगा।
उपर्युक्त निर्देश् मुख्य सचिव द्वारा एक शासनादेश के माध्यम से आज जारी किए गए हैं।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, श्री आलोक टण्डन ने कहा कि सरकार के विभिन्न स्तरों पर सघन समीक्षा और अनुश्रवण के परिणामस्वरूप यू.पी. इन्वेस्टर्स समिट-2018 में प्राप्त 1045 एम.ओ.यू. में से 371 एम.ओ.यू. कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं और 17 मार्च 2020 तक इन 371 एम.ओ.यू. में से 106 परियोजनाओं में वाणिज्यिक संचालन को सफलतापूर्वक शुरू हो गया था। तथापि सरकार द्वारा यह अनुभव किया गया कि प्रदेष में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों द्वारा रुचि प्रकट करने के दृष्टिगत निवेश परियोजनाओं के अनुश्रवण तथा सुविधाजनक व निर्बाध रूप से त्वरित क्रियान्वयन हेतु एक सुगम संस्थागत तंत्र के माध्यम से राज्य में स्थापित की जा रहीं निवेश परियोजनाओं के जीवन-चक्र का अधिक प्रभावी अनुश्रवण किए जाने की आवष्यकता है।
प्रमुख सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, श्री आलोक कुमार ने सूचित किया कि नए तंत्र के अन्तर्गत सभी संबंधित विभागों को एम.ओ.यू. के कार्यान्वयन के लिए एक समर्पित नोडल अधिकारी नियुक्त करना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य के सिंगल विण्डो पोर्टल, निवेष मित्र के साथ एकीकृत एम.ओ.यू. ट्रैकिंग पोर्टल, सिस्टम को डिजिटल और वास्तविक समय में पारदर्शिता प्रदान करेगा, जबकि सेक्टर के अनुसार एम.ओ.यूज़ के अनुश्रवण हेतु विभिन्न विभागों को आवंटित करने से उनकी डोमेन विशेषज्ञता का बेहतर उपयोग हो सकेगा।

नये तंत्र के अन्तर्गत समस्त सम्बंधित विभागों को पोर्टल के उपयोगार्थ दो पृथक-पृथक लॉगिन आईडी प्रदान किए जा चुके हैं। इसमें से एक विभाग के प्रशासनिक प्रमुख (अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव) के लिए है तथा दूसरा विभाग द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारी के उपयोग के लिए है। इसी प्रकार सभी मण्डलायुक्तों भी नये लाॅगिन आईडी के माध्यम से पोर्टल का उपयोग कर सकेंगे।
  प्रत्येक एम.ओ.यू. हेतु नोडल अधिकारी इस प्रकार नियुक्त किए जाएंगे –
रु. 500 करोड़ से कम के निवेश प्रस्ताव हेतु – मण्डल स्तर के अधिकारी
रु. 500 करोड़ से रु. 2000 करोड़ तक के निवेश प्रस्ताव हेतु – विषेष सचिव/निदेषक स्तर के अधिकारी
रु. 2000 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव हेतु अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव
वर्तमान में विद्यमान समस्त एम.ओ.यूज़ का विवरण उक्त पोर्टल पर पूर्व से ही उपलब्ध होगा तथा प्रत्येक एम.ओ.यू. सम्बंधित विभाग के साथ मैप होगा। एम.ओ.यू. के सफल व त्वरित क्रियान्वयन का सम्पूर्ण उत्तरदायित्व सम्बंधित एम.ओ.यू. विभाग का होगा।
उत्तर प्रदेश सरकार के किसी भी विभाग के साथ हस्ताक्षरित समस्त नवीन एम.ओ.यू. की प्रविष्टि एम.ओ.यू. ट्रैकिंग पोर्टल में करना अनिवार्य होगा।
एम.ओ.यूज़ का अनुश्रवण एम.ओ.यू. ट्रैकिंग पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा तथा एम.ओ.यू. विभाग द्वारा बहुस्तरीय मासिक बैठकें आयोजित करवाई जाएंगी। कृषि एवं सम्बंधित क्षेत्रों के रु. 2,000 करोड़ से अधिक के एम.ओ.यूज़ की समीक्षा बैठक कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में होगी, जबकि अन्य समस्त क्षेत्रों के   रु. 2,000 करोड़ से अधिक के एम.ओ.यूज़ की समीक्षा बैठक अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में होगी।
रु. 500 करोड़ से रु. 2,000 करोड़ तक के एम.ओ.यूज़ की समीक्षा बैठक सम्बंधित एम.ओ.यू. विभाग के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव की अध्यक्षता में तथा रु. 500 करोड़ से कम के एम.ओ.यूज़ की समीक्षा बैठक सम्बंधित मण्डल, जहां परियोजना प्रस्तावित हो, के मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित होगी।
जिन विभागों केे एम.ओ.यूज़ में प्रस्तावित निवेश की कुल धनराशि रु. 1 लाख करोड़ हो अथवा एम.ओ.यूज़ की संख्या 200 से अधिक होगी, उन विभागों में एम.ओ.यूज़ के क्रियान्वयन के लिए एक प्रोजेक्ट माॅनिटरिंग यूनिट (पी.एम.यू.) की स्थापना की जाएगी तथा जिन विभागों से संबंधित एम.ओ.यूज़ की संख्या अथवा प्रस्तावित निवेश की धनराशि उपर्लिखित से कम होगी, उन विभागों में एम.ओ.यू. अनुश्रवण प्रकोष्ठ स्थापित किये जाएंगे। सम्बंधित अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव (प्रशासनिक प्रमुख) पी.एम.यू. के अध्यक्ष होंगे।
नये एम.ओ.यू. अनुश्रवण तंत्र के तकनीकी प्रबन्धन के लिए उद्योग बन्धु होगी नोडल संस्था होगी।

Scroll To Top
Translate »