गौतमबुद्धनगर में प्रस्तावित फिल्म सिटी भारत की पहचान का प्रतीक बनेगा—मुख्यमंत्री योगी


मुख्यमंत्री ने उ0प्र0 में डेडिकेटेड इन्फोटेनमेण्ट (फिल्म सिटी) जोन की स्थापना के सम्बन्ध में फिल्म जगत के महानुभावों के साथ बैठक की,प्रदेश सरकार फिल्म सिटी परियोजना को द्रुत गति से आगे बढ़ाने के लिए पूरी सक्रियता से कार्य करेगी: मुख्यमंत्री

लखनऊ | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर उत्तर प्रदेश में डेडिकेटेड इन्फोटेनमेण्ट (फिल्म सिटी) जोन की स्थापना के सम्बन्ध में फिल्म जगत से जुड़े महानुभावों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री ने फिल्म जगत के प्रतिनिधियों के साथ इस सम्बन्ध में प्रत्यक्ष एवं वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार फिल्म सिटी परियोजना को द्रुत गति से आगे बढ़ाने के लिए पूरी सक्रियता से कार्य करेगी। ज्ञातव्य है कि इस फिल्म सिटी को डेडिकेटेड इन्फोटेनमेण्ट जोन के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां वल्र्ड क्लास डेटा सेण्टर भी बनाए जाएंगे। इससे आने वाले समय में इण्टरनेट इनेबल्ड कण्टेण्ट डिस्ट्रीब्यूशन तथा वर्चुअल रियलिटी आदि, जोकि सॉफ्टवेयर व डेटा डिपेण्डेण्ट होते हैं, के लिए फ्यूचर प्रूफ व्यवस्था प्रारम्भ से उपलब्ध हो सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारतीय संस्कृति और परम्परा का केन्द्र बिन्दु है। प्राचीन पौराणिक काल खण्ड से लेकर अर्वाचीन समय में देश की आजादी की लड़ाई में उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। दुनिया की सबसे प्राचीन नगरी काशी, मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की जन्मभूमि, भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि, गंगा-यमुना के संगम की स्थली उत्तर प्रदेश में है। नैमिष तीर्थ जहां श्रीमद्भागवत पुराण का सर्वप्रथम वाचन हुआ, वह भी उत्तर प्रदेश में है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शुक्र तीर्थ, चित्रकूट तथा श्रृंगवेरपुर आदि भी हमारे राज्य में हैं। स्वाभाविक रूप से वैदिक काल से लेकर वर्तमान काल खण्ड तक भारतीय परम्परा, संस्कृति और सभ्यता की सबसे महत्वपूर्ण धरती उत्तर प्रदेश रही है। बुद्ध, महावीर और कबीर विश्व को उत्तर प्रदेश की देन हैं। गंगा और यमुना जैसी पवित्र नदियां भी दुनिया को उत्तर प्रदेश दे रहा है। राज्य ने प्रत्येक काल खण्ड में योगदान किया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि वैदिक काल, रामायण काल के स्थानों सहित महाभारत काल का हस्तिनापुर भी उत्तर प्रदेश में ही है। शकुन्तला पुत्र भरत के नाम पर हमारे देश का नाम भारत पड़ा। यह हस्तिनापुर के आसपास का क्षेत्र था। इसलिए जनपद गौतमबुद्धनगर में प्रस्तावित फिल्म सिटी भारत की पहचान का प्रतीक बनेगा। यह यमुना और गंगा के बीच का भू-भाग है। इस क्षेत्र ने राष्ट्र निर्माण में बहुत बड़ा योगदान दिया है। मध्य काल में जब हमले हो रहे थे, तब भी यह क्षेत्र लड़ता रहा, जूझता रहा। देश की आजादी में भी इस क्षेत्र की भूमिका को कोई नकार नहीं सकता है। प्रथम स्वातन्त्र्य समर से लेकर उसके बाद के काल खण्ड में इस भू-भाग का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। एक संस्कृति कर्मी और एक रंगकर्मी की दृष्टि से यदि फिल्म सिटी के प्रस्तावित स्थल को देखें तो यह भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा के नजदीक है। यह सम्पूर्ण क्षेत्र भारत की वैदिक, पौराणिक एवं आध्यात्मिक परम्पराओं को जोड़ता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध है। जेवर, जनपद गौतमबुद्ध नगर में एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट लगभग 5,000 एकड़ भूमि में निर्मित होने जा रहा है। इसका कार्य अगले माह प्रारम्भ होने जा रहा है। यह हवाई अड्डा ग्रीनफील्ड इण्टरनेशनल एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया जा रहा है। हमारा प्रयास रहेगा कि वर्ष 2023 तक इसे फंक्शनल कर दिया जाए। इस क्षेत्र में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए अन्य कार्य भी किये गये हैं। इस सम्पूर्ण क्षेत्र में मेट्रो तथा 4-लेन रोड कनेक्टिविटी उपलब्ध है। मेट्रो की आधुनिक सुविधाओं के साथ ही इस क्षेत्र को जोड़ने जा रहे हैं। नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण तथा यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण के साथ बैठक की गयी हैं। यह केवल फिल्म सिटी तक ही सीमित नहीं रहेगा। हम वहां वल्र्ड क्लास इलेक्ट्राॅनिक सिटी देने जा रहे हैं। साथ-साथ वल्र्ड क्लास फाइनेंशियल सिटी भी प्रस्तावित करने जा रहे हैं, जहां हर प्रकार की आर्थिक और वित्तीय गतिविधियों का संचालन किया जा सकेगा।

