
नागपुर.| राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने दशहरे पर संबोधन में केंद्र सरकार की तारीफ की. उन्होंने सरकार अच्छा काम कर रही है. यह सरकार काम करने वाली है. उन्होंने कहा कि देश धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है लेकिन दुनिया की कुछ शक्तियां भारत के प्रभाव को नहीं चाहती. जिनकी दुकानें भेदों पर चलती हैं ऐसी ताकतें भारत को आगे बढ़ना नहीं देना चाहती. सर्जिकल स्ट्राइक शौर्यपूर्ण काम था. शासन के नेतृत्व में हमारी सेना ने साहस दिखाया है. देश के यशस्वी नेतृत्व ने पाकिस्तान को दुनिया में अलग-थलग कर दिया. कश्मीर के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि मीरपुर, गिलगित-बाल्टीस्तान और पीओके सहित पूरा कश्मीर भारत का हिस्सा है. कश्मीर के उपद्रवियों से निपटना होगा. कश्मीर की उपद्रवी शक्तियों को उकसाने का काम सीमा पार से हो रहा है. ये बात किसी से छुपील नहीं है पूरी दुनिया को यह पता है. साथ ही कहा कि कश्मीरी पंडितों को न्याय मिलना चाहिए.
भागवत ने कहा कि अभिनव गुप्त के बिना कश्मीरियत पूरी नहीं हो सकती. गौरतलब है कि अभिनव गुप्त 10वीं सदी के विद्वान थे. उनका जन्म कश्मीर में ही हुआ था. गौरक्षा के मुद्दे पर भागवत ने कहा कि संविधान के दायरे में गाय की रक्षा का काम होना चाहिए. हालांकि उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी बातों को बड़ी बना दिया जाता है. फिर एक बार पूरी दुनिया में भारत की सेना की प्रतिष्ठा ऊंची हो गई. उपद्रवी को संकेत मिला की सहन करने की मर्यादा होती है. हमारे समाज में जाति,वर्ग और भाषा के नाम पर कुछ घटनाएं होती हैं जो कि शर्मनाक हैं. जब इस तरह की घटनाएं होती हैं तो कुछ लोग लोगों में दरार पैदा करने की कोशिश करते हैं. आरएसएस के दशहरा कार्यक्रम में स्वयंसेवक पहली बार पैंट पहने नजर आए. इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नीतिन गडकरी और महाराष्ट्र केे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी शामिल हुए.
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