नोएडा में प्रदूषण फैलाने पर पांच लाख रुपये तक का होगा जुर्माना, डीएम ने दिए निर्देश


नोएडा | नोएडा में प्रदूषण की रोकथाम के लिए प्रशासन, प्राधिकरण व प्रदूषण विभाग अभियान चला रहे हैं। बुधवार को जिलाधिकारी ने ऑनलाइन बैठक में कहा कि सभी विभाग व अफसर मिलकर हर हाल में प्रदूषण की रोकथाम के लिए कठोर कदम उठाएं। टीम दौरा करके और जहां भी प्रदूषण हो रहा है, जिम्मेदार एजेंसियों के खिलाफ जुर्माने के साथ कड़ी कार्रवाई करें।जिला अधिकारी सुहास एलवाई ने अधिकारियों को कहा कि वायु प्रदूषण के लिहाज से जिला बेहद संवेदनशील है। सभी संबंधित अफसर अभियान चलाकर प्रदूषण फैलाने वालों पर कठोर कार्रवाई करें। उड़ती धूल को रोकने के लिए पानी का छिड़काव कर एनजीटी के नियमों का पालन कराया जाए। परिवहन विभाग वाहनों के खिलाफ अभियान चलाएं।
इसके अलावा उन्होंने यूपीएसआईडीसी, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को भी दिशा निर्देश दिए। बैठक में डीसीपी पुलिस गणेश शाह, मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन दिवाकर सिंह, डीएफओ पीके श्रीवास्तव और प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड, प्राधिकरण व अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
प्रदूषण विभाग ने लगाया 1.30 लाख का जुर्माना
प्रदूषण विभाग की टीम ने नियमों के उल्लंघन पर अलग-अलग लोगों पर 1.30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। क्षेत्रीय अधिकारी प्रवीन कुमार ने बताया कि सेक्टर-96 के सामने अंडरपास का निर्माण कार्य चल रहा है। यहां पर नियमों का पालन नहीं हो रहा था। इसे लेकर प्राधिकरण के ठेकेदार पर 50,000 रुपये जुर्माना लगाया गया।

इसके अलावा सेक्टर-116 में तीन घरों में निर्माण कार्य चलता मिला। धूल मिट्टी उड़ रही थी। यहां पर घर मालिकों पर 30-30 हजार और एक घर मालिक पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
प्राधिकरण ने किया 2.20 लाख का जुर्माना
प्रदूषण फैला रहीं अलग-अलग एजेंसियों पर प्राधिकरण ने 2.20 लाख रुपये का जुर्माना किया। वर्क सर्किल 1 में 30000, वर्क सर्किल 6 ने 5000, वर्क सर्किल 8 में तीन मामलों में 60,000, वर्क सर्किल 9 ने दो मामलों में 20000 रुपये का जुर्माना लगाया। जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से मैसर्स आरआर फैसिलिटी व राजेश इंटरप्राइजेज पर मानकों के अनुरूप कार्य न करने से एक लाख रुपये का जुर्माना किया गया।

एक दुकानदार पर गंदगी फैलाने पर 5000 का अर्थदंड लगाया गया। वहीं, प्राधिकरण के वर्क सर्किल 1 से 10 के अंतर्गत नोएडा के समस्त क्षेत्र में 74 टैंकरों से 105 किलोमीटर सड़कों पर पानी का छिड़काव कराया गया। कुल 300 टन निर्माण मलबा उठाया और निस्तारण के लिए सेक्टर-80 के प्लांट में भेजा।

नरेडको ने प्रदूषण रोकने को उठाए कदम
बिल्डरों की संस्था नरेडको यूपी ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा एनसीआर में प्रदूषण की बढ़ती समस्या को देखते हुए सभी सदस्यों को प्रदूषण विभाग की गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश जारी किए। नरेडको यूपी के सभी डेवलपर सदस्यों को निर्माणाधीन साइट पर एंटी स्मॉग गन और नियमित पानी का छिड़काव करने को कहा गया।

इसके अलावा निर्माण सामग्रियों को भी ढंक कर रखना होगा। ऐसी सामग्री को आने-जाने के समय ठीक से कवर कर रखना होगा। इस बारे में सुपरटेक के चेयरमैन व नरेडको यूपी के प्रेसिडेंट आरके अरोड़ा ने बताया कि सभी डेवलपर्स को गाइडलाइंस का पालन करने को कहा गया है। सुपरटेक की सभी साइट सुपरनोवा, केपटाउन, इको विलेज 1, 2 और 3 आदि साइट पर एंटी स्मॉग गन लगा दी गई है। प्रदूषण से बचाव के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

प्रदूषण फैलाने पर पांच लाख रुपये तक का होगा जुर्माना
ग्रेप के तहत प्रदूषण फैलाने पर जुर्माने के संबंध में एनजीटी ने एक नियम जारी किया गया है। 100 वर्गमीटर तक निर्माणाधीन या निर्मित इमारत में किसी भी प्रकार के प्रदूषण के नियमों के उल्लंघन पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगेगा।

इसी तरह से 100-200 वर्गमीटर के लिए 20,000 रुपये, 200 से 500 वर्गमीटर के लिए 30,000 रुपये, 500 से 20000 वर्गमीटर के लिए 50,000 रुपये और 20000 और उससे ज्यादा के लिए 5 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया।



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