फिल्म बन्धु, उ0प्र0 केे अध्यक्ष तथा अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह श्री अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि जनपद गौतमबुद्धनगर में प्रस्तावित फिल्म सिटी वर्तमान सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों के सकारात्मक प्रयासों से ‘ईज़ आॅफ डूईंग बिजनेस’ में उत्तर प्रदेश ने देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की फिल्म पाॅलिसी के तहत सुरक्षा भी प्रदान की जाएगी।
यमुना एक्सप्रेस-वे इण्डस्ट्रियल डेवलपमेन्ट अथाॅरिटी के सी0ई0ओ0 डाॅ0 अरुणवीर सिंह ने जनपद गौतमबुद्धनगर में प्रस्तावित फिल्म सिटी के विषय में कहा कि यह क्षेत्र एन0सी0आर0 में स्थित है। इसलिए देश के सभी क्षेत्रों की यहां से अच्छी कनेक्टीविटी उपलब्ध है। यहां स्किल्ड मैन पावर सहित अन्य जरूरी सुविधाएं फिल्म निर्माताओं को मिल सकेंगी।
इस मौके पर श्री अशोक पण्डित ने फिल्म जगत की ओर से मुख्यमंत्री को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में फिल्म गतिविधियों के विकास की अपार सम्भावनाएं हैं। फिल्म गतिविधियों के माध्यम से देश-विदेश के लोग उत्तर प्रदेश की संस्कृति को जान सकेंगे।
श्री नितिन देसाई ने कहा कि फिल्म उद्योग में एक बहुत बड़ी इकोनाॅमी है। मुख्यमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश में फिल्म सिटी निर्माण के सम्बन्ध में जो कदम उठाया है, वह निश्चित ही उत्तर प्रदेश की तस्वीर को बदलेगा। इससे यहां फिल्म टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा, जिससे बड़े पैमाने पर लोगों को रोजगार मिलेगा। श्री विनोद बच्चन ने कहा कि भारतीय सिनेमा का अपना एक विशिष्ट महत्व है। हर कस्बे तक सिनेमा पहंुचे इसलिए थियेटर को भी बढ़ाने की आवश्यकता है। श्री अनूप जलोटा, श्री उदित नारायण, श्री शैलेश सिंह, श्री पदम देनू कुमार, श्री विजयेन्द्र प्रसाद, श्री कैलाश खेर, श्री संदीप सिंह तथा श्री मनोज जोशी ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर श्री अनुपम खेर ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से फिल्म सिटी के निर्माण के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह दिन फिल्म जगत के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। श्री परेश रावल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में फिल्म सिटी की दृष्टि से अपार सम्भावनाएं हैं। श्री सतीश कौशिक ने कहा कि अभी तक हिन्दी फिल्मों के लिए एक दरवाजा था, लेकिन उत्तर प्रदेश में फिल्म सिटी बनने के बाद दूसरा दरवाजा खुल जाएगा। सुश्री सौन्दर्या ने कहा कि फिल्म निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश एक बेहतरीन डेस्टिनेशन है। श्री मनोज मुन्तशिर ने कहा कि अभी तक हिन्दी भाषा के पास सिनेमा तो था, लेकिन जमीन नहीं थी। श्री विनोद अग्निहोत्री ने कहा कि फिल्म सिटी बनने से हिन्दी फिल्मों को एक मजबूत आधार मिलेगा। इस अवसर पर न्यू जर्सी, यू0एस0ए0 से सुश्री अनामिका श्रीवास्तव ने भी मुख्यमंत्री से बात की। उन्होंने कहा कि फिल्में बच्चों को प्रेरित करती हैं। इसलिए इसको ध्यान में रखते हुए फिल्मों का निर्माण किया जाना चाहिए।
इस अवसर पर फिल्म विकास परिषद, उ0प्र0 के अध्यक्ष श्री राजू श्रीवास्तव ने कहा कि मुख्यमंत्री जी जो संकल्प करते हैं, उसे साकार करते हैं। उन्होंने सभी के प्रति आभार प्रकट किया।
इस अवसर पर अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त श्री आलोक टण्डन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री श्री एस0पी0 गोयल, विशेष कार्याधिकारी मुख्यमंत्री श्री संजीव सिंह, फिल्म बन्धु के सदस्य सचिव एवं सूचना निदेशक श्री शिशिर सहित अन्य महानुभाव उपस्थित थे।



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