
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, मेरा मंदिर जाना ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ नहीं है। पर इससे भाजपा को परेशानी होती है। भाजपा हर चीज पर अपना एकाधिकार चाहती है। मैं तो पिछले 16 सालों से मंदिर, गुरुद्वारा और मसजिद जा रहा हूं। पर गुजरात चुनाव से यह संकेत गया कि मैं सिर्फ मंदिर जा रहा हूं। यह बात मुझे अभी तक समझ नहीं आई कि मैं मंदिर, गुरुद्वारा, मसजिद और गिरजाघर क्यों नहीं जा सकता। हिंदू धर्म और हिंदुत्व में अंतर बताते हुए उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म एक दर्शन है जबकि हिंदुत्व एक राजनीतिक विचारधारा है।
राहुल गांधी ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद अगर सहयोगी दल चाहेंगे, तो वह प्रधानमंत्री बन सकते हैं। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को अधिक सीट मिलने की उम्मीद जताते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने यह फैसला किया है कि चुनाव में दो चरण की प्रक्रिया होगी। पहले चरण में हम मिलकर भाजपा को हराएंगे। चुनाव के बाद दूसरे चरण में प्रधानमंत्री के बारे में फैसला करेंगे। यह सवाल किए जाने पर अगर सहयोगी दल उन्हें प्रधानमंत्री बनाना चाहेंगे तो उनका क्या रुख होगा, कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि तब वह निश्चित तौर पर प्रधानमंत्री बनेंगे।
आरएसएस पर बार-बार हमला किए जाने से जुड़े एक सवाल पर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि एक तरह से वैचारिक युद्ध चल रहा है। भाजपा की विचारधारा को आरएसएस परिभाषित करता है। भाजपा जिन मुख्य विचारों को लेकर लड़ रही है, वह आरएसएस के विचार हैं। दूसरी तरफ, कई नजरिए आरएसएस के खिलाफ लड़ रहे हैं और कांग्रेस इसका वैचारिक केंद्र हैं। राहुल ने कहा कि कांग्रेस खुद एक विचारधारा है। वह सबको जोड़ने, संवाद करने और सभी को साथ लेकर चलने की है। यह विचार अब तक सफल रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की विदेश नीति में कोई रणनीतिक विचार नहीं है। डोकाला का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार एक बार कुछ करती है और उसके बाद कुछ और करती है। सरकार की विदेश नीति की वजह से ही नेपाल और मालदीव भारत से दूर हुए हैं। पाकिस्तान पर उन्होंने कहा कि पाक एक अलग तरह का पड़ोसी है। वहां चार-पांच केंद्र है और समझ नहीं आता कि किससे बात करनी है। वह आतंकवादी घटनाएं भी कराता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच हमें जगह बनानी होगी।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी को आरएसएस की तरह कैडर वाली पार्टी बनाने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कभी आरएसएस की तरह कैडर नहीं बना सकती और उसे बनाना भी नहीं चाहिए। आरएसएस की कैडर व्यवस्था का मकसद संस्थाओं पर कब्जा करना है। हम ऐसा नहीं चाहते। हम चाहें भी तो ऐसा नहीं कर सकते, क्योंकि हमारा विचार ऐसा नहीं है। कांग्रेस सभी संस्थाओं को स्वतंत्र रखना चाहती हैं।
‘हिन्दुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट’ में जब उनसे पूछा गया कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई को वह कौन से तीन काम करेगी। उन्होंने कहा कि सबसे पहले छोटे और मझोले उद्योग को मजबूती प्रदान करुंगा। किसानों को यह यकीन दिलाऊंगा कि आप महत्वपूर्ण है। तीसरा काम वह उच्च स्तरीय मेडिकल और शिक्षा का इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का करेंगे।
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