
lucknow |अनुदानित महाविद्यालयों के स्ववित्तपोषित अनुमोदित शिक्षको को विनियमितिकरण के नाम विगत डेढ वर्ष से आश्वासन आश्वासन के बावजूद विनियमितिकरण की प्रक्रिया अभी तक सम्पन्न न होने से निराश गोरखनाथ मन्दिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गोरखपुर विश्वविद्यालय अनुदानित महाविद्यालय स्ववित्तपोषित अनुमोदित शिक्षक संघ के अध्यक्ष डां.राजेश मिश्र एवं महामंत्री डां.अमरेन्द्र चौबे के नेतृत्व में ज्ञापन सौपा गया।
उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा अभी 20 अगस्त को ही लखनऊ में शिक्षक प्रतिनिधियों के समक्ष ही अपने निजी सचिव श्री राजेश को आदेशित किया गया कि विगत डेढ वर्ष में अनुदानित महाविद्यालय विश्वविद्यालय स्ववित्तपोषित अनुमोदित शिक्षक संघ की मांग से सम्बन्धित स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम संचालित अनुदानित महाविद्यालयों के स्ववित्तपोषित अनुमोदित शिक्षको से सन्दर्भित निदेशालय उच्च शिक्षा इलाहाबाद द्वारा वांछित की गयी सम्पूर्ण सूचनाएं एवं शासन व सचिवालय में प्रक्रियाधीन पत्रावलियां अविलम्ब हमारे पटल पर उपलब्ध की जांय,जिससे निर्धारित उक्त समयावधि में अनुदानित महाविद्यालयों के स्ववित्तपोषित अनुमोदित शिक्षको की मांग को पूरा किया जा सके। किन्तु अभी तक कोई परिणाम सामने नहीं आ सका है।
शिक्षक संघ के गोरखपुर विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष डां.राजेश मिश्रा के अनुसार : अनुदानित महाविद्यालय विश्वविद्यालय स्ववित्तपोषित अनुमोदित शिक्षक संघ द्वारा उत्तर प्रदेश की पूर्ववर्ती बसपा एवं सपा सरकारो के कार्यकाल से ही विगत 18 वर्षो से अनुदानित महाविद्यालयों के स्ववित्तपोषित अनुमोदित शिक्षको को विनियमित करने सहित मुख्य रुप से 04. मांग की जाती रही है। जिस किसी भी पूर्ववर्ती सरकार द्वारा अब तक ध्यान नहीं दिया गया।
शिक्षक संघ की प्रमुख मांग :-
1 उत्तर प्रदेश के अनुदानित महाविद्यालयो में संचालित स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमो को वर्ष-2006 की भाँति अनुदान सूची पर लेते हुए ऐसे पाठ्यक्रमों में कार्यरत स्ववित्तपोषित अनुमोदित शिक्षको को विनियमित किया जाय।
2 केन्द्र सरकार की राष्ट्रीय उच्च शिक्षा गुणवत्ता प्रोत्साहन योजना के तहत नैक “ए” की अनिवार्यता वाध्यता को समाप्त कर प्रदेश के अनुदानित महाविद्यालयों में कार्यरत सभी स्ववित्तपोषित अनुमोदित शिक्षको को उक्त योजना के अनुसार लाभान्वित किया जाय।
3 उत्तर प्रदेश के अनुदानित महाविद्यालयों में कार्यरत स्ववित्तपोषित अनुमोदित शिक्षिको समान कार्य समान वेतन के अनुरुप यू.जी.सी.द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतनमान प्रदान किया जाय।
4 उत्तर प्रदेश के अनुदानित महाविद्यालयों में संचालित स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों को अनुदान सूची पर लेते हुए इनमें कार्यरत स्ववित्तपोषित शिक्षको को विनियमित कर भविष्य में अनुदानित महाविद्यालयों में स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों की मान्यता/सम्बद्धता बन्द कर एक ही संस्थान में दोहरी व्यवस्था को समाप्त किया जाय।
वर्ष-2017 में नवगठित भाजपा नीति योगी सरकार में मुख्यमंत्री के संज्ञान व निर्देश पर उच्च शिक्षा मंत्री डां.दिनेश शर्मा द्वारा शिक्षक संघ की उक्त मांगो के सम्बन्ध में प्रदेश के समस्त क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियो, विश्वविद्यालय कुलसचिवो एवं निदेशक उच्च शिक्षा इलाहाबाद द्वारा वांछित सूचना के सापेक्ष दिनांक 01 फरवरी 2018 को उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा स्वयं अध्यक्षता कर शिक्षक संघ प्रतिनिधियो के साथ शासन स्तर की अधिकारिक बैठक अनुदानित महाविद्यालयो के स्ववित्तपोषित अनुमोदित शिक्षको के विनियमितिकरण की सहमति के निर्णय के साथ सम्पन्न की गयी। किन्तु 01 फरवरी 2018 के निर्णय के बावजूद अभी तक शिक्षको का विनियमितिकरण सम्पन्न नहीं हो सका जिसके शीघ्र निस्तारण हेतु आज पुन: शिक्षको द्वारा मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाने के उद्देश्य से गोरखनाथ मन्दिर में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया।
इस अवसर पर डां.अखण्ड सिंह कौशिक डां.संजय मिश्र डां.संजय श्रीवास्तव डां.पंकज तिवारी डां.सुनील प्रसाद डां.फणीन्द्र तिवारी डां.पवन गुप्ता डां.अखिलेश मिश्रा डां.अनुराधा सिंह डां.क्षमता श्रीवास्तव डां.मधुलिका श्रीवास्तव डां.सगीता त्रिपाठी आदि शिक्षक व शिक्षिकाएं उपस्थित रही।
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